Isha Ambani: लंदन में ब्रिटिश म्यूजियम के पहले पिंक बॉल का आयोजन इस बार भारतीय कला और संस्कृति की रंगत में रंगा रहा। इस भव्य प्रोग्राम में ईशा अंबानी ने सह-अध्यक्ष की भूमिका निभाई और भारत की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘एन्सिएंट इंडिया: लिविंग ट्रेडिशंस’ के तहत हुआ, जिसमें भारत की कला, शिल्प और परंपराओं का अनूठा संगम देखने को मिला।
ईशा अंबानी के साथ इस अवसर पर उनकी मां नीता अंबानी भी मौजूद रहीं। दोनों ने मिलकर भारत की सांस्कृतिक आत्मा को प्रदर्शित किया और इसे वैश्विक मंच पर पहुँचाने का प्रयास किया। इस भव्य मौके पर कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियां जैसे मिक जैगर, जेनेट जैक्सन, नाओमी कैंपबेल, नॉर्मन फोस्टर, लेडी किटी स्पेंसर, ल्यूक इवांस और जेम्स नॉर्टन भी उपस्थित रहीं।
Isha Ambani का फैशन और शिल्प का संगम

ईशा अंबानी ने इस अवसर पर डिजाइनर अबू जानी-संदीप खोसला द्वारा तैयार की गई ड्रेस पहनी। इस ड्रेस पर 35 कारीगरों ने लगभग 3670 घंटे काम किया। इसकी खासियत इसकी बारीक कढ़ाई और गुलाबी जरदोजी में नजर आई, जो पारंपरिक गोल्ड की जगह प्रयोग की गई। यह ड्रेस भारतीय शिल्प और कारीगरी की उत्कृष्ट मिसाल के रूप में जानी गई।
Isha Ambani की इस ड्रेस ने न केवल भारतीय फैशन की दुनिया में मान्यता बढ़ाई बल्कि यह दिखाया कि भारतीय शिल्प और आधुनिक डिजाइन का संगम कैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर चमक सकता है।
मां नीता अंबानी का साथ और भावनात्मक महत्व
इस कार्यक्रम में Isha Ambani के साथ उनकी मां नीता अंबानी का होना इसे और भी खास और भावनात्मक बना दिया। नीता अंबानी ने भारतीय कला और संस्कृति को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने में हमेशा सक्रिय भूमिका निभाई है। इस अवसर पर उनका आना भारत की सांस्कृतिक आवाज को और भी मजबूत करने वाला था।
नीता अंबानी ने इस मौके पर एक कांजीवरम साड़ी पहनी। यह साड़ी कांचीपुरम के 68 वर्षीय कारीगर आर वरदन ने हाथों से बनाई थी। साड़ी मुलबेरी सिल्क और शुद्ध सोने की जरी से बनी थी, और इसे डिजाइनर मनीष मल्होत्रा ने डिजाइन किया था। यह साड़ी भारतीय शिल्प और पारंपरिक कला का उत्कृष्ट उदाहरण थी और सभी की निगाहें इसी पर टिक गईं।
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अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्कृति का योगदान
ब्रिटिश म्यूजियम में आयोजित यह कार्यक्रम केवल फैशन या गाला नहीं था। इसमें भारत की संस्कृति, कला, शिल्प और परंपराओं को वैश्विक स्तर पर पेश किया गया। ईशा अंबानी ने यह स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य भारतीय कला और रचनात्मकता को दुनिया के कोने-कोने तक पहुँचाना है।
ईशा अंबानी इस क्षेत्र में पहले भी सक्रिय रही हैं। वह एलएसीएमए, स्मिथसोनियन्स नेशनल म्यूजियम ऑफ एशियन आर्ट और येले सचवार्जमान सेंटर से जुड़ी हैं। इससे पहले वह सर्पेंटाइन समर पार्टी 2025 की अध्यक्ष रह चुकी हैं। उनके प्रयासों से भारत की कला और शिल्प को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान मिल रही है।
35 कारीगरों ने बनाई ड्रेस, कला की बारीकियों का प्रदर्शन
ईशा अंबानी की पहनी हुई ड्रेस को बनाने में 35 कारीगरों ने मिलकर 3670 घंटे मेहनत की। ड्रेस में गुलाबी जरदोजी का इस्तेमाल किया गया, जो पारंपरिक गोल्ड की जगह प्रयोग की गई। इसकी बारीक कढ़ाई और जटिल डिज़ाइन ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
यह ड्रेस भारतीय शिल्प और डिजाइन का ऐसा उदाहरण है, जो अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारतीय संस्कृति की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करता है।
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फैशन के माध्यम से संस्कृति का संदेश
Isha Ambani ने अपने फैशन विकल्पों के जरिए यह संदेश दिया कि भारतीय कला केवल घरेलू स्तर तक सीमित नहीं है बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकती है। डिजाइनर अबू जानी-संदीप खोसला की मदद से तैयार यह ड्रेस भारतीय कारीगरी की कहानी दुनिया के हर कोने तक पहुँचाती है।
नीता अंबानी की कांजीवरम साड़ी भी इस संदेश को और मजबूती देती है। इस साड़ी में इस्तेमाल की गई जरी और सिल्क ने भारतीय शिल्प की बारीकियों और उत्कृष्टता को दर्शाया।
भारत की सांस्कृतिक विरासत का अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शन
ब्रिटिश म्यूजियम का यह पहला पिंक बॉल भारत के लिए एक शानदार अवसर था। इस मौके पर भारत की सांस्कृतिक विरासत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेश किया गया। प्रोग्राम में एन्सिएंट इंडिया: लिविंग ट्रेडिशंस का विषय रखा गया, जिसमें भारत की कला, शिल्प, परंपरा और आधुनिकता का संगम देखने को मिला।
ईशा और नीता अंबानी की उपस्थिति ने यह स्पष्ट किया कि भारतीय संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रचार और प्रसार करना उनका मुख्य उद्देश्य है।
अंतरराष्ट्रीय हस्तियों का आकर्षण
इस आयोजन में कई अंतरराष्ट्रीय हस्तियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को और भी भव्य बना दिया। मिक जैगर, जेनेट जैक्सन, नाओमी कैंपबेल, नॉर्मन फोस्टर, लेडी किटी स्पेंसर, ल्यूक इवांस और जेम्स नॉर्टन जैसे नामी चेहरे इस कार्यक्रम में शामिल हुए।
इन हस्तियों के सामने भारतीय कला और शिल्प की यह प्रस्तुति ने सभी का ध्यान खींचा और भारत की सांस्कृतिक धरोहर को सम्मान दिलाया।
Isha Ambani की सोच और भारतीय कला की वैश्विक पहुंच
Isha Ambani हमेशा से यह प्रयास करती रही हैं कि भारतीय शिल्प, फैशन और रचनात्मकता को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचाया जाए। उनका उद्देश्य सिर्फ व्यक्तिगत पहचान नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति को एक वैश्विक पहचान देना है।
उनके इस कदम से यह संदेश गया कि भारतीय कारीगरी और डिज़ाइन की कला दुनिया भर में सराही जा सकती है और इसका प्रचार केवल फैशन या समारोहों तक सीमित नहीं रह सकता।
ब्रिटिश म्यूजियम में आयोजित यह पहला पिंक बॉल भारतीय संस्कृति, कला और फैशन का अंतरराष्ट्रीय मंच पर शानदार प्रदर्शन था। ईशा अंबानी और नीता अंबानी ने मिलकर भारत की सांस्कृतिक पहचान को उजागर किया।
ईशा ने डिजाइनर अबू जानी-संदीप खोसला की ड्रेस में भारत की कारीगरी का अनोखा उदाहरण पेश किया, जबकि नीता अंबानी की कांजीवरम साड़ी ने भारतीय शिल्प की उत्कृष्टता को दर्शाया। इस अवसर ने साबित कर दिया कि भारतीय कला और संस्कृति का प्रभाव केवल देश में ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी गहरा और प्रभावशाली है।
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