Trump ने किया बड़ा ऐलान: ‘Third World Countries’ से Migration हमेशा के लिए रोकने की तैयारी

Third World Countries: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर दुनिया को चौंका देने वाला राजनीतिक धमाका कर दिया है। व्हाइट हाउस के पास एक अफगान मूल के युवक द्वारा गोलीबारी की घटना के बाद ट्रंप प्रशासन ने अमेरिकी इमिग्रेशन नीति में सबसे कड़े बदलावों की घोषणा कर दी है। ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका अब ‘थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज़’ से आने वाली माइग्रेशन को स्थायी रूप से रोकने की दिशा में आगे बढ़ेगा।

ट्रंप के इस बयान ने वैश्विक स्तर पर बहस छेड़ दी है क्योंकि यह फैसला ना सिर्फ अमेरिकी नीति को हिला सकता है बल्कि लाखों प्रवासी परिवारों और अंतरराष्ट्रीय रिश्तों पर भी असर डाल सकता है।

White House के पास गोलीकांड बना बड़ा ट्रिगर | Third World Countries

Third World Countries

यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब गुरुवार को व्हाइट हाउस के पास दो नेशनल गार्ड सैनिकों पर गोली चलाई गई। हमलावर एक अफगान शरणार्थी था। इस घटना में घायल हुए दो में से एक सैनिक की मौत हो गई। ट्रंप ने इसे “घृणित हमला” और “आतंकी कार्रवाई” करार दिया।

घटना के कुछ ही घंटों बाद सरकार ने घोषणा की कि अब अमेरिका 19 “चिंता वाले देशों” से आए ग्रीन कार्ड धारकों की नागरिकता और रेज़िडेंसी की दोबारा समीक्षा करेगा। इन देशों में अफगानिस्तान, ईरान, सोमालिया, सूडान, यमन, हैती, क्यूबा, सीरिया, म्यांमार और कई अन्य विकासशील देश शामिल हैं।

ट्रंप ने कहा कि यह हमला अमेरिकी समाज में घुसपैठ कर चुकी “गैर-कानूनी और अस्थिर आबादी” का नतीजा है, और इसे रोकने के लिए अब अमेरिका को पहले से कहीं ज्यादा कड़े कदम उठाने होंगे।

Trump का कड़ा बयान: “Third World देशों से Migration पर स्थायी रोक जरूरी”

ट्रंप ने Truth Social पर एक लंबा पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि अब अमेरिका को अपनी माइग्रेशन पॉलिसी को रीसेट करना होगा। उन्होंने लिखा:

“मैं सभी थर्ड वर्ल्ड कंट्रीज़ से आने वाली माइग्रेशन को स्थायी रूप से रोकने वाला हूं, ताकि अमेरिकी सिस्टम पूरी तरह रिकवर हो सके। हम उन लाखों अवैध प्रवेशों को समाप्त करेंगे जो दूसरे प्रशासन की गलतियों से हुए हैं और उन सभी को deport करेंगे जो अमेरिका के लिए संपत्ति नहीं बल्कि बोझ हैं।”

ट्रंप ने यह भी कहा कि अब अमेरिका में कोई भी गैर-नागरिक किसी प्रकार की फेडरल बेनिफिट या सब्सिडी का हकदार नहीं होगा। इसके अलावा जो भी विदेशी नागरिक “देश की शांति को नुकसान” पहुंचाते पाए जाएंगे, उनकी नागरिकता छीनकर उन्हें बाहर किया जाएगा।

‘Third World countries’ शब्द पर बढ़ा विवाद

Third World Countries

‘Third World Countries’ शब्द वैसे तो काफी पुराना है और इसका उपयोग कई लोग विकासशील देशों के लिए करते हैं, लेकिन यह शब्द सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक रूप से विवादित माना जाता है। यह शब्द आज भी अफ्रीका, एशिया, दक्षिण अमेरिका और ओशिनिया के कई कम आय वाले देशों के लिए इस्तेमाल हो जाता है।

ट्रंप का यह बयान ना केवल इन देशों के लिए अपमानजनक माना जा रहा है, बल्कि इसे वैश्विक स्तर पर भेदभाव के रूप में भी देखा जा रहा है। कई विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे बयान अमेरिका की विदेश नीति को कमजोर कर सकते हैं।

USCIS भी एक्शन में, Green Card holders की बड़ी जांच शुरू

व्हाइट हाउस हमले के बाद अमेरिकी नागरिकता एवं इमिग्रेशन सेवा (USCIS) ने घोषणा की है कि वह अब हर उस प्रवासी की ग्रीन कार्ड स्थिति की जांच करेगी जो “चिंता वाले देशों” से आया है। यह वही 19 देश हैं जिन्हें ट्रंप ने पहले अपने ट्रैवल बैन में शामिल किया था। इनमें– अफगानिस्तान, म्यांमार, बुरुंडी, चाड, कांगो, क्यूबा, इक्वेटोरियल गिनी, इरीट्रिया, हैती, ईरान, लाओस, लीबिया, सिएरा लियोन, सोमालिया, सूडान, टोगो, तुर्कमेनिस्तान, वेनेजुएला और यमन शामिल हैं। अमेरिका ने अफगानिस्तान से आने वाली इमिग्रेशन एप्लिकेशन्स की प्रोसेसिंग को तत्काल प्रभाव से रोक भी दिया है।

Trump का दावा: “Immigration ने America की खुशहाली कम की है”

ट्रंप ने अपने लंबे पोस्ट में कहा कि माइग्रेशन अमेरिका की सामाजिक स्थिति के बिगड़ने का मुख्य कारण है। उनका दावा था कि:
दूसरे विश्वयुद्ध के बाद अमेरिका में ऐसी कोई समस्या नहीं थी, लेकिन माइग्रेशन ने समाज को अस्थिर बनाया। टेक्नोलॉजी भले बढ़ गई हो, लेकिन माइग्रेशन ने इन प्रगति के लाभों को खत्म कर दिया है। वे कहते हैं कि अब इस स्थिति का इलाज केवल “reverse migration” है—यानि देशों से लोगों को वापस भेजना।

ट्रंप पहले भी ऐसी बयानबाज़ियों के लिए जाने जाते रहे हैं, लेकिन इस बार मामला बेहद संवेदनशील है क्योंकि यह एक मौत से जुड़े आतंकी हमले के तुरंत बाद सामने आया है।

Federal Benefits खत्म करने का ऐलान

ट्रंप ने साफ कहा कि अब अमेरिका में गैर-नागरिकों को किसी भी प्रकार का सरकारी लाभ नहीं मिलेगा। इसमें शामिल हो सकते हैं— सोशल बेनिफिट, हाउसिंग सहायता, हेल्थ बेनिफिट।

कैनून के विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम लाखों प्रवासियों को प्रभावित करेगा और कई परिवारों को बुनियादी सुविधाओं से वंचित भी कर सकता है।

नागरिकता छीने जाने का खतरा भी बड़ा

ट्रंप ने कहा कि जो प्रवासी “अमेरिकी मूल्यों के खिलाफ” पाए जाएंगे, उनकी नागरिकता छीनी जा सकती है। अमेरिका में पहले भी कुछ मामलों में नागरिकता रद्द की गई है लेकिन यह बहुत दुर्लभ होता है। उनके अनुसार, जो भी विदेशी “देश के लिए बोझ” हैं—
जो कानून का पालन नहीं करते या जो सुरक्षा जोखिम बनते हैं या जिनके विचार “पश्चिमी सभ्यता के खिलाफ” हैं उन्हें देश से बाहर निकाल दिया जाएगा।

दुनिया में बढ़ी चिंता और बहस

ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया भर के राजनीतिक विश्लेषक हैरान हैं। कुछ लोग इसे अमेरिका की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम बता रहे हैं, जबकि कई इसे ट्रंप की चुनावी रणनीति मान रहे हैं। कई देशों की सरकारें भी चिंतित हैं क्योंकि इन फैसलों का असर सीधे उनके नागरिकों पर पड़ेगा। विशेषकर अफगान, ईरानी, सोमाली और वेनेज़ुएला के समुदायों के बीच डर का माहौल बन गया है। इमिग्रेशन संगठनों का कहना है कि यह फैसला न सिर्फ भेदभावपूर्ण है बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी गलत है।

गोलीकांड को बताया “आतंकी हमला”

ट्रंप ने अपनी पोस्ट में कहा कि व्हाइट हाउस के पास हुआ हमला अमेरिकी सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामले साबित करते हैं कि माइग्रेशन सिस्टम में बहुत बड़ी खामियां हैं जिन्हें तुरंत ठीक करने की जरूरत है। हमले की जांच जारी है और अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने इसे एक्ट ऑफ टेरर बताया है।

क्या इस पॉलिसी से अमेरिका में बड़ा बदलाव आएगा?

अगर ट्रंप प्रशासन इस नीति को पूरी तरह लागू करता है, तो अमेरिका में नई माइग्रेशन लगभग बंद हो सकती है कई लोगों की नागरिकता पर खतरा मंडरा सकता है, ग्रीन कार्ड धारकों की सख्त जांच होगी, गैर-नागरिकों को सरकारी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, इमिग्रेशन प्रोसेस और भी मुश्किल हो जाएगी

कई राजनेताओं का कहना है कि इससे अमेरिका का श्रम बाजार, टेक उद्योग और अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ेगा क्योंकि अमेरिका में लाखों नौकरियां विदेशी कर्मचारियों के सहारे चलती हैं।

अमेरिका की राजनीति में बढ़ेगी गर्मी

ट्रंप का यह बयान और नई इमिग्रेशन नीति आने वाले समय में अमेरिका की राजनीति को और गरमाने वाला है।
जहाँ एक तरफ उनके समर्थक इसे “ज़रूरी सुरक्षा कदम” बता रहे हैं, वहीं विरोधी इसे “खतरनाक और भेदभावपूर्ण” कह रहे हैं।

व्हाइट हाउस के पास हुए गोलीकांड ने अमेरिकी जनता के मन में भय पैदा किया है, और ट्रंप इस भय को अपनी नीतियों के समर्थन में बदलना चाहते हैं।

लेकिन यह नीतियां अमेरिका के भविष्य को किस दिशा में ले जाएंगी, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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