10 Indian Army Soldiers Killed in Doda Road Accident: डोडा में सड़क हादसे में 10 सैनिकों की शहादत, सेना ने दी अंतिम श्रद्धांजलि

10 Indian Army Soldiers Killed in Doda Road Accident: जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में बीते गुरुवार (22 जनवरी 2026) को एक दुखद सड़क हादसा हुआ, जिसमें भारतीय सेना के 10 वीर जवान शहीद हो गए। यह हादसा भादरवाह-चंबा अंतरराज्यीय सड़क पर खन्नी टॉप के 9,000 फीट ऊँचाई वाले खतरनाक इलाके में हुआ। सेना के अनुसार, यह एक “अफसोसजनक घटना” थी, जिसमें भारी बारिश और बर्फबारी के कारण वाहन सड़क से फिसल गया और गहरी खाई में गिर गया।

घटना का विवरण:

सेना की एक बख्तरबंद वाहन में जवान सवार थे, जो एक एंटी-टेरर ऑपरेशन पर जा रहे थे। इस हादसे में 10 जवान शहीद हुए और 11 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। शहीद हुए जवानों के नाम इस प्रकार हैं:

  • मोनू (बुलंदशहर-हिंदोम)

  • जॉबनजीत सिंह (रूपनगर-अम्बाला)

  • मोहित (झज्जर-हिंदम)

  • शैलेन्द्र सिंह भदौरिया (मोरार-ग्वालियर)

  • समीरन सिंह (झारग्राम-कालैकांडा)

  • प्रदुम्न लोहड़ (पुरुलिया-रांची)

  • सुधीर नारवाल (यमुनागर-अम्बाला)

  • हरे राम कुमार (भोजपुर-बिहटा)

  • अजय लाकड़ा (रांची)

  • रिंकिल बालीयां (हापुड़-हिंदोम)

मृतक सैनिकों के शव उनके गृह नगरों को अंतिम संस्कार के लिए भेज दिए गए हैं।

10 Indian Army Soldiers Killed in Doda Road Accident

सेना और प्रशासन की प्रतिक्रिया:

सेना ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग, लेफ्टिनेंट जनरल पी. के. मिश्रा ने शुक्रवार (23 जनवरी 2026) को जम्मू में शहीद सैनिकों के सम्मान में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया।

इस समारोह में भारतीय सेना, वायु सेना (IAF), सीमा सुरक्षा बल (BSF), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), पुलिस और सिविल प्रशासन के अधिकारी मौजूद थे। पुलिस के जम्मू ज़ोन के इंस्पेक्टर जनरल भीम सेन तुती और CRPF के जम्मू के IG आर. गोपाल कृष्णा राव ने भी तिरंगे में लिपटे शहीदों के शवों पर पुष्पांजलि अर्पित की।

शहीदों की वीरगाथा:

ये जवान न केवल देश की सुरक्षा के लिए समर्पित थे, बल्कि हर चुनौती का सामना हिम्मत और साहस के साथ करते थे। उनकी शहादत हमें याद दिलाती है कि देश की सुरक्षा में हमारे सैनिकों का बलिदान कितना मूल्यवान है। इनके योगदान और साहस को कभी भुलाया नहीं जा सकता।

10 Indian Army Soldiers Killed in Doda Road Accident

सड़क सुरक्षा और चुनौतीपूर्ण इलाकों में खतरे:

डोडा जिले जैसे पहाड़ी और कठिन इलाके अक्सर भूस्खलन, बर्फबारी और बारिश के कारण खतरनाक साबित होते हैं। सेना की वाहनों के लिए यह विशेष चुनौती होती है, खासकर जब जवान किसी ऑपरेशन में जा रहे हों। इस हादसे ने एक बार फिर दिखाया कि पहाड़ी इलाकों में यात्रा करना कितनी जोखिम भरी हो सकती है।

नागरिक और सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया:

इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर देशवासियों ने शहीद सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके परिवारों के प्रति संवेदना जताई। लोग इस घटना को राष्ट्रीय सुरक्षा के महत्व और सैनिकों की वीरता की याद दिलाने वाला कड़ा संदेश मान रहे हैं।

शहीदों को नमन:

भारत माता के इन वीर सपूतों की शहादत हमेशा याद रखी जाएगी। उनके परिवारों को हमारी संवेदनाएँ और सहयोग उनके साहस और बलिदान के लिए सम्मान व्यक्त करते हैं। सेना और प्रशासन ने शहीदों के परिवारों को हर संभव मदद का आश्वासन दिया है।

डोडा में हुए इस दुखद सड़क हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा हमें यह सिखाता है कि हमारे जवान केवल हमारी रक्षा नहीं करते, बल्कि कठिन परिस्थितियों में भी अपना कर्तव्य निभाने के लिए तैयार रहते हैं। उनकी शहादत को हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद किया जाएगा।

शहीद जवानों के परिवारों के लिए यह समय अत्यंत कठिन है। सेना और प्रशासन ने परिवारों को हर संभव सहायता का भरोसा दिया है, जिसमें आर्थिक मदद, सरकारी सुविधाएँ और भावनात्मक समर्थन शामिल हैं। देशभर के नागरिकों ने भी सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर परिवारों के प्रति संवेदनाएँ व्यक्त की हैं। इस दुखद घटना ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि सैनिक न केवल हमारी सुरक्षा के प्रहरी हैं, बल्कि उनके बलिदान और परिवारों की मजबूती भी हमारे समाज की ताकत हैं। इसीलिए उनकी शहादत को हमेशा सम्मान और श्रद्धा के साथ याद किया जाना चाहिए।

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