Sendha Namak Vs Normal Salt: जानें कौन सा नमक है सेहत के लिए सुरक्षित और कौन ज्यादा खतरनाक?

Sendha Namak Vs Normal Salt: नमक हमारे रोजमर्रा के खाने का एक अनिवार्य हिस्सा है। यह न केवल खाने का स्वाद बढ़ाता है बल्कि शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने में भी मदद करता है। भारतीय घरों में मुख्य रूप से दो तरह के नमक उपयोग किए जाते हैं – सफेद नमक और सेंधा नमक। हालांकि, इन दोनों में रासायनिक संरचना, स्वास्थ्य पर प्रभाव और उपयोग में अंतर है।

सफेद नमक की विशेषताएँ | Sendha Namak Vs Normal Salt

Sendha Namak Vs Normal Salt

सफेद नमक, जिसे टेबल सॉल्ट या सामान्य नमक कहा जाता है, आमतौर पर रासायनिक तरीके से तैयार होता है। इसे समुद्री पानी या खनिज स्रोत से निकाला जाता है और फिर कई बार सफाई और प्रसंस्करण के बाद ब्लीच किया जाता है।

इस सफाई प्रक्रिया में नमक में प्राकृतिक मिनरल्स लगभग समाप्त हो जाते हैं और यह मुख्य रूप से सोडियम क्लोराइड बन जाता है। सफेद नमक में अक्सर आईोडिन मिलाया जाता है ताकि आयोडीन की कमी से होने वाली समस्याओं को रोका जा सके। हालांकि, अत्यधिक सफेद नमक का सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक हो सकता है।

अधिक सफेद नमक लेने से उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, गुर्दे की समस्याएं और मोटापा जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि सफेद नमक में मिनरल्स की कमी और अधिक सोडियम का स्तर इसे लंबे समय तक उपयोग के लिए नुकसानदायक बनाता है।

सेंधा नमक: प्राकृतिक और सुरक्षित

Sendha Namak Vs Normal Salt

सेंधा नमक, जिसे रॉक सॉल्ट या काला नमक भी कहा जाता है, प्राकृतिक रूप से खनिज खानों से प्राप्त किया जाता है। यह सफाई की प्रक्रिया से कम गुज़रता है और इसमें सोडियम के साथ-साथ कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटेशियम जैसे मिनरल्स प्राकृतिक रूप में मौजूद रहते हैं।

सेंधा नमक का स्वाद हल्का और मिट्टी जैसा होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सेंधा नमक का सेवन स्वास्थ्य के लिए सफेद नमक की तुलना में सुरक्षित है क्योंकि इसमें प्राकृतिक मिनरल्स मौजूद हैं और यह शरीर को आवश्यक इलेक्ट्रोलाइट्स प्रदान करता है।

हालांकि, सेंधा नमक भी अत्यधिक मात्रा में सेवन किया जाए तो सोडियम की अधिकता के कारण स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव डाल सकता है।

स्वास्थ्य पर असर: कौन है खतरनाक

सफेद नमक और सेंधा नमक दोनों में सोडियम क्लोराइड मौजूद होता है। शरीर के लिए आवश्यक सोडियम का सेवन जरूरी है, लेकिन अधिक मात्रा में यह हृदय और रक्तचाप संबंधी रोगों का कारण बन सकता है।

सफेद नमक का अधिक सेवन स्वास्थ्य के लिए खतरनाक इसलिए माना जाता है क्योंकि इसमें मिनरल्स की कमी होती है और यह पूरी तरह रासायनिक रूप से परिष्कृत होता है। वहीं, सेंधा नमक में मिनरल्स मौजूद होने और कम परिष्कृत होने के कारण इसे तुलनात्मक रूप से सुरक्षित माना जाता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि दिनभर में 5 ग्राम से अधिक नमक का सेवन नहीं करना चाहिए, चाहे वह सफेद हो या सेंधा। इसके अलावा, बीमारी जैसे उच्च रक्तचाप, हृदय रोग या गुर्दे की समस्याओं वाले लोग सेंधा या सफेद नमक का सेवन बहुत नियंत्रित मात्रा में करें।

सेंधा नमक के और फायदे

सेंधा नमक में प्राकृतिक मिनरल्स होने की वजह से यह पाचन में सुधार, मांसपेशियों की कार्यक्षमता, और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। कुछ शोधों के अनुसार, सेंधा नमक में मौजूद मिनरल्स शरीर को थकान और कमजोरी से बचाने में भी सहायक होते हैं।

सेंधा नमक का उपयोग सलाद, सूप, गरम पानी में या नींबू पानी में करने से यह शरीर में आवश्यक मिनरल्स की कमी को पूरा करने में मदद करता है।

सफेद नमक से बचाव के तरीके

सफेद नमक का सेवन कम करने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं। खाना पकाते समय नमक की मात्रा नियंत्रित रखें और प्राकृतिक मसालों और हर्ब्स का उपयोग करके स्वाद बढ़ाएं।

सफेद नमक की जगह सेंधा नमक या अन्य प्राकृतिक नमक का इस्तेमाल करना स्वास्थ्य के लिए बेहतर विकल्प है। इसके अलावा, पैकेज्ड या प्रोसेस्ड फूड में अक्सर अत्यधिक सफेद नमक होता है, इसलिए इन्हें कम सेवन करना चाहिए।

बच्चों और बुजुर्गों के लिए सलाह

बच्चों और बुजुर्गों के लिए सेंधा नमक का सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। बच्चे की आंतरिक प्रणाली बहुत संवेदनशील होती है और अत्यधिक सोडियम से स्वास्थ्य प्रभावित हो सकता है। बुजुर्गों के लिए भी अधिक सफेद नमक खतरनाक हो सकता है क्योंकि उनके हृदय और गुर्दे कम सक्रिय होते हैं।

         सेंधा नमक और सफेद नमक में सबसे बड़ा अंतर यह है कि सेंधा नमक प्राकृतिक मिनरल्स से भरपूर और कम परिष्कृत होता है, जबकि सफेद नमक रासायनिक रूप से परिष्कृत और मिनरल्स से खाली होता है। स्वास्थ्य के लिहाज से सेंधा नमक का सेवन तुलनात्मक रूप से सुरक्षित है, लेकिन अत्यधिक सेवन किसी भी नमक का हानिकारक हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित मात्रा में सेंधा नमक का उपयोग करने से शरीर के लिए आवश्यक मिनरल्स मिलते हैं और उच्च रक्तचाप या हृदय रोग जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है। सफेद नमक का सेवन नियंत्रित मात्रा में और स्वास्थ्यवर्धक भोजन के साथ करना सबसे बेहतर विकल्प है।

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