Odisha Cuttack News: ओडिशा के ऐतिहासिक शहर कटक में रविवार को स्थिति अचानक बिगड़ गई जब दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान हुई झड़पों के बाद नई हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आईं। हालात को काबू में करने के लिए प्रशासन ने शहर के कई इलाकों में कर्फ्यू लागू कर दिया है और रविवार शाम 7 बजे से सोशल मीडिया पर 24 घंटे की रोक लगा दी गई है।
शनिवार को दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन के दौरान हुए विवाद ने रविवार को और भयानक रूप ले लिया। शहर के कुछ हिस्सों में हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें कई लोग और पुलिसकर्मी घायल हो गए। दुकानों और वाहनों में आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाज़ी जैसी घटनाओं ने शहर की शांति भंग कर दी।
विवाद की जड़ – विसर्जन जुलूस के दौरान बजने वाले गीतों पर आपत्ति

पुलिस के अनुसार, शनिवार को दुर्गा पूजा विसर्जन के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने जुलूस में बजाए जा रहे गीतों पर आपत्ति जताई, जिसके बाद दोनों समुदायों के बीच झड़प हो गई। स्थिति इतनी तेजी से बिगड़ी कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इस दौरान कटक के डिप्टी पुलिस कमिश्नर ऋषिकेश खिलारी समेत कई अधिकारी और नागरिक घायल हो गए।
रविवार को इस घटना के विरोध में कुछ संगठनों ने शहर में मोटरसाइकिल रैली निकाली और सोमवार को विश्व हिंदू परिषद द्वारा बुलाए गए 12 घंटे के बंद के समर्थन में प्रदर्शन किया। पुलिस ने जब रैली को संवेदनशील इलाकों से गुजरने से रोका, तो वहां फिर से तनाव फैल गया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया और हालात नियंत्रण से बाहर होने लगे।
प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला – सोशल मीडिया पर 24 घंटे की रोक
हालात को और बिगड़ने से रोकने के लिए ओडिशा सरकार ने कटक शहर और आसपास के इलाकों में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर 24 घंटे का बैन लगा दिया है। यह रोक रविवार शाम 7 बजे से लागू हुई है।
सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है —
“यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया का दुरुपयोग कर भ्रामक, उकसाऊ या सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाले संदेश न फैला सके। प्रशासन का उद्देश्य है कि शांति और कानून व्यवस्था कायम रखी जाए।”
इसके साथ ही इंटरनेट सेवा प्रदाताओं को निर्देश दिया गया है कि वे फेसबुक, एक्स (ट्विटर), व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसी सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित रखें। प्रशासन को डर है कि अफवाहें और गलत सूचनाएं माहौल को और बिगाड़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री मोहन चरण मजही ने की शांति की अपील
ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मजही ने कटक में फैले तनाव को गंभीरता से लेते हुए लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी उपद्रवी को बख्शा नहीं जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा —
“कटक एक हजार साल पुराना शहर है जिसने हमेशा भाईचारे और एकता की मिसाल पेश की है। कुछ असामाजिक तत्वों ने हाल ही में शहर की शांति को भंग करने की कोशिश की है। ऐसे लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की नजर हर गतिविधि पर है।”
मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त करें और लोगों के बीच विश्वास बनाए रखें।
अतिरिक्त पुलिस बल तैनात, फ्लैग मार्च से जनता को दिया भरोसा
कटक में हालात सामान्य करने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है। शहर के सभी संवेदनशील इलाकों में सीनियर पुलिस अधिकारी कैंप कर रहे हैं ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके।
रविवार रात पुलिस ने शहर में फ्लैग मार्च किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन का सहयोग करें।
कटक पुलिस के प्रवक्ता ने कहा —
“स्थिति धीरे-धीरे नियंत्रण में है। कुछ जगहों पर तनाव जरूर है, लेकिन पुलिस पूरी तरह तैयार है। सभी धार्मिक और सामाजिक संगठनों से भी सहयोग की अपील की गई है।”
शनिवार की हिंसा में अब तक छह गिरफ्तार, जांच जारी
शनिवार को हुए दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई हिंसा में पुलिस ने छह लोगों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर पथराव, तोड़फोड़ और शांति भंग करने के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस ने कहा कि जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
इस घटना में घायल हुए पुलिस अधिकारियों में कटक के डिप्टी पुलिस कमिश्नर ऋषिकेश खिलारी भी शामिल हैं, जिन्हें मामूली चोटें आईं। इसके अलावा कई दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने भी संपत्ति नुकसान की शिकायत दर्ज कराई है।
विपक्ष और स्थानीय नेताओं ने भी की शांति की अपील
कटक की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने भी लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाती है और समाज में विभाजन पैदा करती है।
कटक-बराबती से कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस ने भी प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि “जो लोग शहर की शांति भंग करने की कोशिश कर रहे हैं, उनके खिलाफ बिना किसी पक्षपात के सख्त कदम उठाया जाए।”
सोफिया ने यह भी कहा कि कटक हमेशा से साम्प्रदायिक सौहार्द का केंद्र रहा है, और आज भी वहां के लोग एकजुट होकर शांति बहाल करने की क्षमता रखते हैं।
हिंसा और आगजनी से प्रभावित इलाकों में दहशत, स्थानीय लोगों की मांग – जल्द बहाल हो शांति
कटक के जॉबरा, बक्सिबजार, मालगोडाम रोड और चौक बाजार जैसे क्षेत्रों में रविवार को माहौल बेहद तनावपूर्ण रहा। कई जगहों पर दुकानें बंद रहीं और लोगों ने घरों से बाहर निकलने से परहेज किया।
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि शनिवार की रात के बाद से इलाके में डर का माहौल है। कई परिवारों ने अपने बच्चों को रिश्तेदारों के यहां भेज दिया है। पुलिस की गश्त बढ़ने के बावजूद लोग अभी भी पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
एक दुकानदार ने कहा,
“हम हर साल दुर्गा पूजा मिलजुलकर मनाते हैं। इस बार कुछ लोगों ने माहौल खराब कर दिया। हम चाहते हैं कि पुलिस सख्त कार्रवाई करे और जल्द शांति बहाल करे।”
प्रशासन की सख्ती – सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम सक्रिय
सोशल मीडिया पर अफवाहें फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए ओडिशा सरकार ने स्पेशल मॉनिटरिंग टीम गठित की है। यह टीम 24 घंटे निगरानी रखेगी कि कोई व्यक्ति या संगठन झूठी खबरें, पुराने वीडियो या भड़काऊ पोस्ट साझा न करे।
सरकार ने चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति सोशल मीडिया बैन का उल्लंघन करेगा या अफवाह फैलाने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ आईटी एक्ट और दंड संहिता के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सोमवार को रहेगा 12 घंटे का बंद, पुलिस हाई अलर्ट पर
हिंसा के विरोध में विश्व हिंदू परिषद ने सोमवार को कटक में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अपने घरों में रहें और गैरजरूरी गतिविधियों से बचें।
पुलिस ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति जबरन दुकानें बंद कराने या सड़कों पर जुलूस निकालने की कोशिश करेगा, तो तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
रेलवे स्टेशन, अस्पताल और बिजली आपूर्ति केंद्रों जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा और बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
कटक की गंगा-जमुनी तहजीब पर संकट
कटक को हमेशा से ओडिशा की “मिलीजुली संस्कृति” का प्रतीक माना गया है। यहां दुर्गा पूजा और ईद दोनों त्योहार समान उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। स्थानीय लोग कहते हैं कि इस तरह की हिंसा शहर की आत्मा को ठेस पहुंचाती है।
कई सामाजिक संगठनों ने एक साथ बयान जारी कर कहा कि कटक की पहचान आपसी भाईचारे में है, और जो लोग इस पहचान को मिटाने की कोशिश कर रहे हैं, उन्हें समाज से अलग कर देना चाहिए।
प्रशासन और जनता मिलकर ही बहाल कर सकते हैं शांति
फिलहाल कटक में स्थिति तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है। पुलिस और प्रशासन हर कदम पर सतर्क है, और लोगों से लगातार संवाद बना रहा है।
इस समय जरूरत है कि नागरिक अफवाहों से दूर रहें, सोशल मीडिया पर संयम बरतें और किसी भी उकसावे में न आएं। सरकार ने भी आश्वासन दिया है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी और निर्दोष लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
कटक को फिर लौटाना होगा अपनी शांति की पहचान
कटक जैसे ऐतिहासिक और सांस्कृतिक शहर में हुई हिंसा ने सबको झकझोर दिया है। यह शहर अपनी गंगा-जमुनी तहजीब, भाईचारे और धार्मिक सद्भाव के लिए जाना जाता है, और यही इसकी पहचान है।
सरकार, प्रशासन और आम जनता – तीनों को मिलकर इस पहचान को फिर से स्थापित करना होगा। हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं, बल्कि समाज में दरार पैदा करती है।
कटक को अब फिर एकजुट होकर दिखाना होगा कि वह केवल ओडिशा का नहीं, बल्कि पूरे देश का सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है। जब लोग शांति और समझदारी से काम लेंगे, तभी यह शहर अपनी पुरानी गरिमा और भाईचारे की भावना के साथ फिर खड़ा हो सकेगा।
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