Australia Flags Concerns Over Abhayrab Rabies Vaccine: रेबीज़ (Rabies) दुनिया की सबसे घातक बीमारियों में से एक है। यह बीमारी एक बार लक्षण दिखने के बाद लगभग हमेशा जानलेवा साबित होती है। भारत जैसे देश में, जहाँ हर साल लाखों डॉग बाइट के मामले सामने आते हैं, वहाँ एंटी-रेबीज़ वैक्सीन जीवन रक्षक की भूमिका निभाती है। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया की स्वास्थ्य एजेंसियों द्वारा भारत में इस्तेमाल होने वाली Abhayrab Rabies Vaccine को लेकर जारी चेतावनी ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वैक्सीन सुरक्षित है? क्या भारत में टीकाकरण पर भरोसा किया जा सकता है? और आम जनता को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए?
Good morning India…
One more SCAM – 🚨🚨
Australian health authorities have issued a serious warning regarding fake rabies vaccines circulating in India.
They discovered that counterfeit versions of the vaccine
“Abhayrab” have been in use since November 1, 2023. This is a… pic.twitter.com/hxcXstrIZp— Rajat Srivastava (@RajatSr25883578) December 26, 2025
रेबीज़ और वैक्सीन का महत्व:
रेबीज़ एक वायरल संक्रमण है जो संक्रमित जानवर के काटने, खरोंच या लार के संपर्क से फैलता है। यह वायरस सीधे मानव के केंद्रीय तंत्रिका तंत्र पर हमला करता है। बीमारी के शुरुआती लक्षण सामान्य लग सकते हैं, लेकिन बाद में मरीज में पानी से डर, मानसिक बेचैनी, पक्षाघात और अंततः मृत्यु हो जाती है। इसलिए विशेषज्ञ हमेशा कहते हैं- रेबीज़ में इलाज नहीं, सिर्फ रोकथाम ही उपाय है, और यह रोकथाम वैक्सीन के जरिए ही संभव है।
Abhayrab Rabies Vaccine क्या है?
Abhayrab एक आधुनिक Cell Culture आधारित एंटी-रेबीज़ वैक्सीन है, जिसका उपयोग भारत में लंबे समय से किया जा रहा है। यह पुराने नर्व-टिशू आधारित टीकों की तुलना में अधिक सुरक्षित, प्रभावी और कम साइड इफेक्ट वाली मानी जाती है। सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिक तक, यह वैक्सीन भारत में व्यापक रूप से उपलब्ध है और लाखों लोगों की जान बचा चुकी है।
ऑस्ट्रेलिया की चेतावनी क्या कहती है?
दिसंबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया की कुछ स्वास्थ्य एजेंसियों और इम्यूनाइजेशन सलाहकार समूहों ने एक हेल्थ एडवाइजरी जारी की। इसमें कहा गया कि भारत में Abhayrab नाम से बिकने वाली रैबीज़ वैक्सीन के कुछ नकली (counterfeit) बैच पाए जाने की सूचना मिली है। इस चेतावनी के मुख्य बिंदु इस प्रकार थे:
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नवंबर 2023 के बाद भारत में वैक्सीन लेने वाले कुछ यात्रियों को नकली डोज़ मिलने की आशंका
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जिन लोगों को वैक्सीन का ब्रांड या बैच नंबर स्पष्ट नहीं है, उन्हें दोबारा चिकित्सकीय जांच कराने की सलाह
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आवश्यकता पड़ने पर ऑस्ट्रेलिया में मान्यता प्राप्त वैक्सीन से रिप्लेसमेंट डोज़ लेने की सिफारिश
यह चेतावनी मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया लौटे यात्रियों और वहाँ के डॉक्टरों के लिए थी, न कि सीधे तौर पर भारत की आम जनता के लिए।
भारतीय निर्माता का पक्ष:
इस चेतावनी के बाद Abhayrab बनाने वाली कंपनी Indian Immunologicals Limited (IIL) ने स्थिति स्पष्ट की। कंपनी के अनुसार:
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यह मामला पूरी वैक्सीन से जुड़ा नहीं, बल्कि एक सीमित और अलग पैकेजिंग वाले बैच तक सीमित था।
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उस बैच की पहचान पहले ही कर ली गई थी और संबंधित अधिकारियों को समय रहते सूचना दी गई थी।
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Abhayrab की अब तक 21 करोड़ से अधिक खुराकें भारत और 40 से ज्यादा देशों में दी जा चुकी हैं।
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कंपनी का दावा है कि अन्य सभी बैच सुरक्षित हैं और WHO के मानकों पर खरे उतरते हैं।
कंपनी ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रेलिया की चेतावनी को व्यापक संदर्भ में समझना चाहिए, ताकि अनावश्यक डर न फैले।

क्या भारत में लोगों को चिंतित होना चाहिए?
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की राय में भारत में आम नागरिकों को घबराने की जरूरत नहीं है। भारत में सरकारी आपूर्ति चैन और मान्यता प्राप्त अस्पतालों में वैक्सीन की गुणवत्ता पर नियमित निगरानी होती है। फिर भी, यह घटना कुछ जरूरी सबक जरूर देती है:
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वैक्सीन हमेशा सरकारी या भरोसेमंद निजी अस्पताल से ही लगवाएँ
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वैक्सीन का नाम, बैच नंबर और तारीख सुरक्षित रखें
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सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों से बचें
जानवर के काटने पर क्या करें?
चेतावनियों और विवादों से परे, सबसे अहम बात यह है कि डॉग बाइट या किसी भी जानवर के काटने को कभी नजरअंदाज न करें। सही कदम इस प्रकार हैं:
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घाव को तुरंत साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोएँ
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एंटीसेप्टिक लगाएँ
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बिना देरी किए डॉक्टर से संपर्क करें
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डॉक्टर की सलाह अनुसार पूरा वैक्सीन कोर्स पूरा करें
आधा-अधूरा इलाज रेबीज़ के खतरे को बढ़ा सकता है।
ऑस्ट्रेलिया की चेतावनी से क्या सीख मिलती है?
यह मामला केवल एक वैक्सीन विवाद नहीं, बल्कि वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ा विषय है। इससे यह स्पष्ट होता है कि:
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दवाओं और वैक्सीन की सप्लाई चेन पर सख्त निगरानी जरूरी है
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अंतरराष्ट्रीय यात्रियों को अपने टीकाकरण रिकॉर्ड सुरक्षित रखने चाहिए
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किसी भी स्वास्थ्य चेतावनी को डर की बजाय जानकारी और सतर्कता के रूप में लेना चाहिए
Abhayrab Rabies Vaccine को लेकर ऑस्ट्रेलिया की चेतावनी ने जरूर ध्यान खींचा है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष निकालना गलत होगा कि भारत में दी जा रही हर वैक्सीन असुरक्षित है। विशेषज्ञों और निर्माताओं का कहना है कि यह मामला सीमित था और अब नियंत्रण में है।
सबसे जरूरी बात यह है कि रेबीज़ जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए वैक्सीन लेना अनिवार्य है। डर फैलाने वाली सूचनाओं के बजाय सही जानकारी, सतर्कता और समय पर इलाज ही लोगों की जान बचा सकता है।
संदेश साफ है- रेबीज़ से बचाव संभव है, बशर्ते लापरवाही न हो।
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