PM Modi in Arunachal: नवरात्रि में अरुणाचल के पहाड़ों का दिव्य दर्शन, पीएम मोदी ने शैलपुत्री का जिक्र कर बताया ‘केसरिया’ का महत्व

PM Modi in Arunachal: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवरात्रि के पावन अवसर पर अरुणाचल प्रदेश में पहुंचकर वहां के शानदार पहाड़ों का दर्शन किया और इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नवरात्रि के इस दिन हम हिमालय की पुत्री मां शैलपुत्री की पूजा करते हैं। अरुणाचल की ऊँची चोटियों और सुरम्य पहाड़ों के बीच रहकर अपनी भक्ति अर्पित करना एक दिव्य अनुभव है।

पीएम मोदी ने यह भी बताया कि जैसे तिरंगे का पहला रंग केसरिया है, वैसे ही अरुणाचल का पहला रंग भी केसरिया है। उन्होंने कहा कि यहां का हर व्यक्ति शौर्य और शांति का प्रतीक है। यह बात न केवल अरुणाचल की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध संस्कृति को दर्शाती है, बल्कि यहां के लोगों के साहस, समर्पण और देशभक्ति की भावना को भी उजागर करती है।

विकास योजनाओं का उद्घाटन

प्रधानमंत्री मोदी ने अरुणाचल प्रदेश में हजारों करोड़ रुपये के विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को प्रकृति ने अनगिनत संसाधन और सुंदरता दी है, लेकिन पिछले कई दशक तक यहां विकास की किरण देर से पहुंची। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि 2014 से पहले इस क्षेत्र को आवश्यक ध्यान नहीं मिला और इसे लगातार नजरअंदाज किया गया।

पीएम मोदी ने बताया कि कांग्रेस की सोच के कारण नॉर्थ ईस्ट में विकास की गति धीमी रही। सीमावर्ती क्षेत्रों को “लास्ट विलेज” कहा जाता था और वहां के लोगों की समस्याओं की ओर ध्यान ही नहीं दिया जाता था। उन्होंने कहा कि यही कारण था कि अरुणाचल प्रदेश में पलायन की समस्या उत्पन्न हुई और यह राज्य विकास में पिछड़ता गया।

देशभक्ति और ‘Nation First’ का संदेश

pm modi in arunachal

पीएम मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि 2014 में जनता ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, और उन्होंने कांग्रेस की सोच से देश को मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी प्रेरणा वोटों या सीटों की संख्या नहीं, बल्कि ‘Nation First’ की भावना है। उनका मंत्र है, ‘नागरिक देवो भवः’, जिसके तहत नागरिक और देश की भलाई को सर्वोपरि रखा जाता है।

उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व सरकारों की नीति के कारण अरुणाचल प्रदेश विकास में पिछड़ा रहा, लेकिन अब केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर इसे नई दिशा दे रही हैं। पीएम मोदी ने विकास कार्यों में जनता की भागीदारी और उनकी मेहनत को महत्व देते हुए कहा कि अब यह क्षेत्र उभर रहा है और भविष्य में इसमें तेजी से प्रगति होगी।

नवरात्रि, शैलपुत्री और आध्यात्मिक प्रेरणा

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में नवरात्रि और मां शैलपुत्री का विशेष जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पर्वों का समय सिर्फ उत्सव और पूजा का ही नहीं, बल्कि देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी अवसर है।

शैलपुत्री, देवी दुर्गा का प्रथम स्वरूप, शक्ति, साहस और संतुलन का प्रतीक हैं। पीएम मोदी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ों के बीच नवरात्रि के अवसर पर भक्ति अर्पित करना अद्भुत अनुभव है। उन्होंने इसे हिमालय की पुत्री और देश की शक्ति के साथ जोड़कर समझाया, जिससे सभी श्रद्धालु और नागरिक अपने जीवन में साहस, निष्ठा और धर्म का महत्व समझें।

आर्थिक सुधार और NextGenGST

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर यह भी बताया कि देश में NextGenGST Reforms लागू हुए हैं। उन्होंने इसे GST बचत उत्सव के रूप में पेश किया और कहा कि त्योहारों के इस मौसम में जनता को डबल बोनस मिला है। यह कदम व्यवसायिक और आर्थिक गतिविधियों को सुगम बनाने के लिए उठाया गया है और इसे देश के हर नागरिक के लिए लाभकारी बताया।

अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक सुंदरता और सामर्थ्य

पीएम मोदी ने अरुणाचल प्रदेश की प्राकृतिक संपदा की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि यह भूमि उगते सूर्य की धरती के रूप में प्रसिद्ध है और यहां के लोग देशभक्ति, साहस और शांति का प्रतीक हैं। अरुणाचल की पहाड़ियाँ, नदियाँ और हरियाली इसे एक अद्वितीय स्थल बनाते हैं, जो न केवल पर्यटन बल्कि आध्यात्मिक अनुभव के लिए भी आदर्श हैं।

उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि पहले इस क्षेत्र के विकास के लिए आवश्यक प्रयास नहीं किए गए, लेकिन अब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर इसे विकसित कर रही हैं। उन्होंने बताया कि विकास योजनाओं से शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और ऊर्जा जैसे क्षेत्र में तेजी आएगी और लोग सीमावर्ती क्षेत्रों में भी समान अवसरों का अनुभव करेंगे।

कांग्रेस की पुरानी सोच और विकास की धीमी गति

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की पुरानी आदत का उल्लेख करते हुए कहा कि जो भी विकास कार्य कठिन होता था, उसे कांग्रेस हाथ में ही नहीं लेती थी। इस नीति के कारण नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र पिछड़ गया और सीमावर्ती गांवों को “लास्ट विलेज” कहा गया। पीएम मोदी ने कहा कि इस सोच से अरुणाचल के लोग पलायन करते रहे और यह क्षेत्र विकास में पीछे रह गया।

अब केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर यह सुनिश्चित कर रही हैं कि इस क्षेत्र में सतत विकास, आधुनिक सुविधाएँ और लोगों के लिए अवसर बढ़ें। उन्होंने जोर देकर कहा कि हर नागरिक की भलाई और देश की प्रगति प्राथमिकता है।

नवरात्रि के अवसर पर संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि नवरात्रि का पर्व न केवल आध्यात्मिक उन्नति का अवसर है, बल्कि यह देशभक्ति और नागरिक जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने लोगों से यह आग्रह किया कि वे अपनी भक्ति और धर्म के साथ-साथ समाज और देश के विकास में योगदान दें।

शैलपुत्री की पूजा के माध्यम से पीएम मोदी ने साहस, संतुलन और शक्ति का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि हर नागरिक में शक्ति है और देश की प्रगति के लिए इसे इस्तेमाल किया जा सकता है।

         नवरात्रि के पावन अवसर पर पीएम मोदी द्वारा अरुणाचल प्रदेश के पहाड़ों का दर्शन, विकास योजनाओं का उद्घाटन और शैलपुत्री का जिक्र इस बात को स्पष्ट करता है कि आध्यात्मिकता, देशभक्ति और विकास एक साथ जुड़े हुए हैं।

अरुणाचल प्रदेश का यह दौरा न केवल धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास, सामाजिक न्याय और आर्थिक समृद्धि की दिशा में एक नई शुरुआत का प्रतीक भी है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस मौके पर देशवासियों को यह संदेश दिया कि देश पहले, पार्टी या वोट बाद में।

इस प्रकार, नवरात्रि के अवसर पर अरुणाचल प्रदेश में भक्ति, प्राकृतिक सुंदरता और विकास की प्रेरणा का अद्भुत संगम देखने को मिला।

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