Saudi Arabia Bus Accident: 42 भारतीयों की दर्दनाक मौत, उमराह यात्रियों में मातम—PM मोदी समेत देशभर से संवेदनाएँ

Saudi Arabia Bus Accident: सऊदी अरब में सोमवार को हुआ भीषण सड़क हादसा पूरे भारत के लिए एक गहरा सदमा लेकर आया है। मक्का से मदीना जा रहे उमराह यात्रियों की बस सोमवार को एक टैंकर से टकरा गई, जिससे बस में आग लग गई और देखते ही देखते पूरी बस जलकर खाक हो गई। हादसा इतना भयानक था कि 42 भारतीय यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई। कई शव इतने ज़्यादा जले हुए थे कि पहचान भी मुश्किल हो गई।

सऊदी अरब की रेत भरी सड़क पर हुई यह टक्कर देश और दुनिया के लिए एक दिल दहलाने वाली खबर बनकर सामने आई। कई परिवारों की उम्मीदें, सपने और तीन पीढ़ियों तक फैला एक पूरा कुनबा इस हादसे में खत्म हो गया। यह सिर्फ एक दुर्घटना नहीं बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने करोड़ों लोगों को झकझोर दिया।

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हादसे की पूरी कहानी: मक्का से मदीना की यात्रा में हुई दरिंदगी जैसी टक्कर Saudi Arabia Bus Accident

Saudi Arabia Bus Accident

उमराह यात्रा पूरा कर चुके भारतीय श्रद्धालु सोमवार को मक्का से मदीना की ओर जा रहे थे। लगभग उसी समय सामने से आ रहे एक टैंकर ने तेज़ रफ्तार में उनकी बस को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस कुछ ही मिनटों में आग की लपटों में घिर गई।

रिस्क्यू टीमों के अनुसार, बस पूरी तरह जल चुकी थी और यात्रियों को बाहर निकलने का मौका तक नहीं मिला। कुछ यात्रियों ने बचने की कोशिश की लेकिन धुएँ और आग की वजह से बाहर नहीं निकल सके।

टीमें जब मौके पर पहुँचीं तो बस की हालत देखकर वे भी दंग रह गईं। कई शवों की पहचान करना मुश्किल हो गया क्योंकि आग ने सब कुछ राख में बदल दिया था।

42 भारतीयों की मौत: एक ज़िंदा बचे यात्री की हालत गंभीर

स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, एक व्यक्ति—मोहम्मद अब्दुल शोएब—इस भयानक दुर्घटना में जीवित बचा है। उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है, लेकिन उसकी स्थिति गंभीर बताई जा रही है।

भारत सरकार और भारतीय दूतावास लगातार उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। उसके बयान आगे की जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

PM मोदी, उपराष्ट्रपति और कई मंत्रियों ने जताया दुख

इस हादसे की खबर जैसे ही देश पहुँची, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत अपनी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा:

“मेरी संवेदनाएँ उन परिवारों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है। मैं सभी घायलों के जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूँ।”

उपराष्ट्रपति CP राधाकृष्णन, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, विदेश मंत्री एस जयशंकर और संसदीय मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने भी गहरा दुःख व्यक्त किया।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारतीय अधिकारी सऊदी प्रशासन के संपर्क में हैं ताकि घायलों को समुचित इलाज मिले और सभी प्रक्रियाएँ तेजी से पूरी की जा सकें।

एक ही परिवार के 18 सदस्य मौत का शिकार—तीन पीढ़ियाँ खत्म

हैदराबाद के एक परिवार की कहानी इस हादसे की सबसे दर्दनाक कहानी बनकर सामने आई। रिपोर्टों के अनुसार, इसी बस में एक ही परिवार के 18 लोग सवार थे। इनमें 9 बच्चे भी शामिल थे।

तीन पीढ़ियाँ—दादा-दादी से लेकर छोटे पोते-पोतियाँ तक—सभी की मौत ने पूरे इलाके में मातम फैला दिया। यह परिवार शनिवार को भारत लौटने वाला था, लेकिन उससे पहले ही यह हादसा हो गया।

परिवार के रिश्तेदारों ने बताया कि यह यात्रा उनके जीवन का एक खास मौका था, लेकिन किस्मत ने उन्हें ऐसी त्रासदी दे दी जिसने सभी को अंदर तक तोड़ दिया है।

भारत सरकार सतर्क, जेद्दा में 24×7 कंट्रोल रूम सक्रिय

भारतीय दूतावास ने तुरंत कार्रवाई करते हुए जेद्दा में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम शुरू किया है।

कंट्रोल रूम नंबर (जेद्दा): 8002440003

भारत सरकार ने भी परिवारों के लिए दो नंबर जारी किए हैं ताकि हर जानकारी तक पहुँच आसान हो सके।
भारत सरकार हेल्पलाइन: +91 7997959754, +91 9912919545

सरकार का उद्देश्य है कि पहचान, दस्तावेज़ीकरण, अंतिम संस्कार की प्रक्रियाएँ और पीड़ित परिवारों से संपर्क तेज़ी से किया जा सके।

तेलंगाना सरकार की बड़ी घोषणा: 5 लाख रुपए मुआवजा

तेलंगाना सरकार ने इस हादसे को राज्य के लिए “बहुत बड़ी क्षति” बताया है। राज्य कैबिनेट की बैठक के बाद मुख्यमंत्री रేవंत रेड्डी ने घोषणा की कि तेलंगाना के 45 यात्रियों के परिवारों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

इसके अलावा, राज्य सरकार ने एक आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब भेजने का फैसला किया है, जिसका नेतृत्व अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मोहम्मद अजहरुद्दीन करेंगे। इस दल के साथ AIMIM के एक विधायक और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि मृतकों के अंतिम संस्कार वहीं सऊदी अरब में धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार किए जाएंगे, ताकि प्रक्रिया जल्द और सम्मानपूर्वक पूरी हो सके।

भारतीय अधिकारी लगातार सऊदी प्रशासन के संपर्क में

विदेश मंत्रालय और सऊदी के स्थानीय प्रशासन लगातार एक-दूसरे से संपर्क में हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा:
“भारतीय अधिकारी सऊदी अधिकारियों के साथ निकट समन्वय में हैं ताकि घायलों को सही इलाज मिले और मृतकों की पहचान व दस्तावेज़ीकरण का काम तेज़ी से हो सके।”

यह समन्वय इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि बस के जलने के कारण कई शवों की पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया है।

हादसा क्यों हुआ? जांच जारी

अब तक हादसे की वजह को लेकर कई तरह की चर्चाएँ हैं। कुछ रिपोर्टों में बताया गया कि बस तेज़ गति से चल रही थी और टैंकर भी गलत दिशा में आ रहा था। दूसरी तरफ, कुछ मीडिया रिपोर्टों ने दावा किया कि सड़क पर तेज़ रफ्तार और ड्राइवर की थकान भी कारण हो सकती है।

हालांकि सऊदी प्रशासन ने आधिकारिक रूप से जांच शुरू कर दी है, और जल्द ही पूरी रिपोर्ट सामने आने की उम्मीद है। भारतीय दूतावास ने मांग की है कि घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

घायल यात्रियों का इलाज जारी

अस्पताल में भर्ती यात्रियों को सऊदी सरकार की ओर से पूरी चिकित्सा सुविधा दी जा रही है। डॉक्टर्स के अनुसार, कुछ यात्रियों को गंभीर जलन, सांस लेने में दिक्कत और मानसिक सदमा लगा है।

भारतीय अधिकारी अस्पताल में लगातार मौजूद हैं और पीड़ितों की हर ज़रूरत का ध्यान रखा जा रहा है।

भारत में शोक की लहर—परिवारों में मातम, कई घरों में चूल्हा तक नहीं जला

हादसे की खबर के बाद कई राज्यों में शोक की लहर दौड़ गई। हैदराबाद, करनूल, निज़ामाबाद, कर्नाटक, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों से कई परिवारों ने अपनों को खो दिया।

कई घरों में मातम छाया हुआ है। कुछ परिवार तो ऐसे हैं जिनके कमाने वाले सदस्य इस यात्रा पर गए थे। कुछ घरों में चूल्हा तक नहीं जला, और कई परिवारों की हालत देख कर लोग भी साथ रो पड़े।

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रिया

इस हादसे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चिंता पैदा की है। दुनिया भर के मुस्लिम समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी सरकार से सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी दुर्घटनाएँ न हों।

उमराह यात्रा पर हर साल लाखों लोग जाते हैं और ट्रांसपोर्टेशन की सुरक्षा हमेशा से सवालों के घेरे में रही है।

एक दर्दनाक घटना जिसे याद रखना मुश्किल नहीं होगा

सऊदी अरब में हुआ यह हादसा सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक ऐसी त्रासदी है जिसने कई भारतीय परिवारों को हमेशा के लिए बदल दिया है। 42 भारतीयों की मौत, एक ही परिवार के 18 लोगों का खत्म हो जाना और कई राज्यों में मातम—यह सब मिलकर इस घटना को भारत के इतिहास की सबसे दर्दनाक विदेश त्रासदियों में से एक बना देता है।

सरकारें, अधिकारी और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियाँ लगातार मदद और कार्रवाई में जुटी हैं, लेकिन जिन घरों में अपनों की चिरस्थायी कमी रह जाएगी, उनकी पीड़ा कोई कम नहीं कर सकता।

दुआ यही है कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हों और दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।

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