ट्यूबलेस टायर के 10 बड़े फायदे, जानकर आप भी तुरंत बदल देंगे अपना टायर!

ट्यूबलेस टायर के 10 बड़े फायदे: आज के समय में लगभग सभी नई कारें और अधिकतर बाइकें ट्यूबलेस टायर के साथ आ रही हैं। पहले जहां ट्यूब वाले टायर आम थे, वहीं अब ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से ट्यूबलेस तकनीक की ओर बढ़ चुकी है। लेकिन बहुत से लोगों के मन में अभी भी सवाल होता है कि आखिर ट्यूबलेस टायर में ऐसा क्या खास है? क्या ये वास्तव में ज्यादा सुरक्षित होते हैं? क्या इनसे माइलेज बेहतर होता है? और क्या इनकी मरम्मत आसान है?

इस लेख में हम ट्यूबलेस टायर के फायदे विस्तार से समझेंगे, साथ ही यह भी जानेंगे कि किन परिस्थितियों में ये ज्यादा उपयोगी साबित होते हैं।

ट्यूबलेस टायर क्या होता है और यह कैसे काम करता है?

ट्यूबलेस टायर नाम से ही स्पष्ट है कि इसमें अंदर अलग से ट्यूब नहीं होती। पारंपरिक टायर में हवा एक रबर ट्यूब के अंदर भरी जाती है, जो टायर के भीतर रहती है। लेकिन ट्यूबलेस टायर में टायर और रिम (wheel rim) के बीच एक एयर-टाइट सील बनाई जाती है। इसी सील की मदद से हवा सीधे टायर के अंदर रहती है।

इस डिज़ाइन में विशेष रबर कंपाउंड और मजबूत बीड (bead) का उपयोग किया जाता है, जो रिम से कसकर जुड़ा रहता है और हवा को बाहर निकलने से रोकता है। इस कारण ट्यूबलेस टायर में हवा का दबाव स्थिर रहता है और पंक्चर होने पर भी अचानक पूरी हवा बाहर नहीं निकलती।

ट्यूबलेस टायर के 10 बड़े फायदे:

ट्यूबलेस टायर के 10 बड़े फायदे benefits of tubeless tyre

अचानक हवा निकलने का खतरा कम

ट्यूबलेस टायर का सबसे बड़ा फायदा सुरक्षा से जुड़ा है। यदि सड़क पर कोई कील, कांच या नुकीली वस्तु टायर में घुस जाए, तो ट्यूब वाले टायर में ट्यूब तुरंत फट सकती है और हवा तेजी से निकल जाती है। इससे वाहन असंतुलित हो सकता है, जो खासकर हाई-स्पीड पर खतरनाक है।

लेकिन ट्यूबलेस टायर में ऐसा नहीं होता। जब कोई नुकीली वस्तु टायर में घुसती है, तो हवा धीरे-धीरे निकलती है। कई बार वह कील खुद ही छेद को आंशिक रूप से बंद कर देती है। इससे चालक को गाड़ी नियंत्रित करने और सुरक्षित स्थान पर रोकने का समय मिल जाता है। यही कारण है कि ट्यूबलेस टायर को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।

ब्लोआउट (Tyre Burst) का खतरा कम

ब्लोआउट यानी टायर का अचानक फटना अक्सर अत्यधिक गर्मी और ज्यादा घर्षण की वजह से होता है। पारंपरिक टायर में ट्यूब और टायर के बीच घर्षण होता है, जिससे गर्मी ज्यादा पैदा होती है। यदि हवा का दबाव कम हो और वाहन तेज गति में हो, तो टायर फटने का जोखिम बढ़ जाता है।

ट्यूबलेस टायर में अंदर ट्यूब नहीं होती, इसलिए घर्षण कम होता है और गर्मी भी कम बनती है। इससे टायर के फटने की संभावना कम हो जाती है। लंबी दूरी की यात्रा या हाईवे ड्राइविंग के लिए यह एक बड़ा सुरक्षा लाभ है।

पंक्चर की मरम्मत आसान और तेज

ट्यूबलेस टायर का एक और बड़ा फायदा इसकी आसान मरम्मत है। यदि छोटा पंक्चर हो जाए, तो कई मामलों में व्हील खोलने की जरूरत नहीं पड़ती। एक साधारण प्लग किट की मदद से छेद को बाहर से ही बंद किया जा सकता है।

बाइक सवारों के लिए यह सुविधा खासतौर पर उपयोगी है, क्योंकि रोडसाइड पर ही टायर ठीक किया जा सकता है। कारों में भी ट्यूबलेस टायर की मरम्मत अपेक्षाकृत जल्दी हो जाती है। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है।

बेहतर माइलेज और ईंधन दक्षता

ट्यूबलेस टायर में ट्यूब न होने के कारण उसका कुल वजन थोड़ा कम होता है। हल्का टायर वाहन की रोलिंग रेसिस्टेंस कम करता है। जब रोलिंग रेसिस्टेंस कम होती है, तो इंजन को वाहन आगे बढ़ाने के लिए कम ऊर्जा खर्च करनी पड़ती है।

हालांकि माइलेज में बहुत बड़ा अंतर नहीं होता, लेकिन लंबी अवधि में यह फर्क दिखाई देता है। विशेषकर शहर में रोजाना चलने वाले वाहन के लिए यह ईंधन बचत का एक सकारात्मक पहलू है।

टायर की लंबी उम्र

ट्यूबलेस टायर में कम घर्षण और बेहतर हीट डिसिपेशन (heat dissipation) के कारण इसका जीवनकाल अधिक होता है। गर्मी टायर के रबर को तेजी से घिसती है और कमजोर बनाती है। चूंकि ट्यूबलेस टायर में गर्मी कम बनती है, इसलिए इसका रबर लंबे समय तक मजबूत रहता है।

सही हवा का दबाव बनाए रखने पर ट्यूबलेस टायर पारंपरिक टायर की तुलना में अधिक समय तक चल सकते हैं।

बेहतर संतुलन और स्थिरता

ट्यूबलेस टायर का डिजाइन ऐसा होता है कि यह रिम के साथ मजबूती से फिट होता है। इससे वाहन का संतुलन बेहतर रहता है। हाई-स्पीड ड्राइविंग के दौरान यह स्थिरता खास महत्व रखती है।

साथ ही, सड़क की हल्की ऊबड़-खाबड़ सतह को भी यह अच्छे से संभाल लेता है, जिससे ड्राइविंग अनुभव अधिक आरामदायक हो जाता है।

सीलेंट तकनीक का फायदा

आजकल कई ट्यूबलेस टायर में पंक्चर सीलेंट का भी उपयोग किया जाता है। यदि टायर में छोटा छेद हो जाए, तो सीलेंट उस छेद को अस्थायी रूप से बंद कर देता है। इससे हवा का नुकसान कम होता है और वाहन कुछ दूरी तक सुरक्षित चल सकता है।

हालांकि यह स्थायी समाधान नहीं है, लेकिन इमरजेंसी स्थिति में यह बेहद उपयोगी साबित होता है।

हाईवे और लंबी दूरी के लिए बेहतर विकल्प

जो लोग अक्सर लंबी दूरी की यात्रा करते हैं या हाईवे पर गाड़ी चलाते हैं, उनके लिए ट्यूबलेस टायर ज्यादा सुरक्षित और भरोसेमंद माने जाते हैं। तेज गति में अचानक टायर फटने का खतरा कम होना एक बड़ा लाभ है।

इसके अलावा, लंबी दूरी में टायर का ज्यादा गर्म होना भी समस्या बन सकता है। ट्यूबलेस टायर इस मामले में बेहतर प्रदर्शन करते हैं।

रखरखाव आसान

ट्यूबलेस टायर में बार-बार ट्यूब बदलने की जरूरत नहीं होती। पारंपरिक टायर में यदि ट्यूब खराब हो जाए तो उसे बदलना पड़ता है। ट्यूबलेस टायर में ऐसी समस्या कम होती है।

बस नियमित रूप से हवा का दबाव जांचना और समय-समय पर टायर का निरीक्षण करना पर्याप्त होता है।

क्या ट्यूबलेस टायर की कोई कमी है?

जहां इसके कई फायदे हैं, वहीं कुछ सीमाएं भी हैं। ट्यूबलेस टायर की शुरुआती कीमत थोड़ी अधिक हो सकती है। इसके अलावा, अगर रिम ठीक स्थिति में न हो या टेढ़ा हो, तो एयर-टाइट सील सही से नहीं बन पाएगी।

गांव या दूरदराज के क्षेत्रों में कभी-कभी ट्यूबलेस टायर की मरम्मत की सुविधा कम मिलती है, हालांकि अब यह समस्या तेजी से कम हो रही है।

सुरक्षा, आसान मरम्मत, बेहतर स्थिरता, कम ब्लोआउट जोखिम और संभावित बेहतर माइलेज जैसे फायदों को देखते हुए ट्यूबलेस टायर आधुनिक वाहनों के लिए बेहतर विकल्प माने जाते हैं। यही कारण है कि आज लगभग सभी नई कारें और अधिकतर बाइकें ट्यूबलेस टायर के साथ आ रही हैं।

यदि आप नया वाहन खरीद रहे हैं या अपने पुराने वाहन के टायर बदलने की सोच रहे हैं, तो ट्यूबलेस टायर एक समझदारी भरा विकल्प हो सकता है।

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