SCO Summit 2025 Highlights: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा अब पूरी हो चुकी है। वे तियानजिन से दिल्ली के लिए रवाना हो चुके हैं। इस यात्रा का मुख्य आकर्षण रहा SCO शिखर सम्मेलन, जिसमें उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ मंच साझा किया।
यह शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हुआ जब दुनिया वैश्विक अनिश्चितताओं, यूक्रेन युद्ध और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है। इस पृष्ठभूमि में भारत, रूस और चीन जैसे बड़े क्षेत्रीय खिलाड़ी एक मंच पर दिखे और यह तस्वीर अपने आप में एक बड़ा संदेश थी।
SCO शिखर सम्मेलन का महत्व | SCO Summit 2025 Highlights
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना 2001 में हुई थी। इसका उद्देश्य आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद जैसी समस्याओं से मिलकर लड़ना था। आज यह संगठन एशिया के सबसे प्रभावशाली राजनीतिक, सुरक्षा और आर्थिक मंचों में से एक है।
2025 का शिखर सम्मेलन खास इसलिए भी रहा क्योंकि इसमें भारत की भूमिका एक बड़े वैश्विक शक्ति के रूप में दिखी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि क्षेत्रीय सहयोग ही वैश्विक शांति और स्थिरता की कुंजी है।
पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग एक मंच पर
दूसरे दिन जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति शी जिनपिंग और राष्ट्रपति पुतिन एक साथ मंच पर नजर आए, तो यह दृश्य पूरी दुनिया के लिए खास था। तीनों नेताओं की मौजूदगी ने यह संदेश दिया कि एशिया में सहयोग और साझेदारी का नया दौर शुरू हो सकता है।
भारत, चीन और रूस जैसे बड़े देशों का एक मंच पर आना न केवल SCO के लिए बल्कि वैश्विक राजनीति के लिए भी अहम है।
पीएम मोदी और पुतिन की दोस्ती
SCO Summit 2025 का सबसे चर्चित पल रहा प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पुतिन की मुलाकात।
दोनों नेताओं के बीच एक द्विपक्षीय बैठक हुई जिसमें कई मुद्दों पर चर्चा की गई। खास बात यह रही कि पीएम मोदी और पुतिन इस बैठक के लिए एक ही कार में पहुंचे। यह तस्वीर इस बात का प्रतीक बन गई कि भारत और रूस के रिश्ते कितने गहरे और भरोसेमंद हैं।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने पुतिन से कहा:
“कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी भारत और रूस हमेशा कंधे से कंधा मिलाकर चले हैं। हमारा करीबी सहयोग न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि पूरी दुनिया में शांति और स्थिरता के लिए जरूरी है।”
यूक्रेन युद्ध पर भारत की साफ अपील
इस द्विपक्षीय वार्ता के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति से यूक्रेन युद्ध को जल्द से जल्द समाप्त करने की अपील की। उन्होंने कहा कि दुनिया अब शांति चाहती है और यह समय है जब सभी पक्ष मिलकर स्थायी समाधान खोजें।
मोदी ने कहा:
“हम लगातार संघर्ष पर चर्चा करते रहे हैं। शांति के हर प्रयास का स्वागत है। हम आशा करते हैं कि सभी पक्ष रचनात्मक रूप से आगे बढ़ेंगे। यह पूरी मानवता की पुकार है।”
यह बयान वैश्विक राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है क्योंकि भारत ने खुद को एक जिम्मेदार वैश्विक शक्ति के रूप में पेश किया है।
पुतिन को भारत आने का न्योता

प्रधानमंत्री मोदी ने रूस के राष्ट्रपति पुतिन को भारत आने का न्योता भी दिया। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ भारतीय इस साल दिसंबर में होने वाले 23वें शिखर सम्मेलन में पुतिन का इंतजार कर रहे हैं।
मोदी ने कहा:
“आपसे मिलना हमेशा यादगार अनुभव रहा है। हमारी बातचीत कई विषयों पर रही है और हम लगातार संपर्क में रहे हैं। दिसंबर में आप भारत आएंगे तो यह हमारी विशेष साझेदारी की गहराई को और दिखाएगा।”
भारत-रूस की रणनीतिक साझेदारी
भारत और रूस के बीच संबंध दशकों पुराने हैं। चाहे रक्षा क्षेत्र हो, ऊर्जा सहयोग हो या वैश्विक मंचों पर समर्थन – दोनों देशों ने हमेशा एक-दूसरे का साथ दिया है।
इस मुलाकात में भी दोनों नेताओं ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर दिया। ऊर्जा, रक्षा और व्यापार जैसे क्षेत्रों में नई संभावनाओं पर चर्चा हुई।
SCO मंच से पीएम मोदी का संदेश
SCO Summit में पीएम मोदी ने आतंकवाद और उग्रवाद जैसे मुद्दों पर भी सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि यह समय है जब सभी देश मिलकर इन चुनौतियों से निपटें।
उनका यह बयान न केवल SCO देशों के लिए बल्कि पूरे एशिया और वैश्विक स्तर पर एक सख्त संदेश था।
चीन यात्रा के अन्य पहलू
प्रधानमंत्री मोदी की यह यात्रा केवल SCO शिखर सम्मेलन तक सीमित नहीं रही। उनकी मौजूदगी ने भारत-चीन रिश्तों पर भी असर डाला।
भले ही भारत और चीन के बीच सीमाई तनाव बना हुआ है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक साथ दिखना दोनों देशों के लिए सकारात्मक संकेत है।
वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ताकत
SCO Summit 2025 ने एक बार फिर यह साबित किया कि भारत अब सिर्फ एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं बल्कि एक वैश्विक लीडर है।
पीएम मोदी की रूस और चीन जैसे देशों के साथ मजबूत बातचीत इस बात का सबूत है कि भारत अब हर बड़े वैश्विक मुद्दे पर अपनी आवाज रख रहा है और उसे सुना भी जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चीन यात्रा और SCO Summit 2025 भारत के लिए बेहद सफल रही।
- पीएम मोदी, शी जिनपिंग और पुतिन का एक मंच पर आना
- पुतिन के साथ गहरी दोस्ती और कार में साथ यात्रा करना
- यूक्रेन युद्ध को खत्म करने की अपील
- पुतिन को भारत आने का न्योता
- आतंकवाद और उग्रवाद पर सख्त रुख
ये सभी पल इस यात्रा को यादगार बनाते हैं।
अब जब पीएम मोदी दिल्ली लौट चुके हैं, तो दुनिया इस बात की गवाह बनी कि भारत ने एक बार फिर शांति, सहयोग और साझेदारी का मजबूत संदेश दिया है।
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