क्या सोया खाने से बॉडी सॉफ्ट हो जाती है और एस्ट्रोजेन बढ़ता है: फिटनेस की दुनिया में अक्सर यह सवाल उठता है कि “क्या सोया खाने से बॉडी सॉफ्ट हो जाती है?” या फिर “क्या सोया पुरुषों में एस्ट्रोजेन हार्मोन बढ़ा देता है?”।
यह सवाल खासकर जिम जाने वालों और बॉडीबिल्डिंग करने वालों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय है। बहुत से लोग मानते हैं कि सोया प्रोटीन पुरुषों के लिए हानिकारक हो सकता है, जबकि कुछ लोग इसे बेहतरीन शाकाहारी प्रोटीन स्रोत मानते हैं।
इस ब्लॉग में हम विस्तार से समझेंगे कि सोया में क्या होता है, यह शरीर पर कैसे असर डालता है, इसके फायदे और नुकसान क्या हैं और क्या वाकई यह पुरुषों में एस्ट्रोजेन लेवल को बढ़ाता है या नहीं।

Table of Contents
Toggleसोया में क्या होता है?
सोया एक ऐसा पौधा है जो हाई प्रोटीन के लिए जाना जाता है।
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100 ग्राम सोया चंक्स में करीब 52 ग्राम प्रोटीन पाया जाता है।
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इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम और फाइबर भी भरपूर मात्रा में होते हैं।
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सोया का सबसे खास तत्व है Isoflavones।
Isoflavones क्या हैं?
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Isoflavones को Phytoestrogens कहा जाता है।
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यह पौधों से मिलने वाले ऐसे यौगिक हैं जिनकी संरचना इंसानी हार्मोन एस्ट्रोजेन से मिलती-जुलती है।
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यही वजह है कि लोग मानते हैं कि सोया खाने से पुरुषों में एस्ट्रोजेन बढ़ सकता है।
क्या सोया खाने से एस्ट्रोजेन लेवल बढ़ता है?
यह सबसे बड़ा मिथक है।
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कई रिसर्च स्टडीज़ ने पाया है कि नॉर्मल मात्रा में सोया खाने से पुरुषों में एस्ट्रोजेन लेवल नहीं बढ़ता।
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Isoflavones शरीर में एस्ट्रोजेन जैसा हल्का असर जरूर दिखाते हैं, लेकिन यह इतना कमजोर होता है कि टेस्टोस्टेरोन या मसल्स ग्रोथ पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ता।
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हाँ, अगर कोई व्यक्ति बहुत ही ज्यादा मात्रा (दिन में 100–200 ग्राम सोया प्रोटीन महीनों तक) खाए तो हार्मोनल एक्टिविटी थोड़ी बदल सकती है।
👉 लेकिन सामान्य रूप से 30–60 ग्राम सोया प्रोटीन (लगभग 60–100 ग्राम सोया चंक्स/टोफू) खाने से कोई खतरा नहीं है।
क्या बॉडी “सॉफ्ट” हो जाती है?
कई लोग कहते हैं कि सोया खाने से बॉडी सॉफ्ट हो जाती है, यानी मांसपेशियों में हार्डनेस नहीं आती।
लेकिन सच्चाई यह है कि –
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बॉडी सॉफ्ट होने का कारण गलत डाइट, ज्यादा फैट बढ़ना, या कम इंटेंसिटी की ट्रेनिंग है।
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सोया खुद से बॉडी सॉफ्ट नहीं करता।
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अगर आप हेवी वेट ट्रेनिंग, बैलेंस्ड डाइट और प्रॉपर रिकवरी पर ध्यान देंगे तो सोया आपकी बॉडी को मजबूत और हार्ड बनाने में मदद करेगा।
सोया खाने के फायदे:
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हाई प्रोटीन सोर्स – शाकाहारी लोगों के लिए सबसे सस्ता और असरदार प्रोटीन।
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मसल्स ग्रोथ – प्रोटीन सिंथेसिस में मदद करता है और मसल्स रिकवरी तेज करता है।
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बोन हेल्थ – इसमें कैल्शियम और मैग्नीशियम होते हैं जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं।
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हार्ट हेल्थ – सोया कोलेस्ट्रॉल लेवल कम करने में भी मदद करता है।
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वेट मैनेजमेंट – फाइबर होने के कारण पेट देर तक भरा रहता है, जिससे ओवरईटिंग नहीं होती।
किन्हें सोया से सावधान रहना चाहिए?
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जिनको हार्मोन से जुड़ी बीमारियाँ हैं (जैसे गाइनेकोमास्टिया, थायरॉइड, हार्मोनल असंतुलन) उन्हें सोया ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए।
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छोटे बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए भी डॉक्टर की सलाह जरूरी है।
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लेकिन नॉर्मल फिटनेस करने वालों और जिम जाने वालों के लिए यह पूरी तरह सुरक्षित है।
कितनी मात्रा में सोया लेना चाहिए?
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जिम जाने वालों के लिए 30–50 ग्राम सोया प्रोटीन (यानी 60–100 ग्राम सोया चंक्स या 150–200 ग्राम टोफू) पर्याप्त है।
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इसे आप वर्कआउट के बाद प्रोटीन शेक में मिला सकते हैं या अपनी डाइट में सब्ज़ी, करी या सलाद के रूप में ले सकते हैं।
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सोया को चिकन, अंडा, दाल, पनीर, दूध जैसे अन्य प्रोटीन सोर्स के साथ बैलेंस करना सबसे अच्छा है।
👉 सोया खाने से न तो आपकी बॉडी सॉफ्ट होती है और न ही पुरुषों में खतरनाक रूप से एस्ट्रोजेन लेवल बढ़ता है।
👉 अगर आप इसे सही मात्रा में और बैलेंस्ड डाइट के साथ लेते हैं तो यह आपकी मसल्स ग्रोथ, बॉडी स्ट्रेंथ और फिटनेस के लिए एकदम फायदेमंद है।
👉 हाँ, हर चीज की तरह ओवरडोज़ नुकसान कर सकती है, इसलिए लिमिट में रहकर खाइए और सही ट्रेनिंग के साथ जोड़िए।
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