Smart Phone Usage While Studying: आज के समय में मोबाइल फोन हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है। खासकर छात्रों के लिए फोन जितना फायदेमंद है, उतना ही नुकसानदायक भी हो सकता है। एक तरफ मोबाइल से ऑनलाइन क्लास, नोट्स, वीडियो लेक्चर और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी आसान हो गई है, वहीं दूसरी तरफ सोशल मीडिया, गेम्स और नोटिफिकेशन पढ़ाई से ध्यान भटका देते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि पढ़ाई करते वक्त फोन का सही इस्तेमाल कैसे किया जाए, ताकि यह पढ़ाई में मददगार बने, रुकावट नहीं।

मोबाइल फोन: दुश्मन नहीं, सही इस्तेमाल जरूरी
अक्सर माता-पिता और शिक्षक मोबाइल को पढ़ाई का दुश्मन मानते हैं, लेकिन सच्चाई यह है कि मोबाइल खुद में गलत नहीं है। गलत है उसका बेवजह और जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल। अगर फोन को सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए, तो यह पढ़ाई को आसान, रोचक और असरदार बना सकता है। जरूरत है सही सोच और अनुशासन की।
पढ़ाई के लिए फोन को एक टूल की तरह देखें:
जब आप पढ़ाई कर रहे हों, तब मोबाइल को एंटरटेनमेंट डिवाइस नहीं बल्कि एक स्टडी टूल मानें। जैसे किताब, कॉपी और पेन का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए किया जाता है, वैसे ही फोन का इस्तेमाल भी केवल पढ़ाई से जुड़ी चीजों के लिए करें। जैसे ही आप फोन को स्क्रॉलिंग और चैटिंग से जोड़ते हैं, ध्यान भटकने लगता है।
पढ़ाई के समय नोटिफिकेशन से दूरी बनाएं:
फोन की सबसे बड़ी समस्या होती है लगातार आने वाले नोटिफिकेशन। एक मैसेज, एक रील या एक लाइक की आवाज भी आपका पूरा फोकस तोड़ सकती है। इसलिए पढ़ाई के समय फोन को साइलेंट या डू नॉट डिस्टर्ब मोड पर रखें। जरूरी कॉल के लिए आप फैमिली नंबर को एक्सेप्शन में रख सकते हैं, लेकिन सोशल मीडिया नोटिफिकेशन पूरी तरह बंद कर देना बेहतर होता है।
स्टडी ऐप्स और ऑनलाइन कंटेंट का सही चयन करें:
आज इंटरनेट पर पढ़ाई से जुड़ा हर कंटेंट मौजूद है, लेकिन हर वीडियो या वेबसाइट फायदेमंद नहीं होती। पढ़ाई के लिए भरोसेमंद और सीमित स्टडी ऐप्स का ही इस्तेमाल करें। जैसे नोट्स पढ़ना, मॉक टेस्ट देना या कॉन्सेप्ट समझने के लिए शॉर्ट वीडियो देखना। बिना उद्देश्य के यूट्यूब या गूगल पर घूमते रहना समय की बर्बादी बन सकता है।
टाइम लिमिट तय करें और उसका पालन करें:
फोन से पढ़ाई करते समय खुद के लिए समय सीमा तय करना बहुत जरूरी है। उदाहरण के लिए, अगर आप ऑनलाइन लेक्चर देख रहे हैं, तो पहले से तय करें कि आपको कितने समय तक फोन का इस्तेमाल करना है। समय पूरा होते ही फोन को साइड में रख दें। इससे आदत बनती है और फोन पर जरूरत से ज्यादा समय नहीं जाता।
फोन को दूर रखकर भी पढ़ने की आदत डालें:
हर विषय की पढ़ाई फोन से ही करना जरूरी नहीं है। किताब से पढ़ना, लिखकर अभ्यास करना और रिवीजन करना भी उतना ही जरूरी है। कोशिश करें कि पढ़ाई का एक हिस्सा बिना फोन के भी पूरा करें। इससे एकाग्रता बढ़ती है और दिमाग ज्यादा देर तक फोकस कर पाता है।
सोशल मीडिया का इस्तेमाल पढ़ाई के बाद करें:
पढ़ाई के दौरान सोशल मीडिया सबसे बड़ा ध्यान भटकाने वाला कारण बनता है। इसलिए सोशल मीडिया का इस्तेमाल पढ़ाई के ब्रेक या पढ़ाई खत्म होने के बाद ही करें। जब आप खुद को इनाम की तरह सोशल मीडिया का समय देते हैं, तो पढ़ाई में मन भी ज्यादा लगता है और अपराधबोध भी नहीं होता।
फोन को कंट्रोल में रखने के लिए खुद से ईमानदार बनें:
सबसे जरूरी बात यह है कि आप खुद से ईमानदार रहें। अगर आपको लगता है कि फोन की वजह से आपकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है, तो उसे स्वीकार करें और सुधार की कोशिश करें। जरूरत पड़े तो स्टडी के समय फोन किसी दूसरे कमरे में रख दें या पैरेंट्स की मदद लें।
मोबाइल से पढ़ाई को रोचक कैसे बनाएं:
फोन का सही इस्तेमाल पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि दिलचस्प बना सकता है। कॉन्सेप्ट वीडियो, क्विज, पॉडकास्ट और ऑनलाइन टेस्ट पढ़ाई को आसान बनाते हैं। जब पढ़ाई मजेदार लगने लगती है, तो फोन खुद-ब-खुद सही दिशा में इस्तेमाल होने लगता है।
मोबाइल फोन न तो पूरी तरह अच्छा है और न ही पूरी तरह बुरा। यह सब इस बात पर निर्भर करता है कि हम उसका इस्तेमाल कैसे करते हैं। अगर पढ़ाई के समय फोन को अनुशासन और समझदारी से इस्तेमाल किया जाए, तो यह एक मजबूत सहायक बन सकता है। याद रखें, फोन आपके कंट्रोल में होना चाहिए, आप फोन के कंट्रोल में नहीं।
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