भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज़ में एक ऐसा नाम सुर्खियों में छाया रहा, जिसकी शानदार गेंदबाज़ी ने पूरे क्रिकेट जगत को हैरान कर दिया। 36 साल के दक्षिण अफ्रीकी ऑफ स्पिनर Simon Harmer ने भारत के खिलाफ इस टेस्ट दौरे में ऐसी गेंदबाज़ी की, कि उन्होंने दिग्गज डेल स्टेन का 17 साल पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया।
हार्मर ने दो मैचों की इस सीरीज़ में 17 विकेट चटकाते हुए भारत में किसी दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाज़ द्वारा एक टेस्ट सीरीज़ में सबसे अधिक विकेट लेने का नया रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले यह उपलब्धि 2008 में स्टेन के नाम थी, जिन्होंने तीन मैचों में 15 विकेट लिए थे।
यह उपलब्धि हार्मर को दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास में एक खास जगह दिलाती है। पहली बार भारत में टेस्ट सीरीज़ खेल रहे हार्मर ने जिस परिस्थितियों में यह कारनामा किया, वह और भी खास हो जाता है।
भारत में दक्षिण अफ्रीका के लिए सबसे सफल गेंदबाज़ बने Simon Harmer

भारत में गेंदबाज़ी करना हमेशा से विदेशी खिलाड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है, क्योंकि यहां की पिचें स्पिन को मदद जरूर देती हैं, लेकिन देशी बल्लेबाज़ स्पिन के बेहतरीन खिलाड़ी माने जाते हैं।
इसके बावजूद Simon Harmer ने अपनी सटीक लाइन, तेज़ टर्न और संयम से भारतीय बल्लेबाज़ों को बार-बार परेशान किया। पहले टेस्ट से लेकर दूसरे टेस्ट के आखिरी दिन तक हार्मर लगातार प्रेशर बनाते रहे और टीम के सबसे भरोसेमंद गेंदबाज़ बनकर उभरे।
उनके 17 विकेट सिर्फ आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि यह दिखाते हैं कि उन्होंने भारतीय बल्लेबाज़ों को कितनी बार चकमा दिया और किस तरह लगातार अपनी टीम को मैच में बनाए रखा।
पहले टेस्ट में दमदार शुरुआत, दोनों पारियों में चार-चार विकेट
कोलकाता के ईडन गार्डन्स में खेले गए पहले टेस्ट मैच में हार्मर ने अपने इरादे साफ कर दिए थे। सीरीज़ के शुरुआती मैच में ही उन्होंने दोनों पारियों में चार-चार विकेट चटकाए।
पहले टेस्ट के दौरान उनकी गेंदबाज़ी में ना सिर्फ टर्न था, बल्कि फ्लाइट और टेम्पो में भी ऐसा बदलाव था कि भारतीय बल्लेबाज़ आसानी से उनके सामने टिक नहीं पाए।
पहले ही मैच में आठ विकेट लेकर हार्मर ने यह साफ कर दिया था कि वह इस दौरे में बड़ा कमाल करने वाले हैं।
गुवाहाटी टेस्ट में पांच विकेट लेकर रचा इतिहास
तेजी से घूमती गेंद, उछाल, और लगातार सही लाइन—गुवाहाटी में हार्मर ने इन सबका शानदार इस्तेमाल किया।
गुवाहाटी टेस्ट की पहली पारी में उन्होंने 27 ओवर में 3 विकेट झटके। लेकिन उनका असली कमाल आख़िरी दिन देखने को मिला।
मैच के पांचवें दिन हार्मर ने भारत की बल्लेबाज़ी को पूरी तरह हिला कर रख दिया। उन्होंने पहले दिन के आखिरी सत्र में केएल राहुल का विकेट चटकाकर शुरुआत की थी, और उसके बाद:
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कुुलदीप यादव को क्लीन बोल्ड
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ध्रुव जुरेल को उसी ओवर में आउट
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ऋषभ पंत को शानदार टर्नर पर पवेलियन
दूसरे सत्र में वॉशिंगटन सुंदर को आउट करके उन्होंने अपनी पहली 5 विकेट की पारी पूरी की।
यह वही स्पेल था, जिसने उन्हें इतिहास के पन्नों में दर्ज कर दिया।
Simon Harmer बनाम डेल स्टेन: नया और पुराना युग
डेल स्टेन का नाम दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास में सबसे बड़ा है, खासकर टेस्ट क्रिकेट में उनकी आग उगलती गेंदबाज़ी के सामने बड़े-बड़े बल्लेबाज़ टिक नहीं पाते थे।
लेकिन भारत में एक टेस्ट सीरीज़ में सबसे ज़्यादा विकेट लेने के मामले में अब स्टेन का रिकॉर्ड टूट चुका है।
2008 में स्टेन ने तीन मैचों में 15 विकेट लिए थे।
2025 में हार्मर ने सिर्फ दो मैचों में ही 17 विकेट कर दिए।
यानी कम मैच, ज़्यादा विकेट और भारत जैसी मुश्किल जगह में लगातार दमदार प्रदर्शन—हार्मर की यह उपलब्धि उन्हें खास बनाती है।
Simon Harmer, flying high in India 🙌 #INDvSA pic.twitter.com/RV8EfS34Fy
— ESPNcricinfo (@ESPNcricinfo) November 26, 2025
कौन-कौन से दिग्गज पीछे रह गए?
साइमन हार्मर अब भारत में दक्षिण अफ्रीका की ओर से सबसे सफल गेंदबाज़ बन चुके हैं। उनसे पीछे इन दिग्गजों के नाम हैं:
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डेल स्टेन – 15 विकेट (2008)
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पॉल एडम्स – 14 विकेट (1996)
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इमरान ताहिर – 14 विकेट (2015)
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मार्को जानसन – 12 विकेट (2025)
हार्मर ने जिस तरह अपने प्रदर्शन से इन दिग्गजों को पीछे छोड़ा है, वह बताता है कि वह सिर्फ घरेलू क्रिकेट के दिग्गज नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक बड़ा नाम हैं।
Simon Harmer की सफलता की कहानी
हार्मर की सबसे अनोखी बात यह है कि उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में 1000 से भी अधिक विकेट लिए हैं। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि वह कितने खतरनाक और अनुभवी गेंदबाज़ हैं।
लेकिन लंबे समय तक उन्हें दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय टीम में मौका नहीं मिला। कई साल कोलपैक डील के कारण वह इंग्लैंड में घरेलू क्रिकेट खेलते रहे।
जब दक्षिण अफ्रीका ने उन्हें दोबारा टीम में मौका दिया, तो हार्मर ने साबित कर दिया कि उम्र सिर्फ एक नंबर है और असली मायने अनुभव और हुनर के होते हैं।
भारतीय बल्लेबाज़ों को पढ़ने की उनकी क्षमता
भारतीय बल्लेबाज़ दुनिया के सबसे अच्छे स्पिन खिलाड़ियों में गिने जाते हैं। लेकिन हार्मर ने इस सीरीज़ में दिखा दिया कि वह कितनी सटीक योजना के साथ गेंदबाज़ी करते हैं।
वह बल्लेबाज़ के फुटवर्क को ध्यान से पढ़ते हैं, गेंद की गति को लगातार बदलते हैं और ऑफ स्टंप के आसपास ऐसी गेंद डालते हैं कि बल्लेबाज़ को गलती करने पर मजबूर होना पड़ता है।
उनकी गेंदबाज़ी में वह क्लासिक स्पिनर वाला आकर्षण है, जिसे देखकर हर क्रिकेट प्रेमी प्रभावित हो जाता है।
क्या हार्मर भविष्य में भी दक्षिण अफ्रीका की रीढ़ बन सकते हैं?
हार्मर की उम्र 36 साल है, लेकिन उनके फिजिकल फिटनेस और गेंदबाज़ी फॉर्म को देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि वह आने वाले कुछ वर्षों में दक्षिण अफ्रीका के लिए बेहद कारगर साबित होंगे।
साउथ अफ्रीका लंबे समय से एक ऐसे स्पिनर की तलाश में था, जो विदेशी परिस्थितियों में भी लगातार विकेट निकाल सके।
हार्मर इस खोज का परफेक्ट जवाब साबित हो रहे हैं।
भारत में स्पिनर्स का दबदबा, लेकिन विदेशी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि
भारत की पिचें स्पिन गेंदबाज़ों को मदद जरूर देती हैं, लेकिन उन पर विकेट निकालना आसान नहीं होता, खासकर विदेशी खिलाड़ियों के लिए।
Simon Harmer ने न सिर्फ विकेट निकाले, बल्कि अपनी टीम को लगातार मैच में बनाए रखा।
उन्होंने साबित किया कि स्पिन सिर्फ भारतीयों की ताकत नहीं है—कभी-कभी विदेशी गेंदबाज़ भी भारतीय बल्लेबाज़ों को उनकी ही भाषा में जवाब दे सकते हैं।
हार्मर का यह रिकॉर्ड आने वाले कई वर्षों तक याद रखा जाएगा
Simon Harmer का यह प्रदर्शन इस बात का परिचायक है कि अगर आत्मविश्वास और हुनर हो तो आप किसी भी परिस्थितियों में कमाल कर सकते हैं।
उन्होंने भारत में अपनी गेंदबाज़ी से ऐसा जादू दिखाया है, जिसे दक्षिण अफ्रीकी क्रिकेट इतिहास हमेशा याद रखेगा।
रिकॉर्ड बनते हैं और टूटते हैं, लेकिन कुछ रिकॉर्ड खिलाड़ियों को ऐसे मुकाम पर ले जाते हैं कि उनकी पहचान हमेशा के लिए बदल जाती है।
हार्मर का यह रिकॉर्ड भी उनमें से एक है।
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