IND vs PAK Womens World Cup 2025: आईसीसी महिला वनडे विश्व कप 2025 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने रविवार को एक बार फिर शानदार प्रदर्शन करते हुए पाकिस्तान को 88 रनों से मात दी। इस जीत के साथ भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपने अपराजेय रिकॉर्ड को और मजबूत कर लिया है। अब तक दोनों टीमों के बीच खेले गए वनडे मुकाबलों में भारत ने पाकिस्तान को लगातार 12वीं बार हराया है। यह केवल एक जीत नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के आत्मविश्वास, रणनीति और मेहनत का नतीजा है।
मेलबर्न के मैदान पर खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 247 रन बनाए और फिर पाकिस्तान की टीम को 159 रन पर समेट दिया। यह मैच न सिर्फ भारत की जीत का गवाह बना, बल्कि इसने महिला क्रिकेट की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और भारत की मजबूत टीम भावना को भी दर्शाया।
टॉस में ड्रामा और हरमनप्रीत का रुख बना चर्चा का विषय | IND vs PAK Womens World Cup 2025
मैच की शुरुआत में ही माहौल में हल्का तनाव देखने को मिला। टॉस के दौरान तकनीकी गड़बड़ी और मैच रैफरी की गलती से टॉस पाकिस्तान के पक्ष में गया, जिसने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। हालांकि, असली चर्चा का विषय रही भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की वह प्रतिक्रिया, जब उन्होंने टॉस के बाद पाक कप्तान फातिमा सना से हाथ मिलाने से परहेज किया। यह दृश्य पिछले साल के एशिया कप में हुए विवाद की याद दिला गया, जब भारतीय पुरुष टीम ने भी पाकिस्तान के खिलाफ मैदान पर ऐसी ही ठंडी प्रतिक्रिया दी थी।
हरमनप्रीत का यह कदम साफ संकेत था कि भारतीय टीम मैच पर पूरी तरह फोकस करना चाहती है और मैदान के बाहर की बातें उनके आत्मविश्वास को प्रभावित नहीं करेंगी।
भारत की पारी – हरलीन देओल और रिचा घोष की समझदारी ने दिलाई मजबूती

पाकिस्तान ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया, लेकिन यह फैसला उसके लिए उल्टा साबित हुआ। भारतीय टीम ने हालांकि धीमी पिच पर संघर्ष करते हुए शुरुआत की, मगर अंत में टीम ने 50 ओवर पूरे कर 247 रन का सम्मानजनक स्कोर खड़ा किया।
सलामी बल्लेबाज प्रतिका रावल (31) ने टीम को अच्छी शुरुआत दी, लेकिन स्मृति मंधाना (23) एक बार फिर पावरप्ले में आउट होकर लौट गईं। इसके बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर (19) और जेमिमा रोड्रिग्स (32) ने पारी को संभालने की कोशिश की और महत्वपूर्ण साझेदारी की।
मिडिल ऑर्डर में हरलीन देओल ने शानदार संयम का परिचय दिया। उन्होंने 65 गेंदों पर 46 रन बनाए और टीम की पारी को स्थिरता दी। वहीं, अंत में रिचा घोष ने धमाकेदार अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 20 गेंदों पर नाबाद 35 रन ठोके। उनकी इस तेज पारी ने भारत को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया।
ऑलराउंडर्स दीप्ति शर्मा (25) और स्नेह राणा (20) ने मिलकर आखिरी ओवरों में 42 रन की साझेदारी की, जिसने भारत का स्कोर 247 तक पहुंचा दिया। पिच भले ही धीमी थी, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने संयम और समझदारी से रन बटोरे।
पाकिस्तान की ओर से डायना बेग सबसे सफल गेंदबाज रहीं। उन्होंने 10 ओवर में 69 रन देकर 4 विकेट झटके, जबकि फातिमा सना ने 2 विकेट लिए। हालांकि, उनकी मेहनत भारतीय बल्लेबाजों की योजनाबद्ध बल्लेबाजी के सामने फीकी पड़ गई।
पाकिस्तान की पारी – सिदरा अमीन की कोशिशें रहीं बेकार
248 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही विपक्षी बल्लेबाजों पर दबाव बना दिया। शुरुआती 26 रन के भीतर पाकिस्तान के तीन विकेट गिर चुके थे और टीम संभलने से पहले ही बैकफुट पर चली गई।
पाकिस्तान की ओर से सिदरा अमीन ने सबसे बेहतरीन बल्लेबाजी की। उन्होंने 106 गेंदों में 81 रन बनाए, जिसमें 9 चौके और 1 छक्का शामिल था। हालांकि, उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज टिककर नहीं खेल सका। नतालिया परवेज (33) और सिदरा नवाज (14) ही दोहरे अंक तक पहुंच पाईं।
भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ पर गेंदबाजी की। क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने तीन-तीन विकेट झटके, जबकि स्नेह राणा ने दो विकेट अपने नाम किए। बाकी गेंदबाजों ने भी कसी हुई गेंदबाजी कर पाकिस्तान को 43वें ओवर में 159 पर समेट दिया।
यह भारतीय गेंदबाजों की शानदार टीमवर्क का नतीजा था। फील्डिंग के दौरान भी टीम का प्रदर्शन उत्कृष्ट रहा — कैच, रन आउट और डायरेक्ट हिट ने पाक बल्लेबाजों को और दबाव में डाल दिया।
मैच में ‘फ्यूमिगेशन ब्रेक’ और पिच की चुनौती
यह मुकाबला उतना आसान नहीं था जितना स्कोरबोर्ड दिखाता है। मैच के दौरान मैदान पर एक अनोखी घटना देखने को मिली — अचानक कीड़ों के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए ‘फ्यूमिगेशन ब्रेक’ लेना पड़ा। कुछ देर के लिए खेल रुका और मैदान पर कीटनाशक का छिड़काव किया गया। यह दुर्लभ दृश्य खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों के लिए हैरान करने वाला रहा।
पिच भी बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती साबित हुई। धीमी उछाल और टर्न ने बल्लेबाजी को मुश्किल बना दिया था। लेकिन भारतीय टीम ने स्थिति को समझते हुए संयम के साथ बल्लेबाजी की। कप्तान हरमनप्रीत और टीम मैनेजमेंट की रणनीति साफ थी — विकेट बचाकर धीरे-धीरे स्कोर बनाना और आखिरी ओवरों में तेजी लाना। यह योजना पूरी तरह सफल रही।
भारत की अजेय श्रृंखला जारी – पाकिस्तान पर 12वीं जीत
इस जीत के साथ भारत ने महिला वनडे क्रिकेट में पाकिस्तान के खिलाफ अपना अजेय रिकॉर्ड 12-0 तक पहुंचा दिया है। यह आंकड़ा भारतीय महिला क्रिकेट की निरंतरता और मजबूत मानसिकता का सबूत है।
विश्व कप इतिहास की बात करें तो भारत ने पाकिस्तान को पांच बार हराया है और कभी हार का स्वाद नहीं चखा। यह रिकॉर्ड दिखाता है कि दोनों टीमों के बीच प्रतिस्पर्धा केवल मैदान पर नहीं, बल्कि भावनात्मक स्तर पर भी गहरी है। भारतीय टीम हर बार बेहतर तैयारी और रणनीति के साथ उतरती है, और यह मैच इसका एक और प्रमाण था।
हरलीन, रिचा और दीप्ति बनीं मैच की हीरो
इस मुकाबले में कई खिलाड़ियों ने टीम की जीत में अहम भूमिका निभाई। हरलीन देओल ने मध्यक्रम में जिम्मेदारी भरी पारी खेलकर टीम को संकट से निकाला। उनकी तकनीक और धैर्य ने साबित किया कि वह बड़े मैचों की खिलाड़ी हैं।
रिचा घोष ने अंत में जिस तरह तेज रफ्तार से रन जोड़े, उसने मैच की दिशा बदल दी। उनकी पारी ने पाकिस्तान को लक्ष्य का पीछा करते हुए मानसिक रूप से दबाव में डाल दिया।
गेंदबाजी में दीप्ति शर्मा हमेशा की तरह भरोसेमंद रहीं। उन्होंने न सिर्फ विकेट चटकाए बल्कि विरोधी टीम को रन बनाने से भी रोका। वहीं क्रांति गौड़ और स्नेह राणा ने मिलकर पाकिस्तान की कमर तोड़ दी।
विश्व कप में भारत का अभियान और आगे की राह
इस शानदार जीत के साथ भारत ने टूर्नामेंट में अपनी लगातार दूसरी जीत दर्ज की है। पहले मुकाबले में भारत ने श्रीलंका को हराया था, और अब पाकिस्तान को मात देकर अंक तालिका में शीर्ष स्थान मजबूत कर लिया है।
टीम की कोच और प्रबंधन की रणनीति साफ है — हर मैच को फाइनल की तरह खेलना। खिलाड़ियों की फिटनेस, फील्डिंग और संयम तीनों ही स्तर पर टीम बेहतरीन फॉर्म में दिख रही है। युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का यह मिश्रण भारत को एक खतरनाक टीम बना रहा है।
आने वाले मुकाबलों में भारत का सामना इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीमों से होना है, लेकिन मौजूदा लय और आत्मविश्वास देखकर कहा जा सकता है कि भारतीय ‘शेरनियां’ किसी भी चुनौती से पीछे नहीं हटेंगी।
जीत से बढ़ा गर्व, टूटीं सीमाएं
आईसीसी महिला विश्व कप 2025 का यह मैच सिर्फ एक खेल नहीं था, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की ताकत और आत्मसम्मान का प्रतीक था। पाकिस्तान पर यह 88 रनों की जीत दिखाती है कि भारत अब हर परिस्थिति में जीतना जानता है — चाहे टॉस में ड्रामा हो, पिच कठिन हो या विपक्ष की रणनीति।
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में यह टीम एक मिशन पर है — विश्व कप ट्रॉफी को भारत लाना। और अगर यही जोश और एकजुटता बरकरार रही, तो यह सपना अब दूर नहीं।
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