Reindeer Velvet Antlers: क्यों खाए जाते हैं रीनडियर के सींग?

Reindeer Velvet Antlers: रीनडियर, जिन्हें हम आम भाषा में कारिबू भी कहते हैं, ठंडे आर्कटिक क्षेत्रों में पाए जाने वाले जानवर हैं। ये अपने सुंदर और विशिष्ट सींगों के लिए प्रसिद्ध हैं। रीनडियर के सींग अन्य हिरणों की तुलना में कुछ अलग होते हैं। उनका विकास और जीवन चक्र कई लोगों के लिए जिज्ञासापूर्ण विषय है। आज हम जानेंगे कि रीनडियर के सींग क्यों खाए जाते हैं और जब ये वेलवेट स्टेज में होते हैं, तो उनका महत्व क्या होता है।

Reindeer Velvet Antlers

रीनडियर के सींगों का जीवन चक्र:

रीनडियर के सींग सालाना बदलते हैं। ये एक प्रकार की हड्डी होती है जो उनके सिर पर उगती है और साल में एक बार गिरती है। नवजात रीनडियर के लिए यह सींग सबसे पहले महीनों के भीतर छोटे अंकुरों के रूप में दिखाई देते हैं। धीरे-धीरे ये बढ़ते हैं और वेलवेट या मखमली (velvet) परत से ढके होते हैं।

वेलवेट स्टेज वह अवस्था है जब सींग अभी पूरी तरह कठोर नहीं हुए होते। इस समय सींग नरम, नाजुक और खून की नसों से भरे हुए होते हैं। इसलिए इसे ‘velvet’ कहा जाता है।

क्यों खाए जाते हैं रीनडियर के वेलवेट सींग?

राइनडियर के वेलवेट सींगों का उपयोग पारंपरिक और औषधीय दृष्टिकोण से किया जाता है। विशेषकर चीन और रूस में इसे सदियों से औषधि के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है। इसे आमतौर पर “Reindeer Velvet Antler” कहा जाता है।

  1. आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा में महत्व:
    वेलवेट सींगों में कोलेजन, अमीनो एसिड, मिनरल्स और हॉर्मोन्स पाए जाते हैं। पारंपरिक चिकित्सा में इसे शरीर की ऊर्जा बढ़ाने, रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने और जोड़ों के दर्द में आराम देने के लिए उपयोग किया जाता है।

  2. सप्लिमेंट्स और पोषण:
    आजकल वेलवेट सींग का पाउडर या कैप्सूल बनाकर उसे सप्लिमेंट के रूप में बेचा जाता है। इसे खासकर एथलीट और बुजुर्ग लोग खा कर ताकत, सहनशक्ति और हड्डियों की मजबूती के लिए लेते हैं।

  3. उत्सर्जन और टॉनिक के रूप में:
    कुछ देशों में इसे ऊर्जा बढ़ाने वाला टॉनिक बनाने के लिए भिगोकर और निकालकर पीने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह शरीर में स्टैमिना और मानसिक शक्ति को बढ़ाता है।

रीनडियर के वेलवेट सींग (Velvet Antler) मुख्य रूप से औषधीय और स्वास्थ्य संबंधी उपयोगों के लिए खाए या इस्तेमाल किए जाते हैं। इसे सीधे खाने की बजाय विभिन्न रूपों में लिया जाता है। यहाँ विस्तार से बताया गया है कि कहाँ-कहाँ और कैसे खाया जाता है:

1. चीन और पूर्वी एशिया:

  • चीन में इसे सदियों से पारंपरिक चीनी औषधि (TCM – Traditional Chinese Medicine) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

  • इसे सूप, काढ़ा (decoction), टॉनिक और पाउडर के रूप में लिया जाता है।

  • माना जाता है कि यह ऊर्जा बढ़ाने, जोड़ों की मजबूती, और जीवन शक्ति बढ़ाने में मदद करता है।

2. रूस और स्कैंडिनेवियाई देश:

  • रूस में रीनडियर वेलवेट का उपयोग टी, अर्क (extract), या सप्लिमेंट के रूप में होता है।

  • वहां इसे अक्सर सर्दियों में शरीर की ताकत बढ़ाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने के लिए खाया जाता है।

  • स्कैंडिनेवियाई देशों में भी एथलीट इसे सहनशक्ति और फिटनेस सुधारने के लिए लेते हैं।

3. सप्लिमेंट और स्वास्थ्य उद्योग:

  • आजकल इसे कैप्सूल, पाउडर, लिक्विड अर्क के रूप में दुनिया भर में बेचा जाता है।

  • यह विशेषकर एथलीट, बुजुर्ग और शारीरिक कमजोरी वाले लोगों द्वारा खाया जाता है।

  • इसमें कोलेजन, एमिनो एसिड, मिनरल्स और हॉर्मोन होते हैं, जो शरीर की ऊर्जा और जोड़ों की ताकत बढ़ाने में मदद करते हैं।

4. खेल और फिटनेस संबंधी उपयोग:

  • कुछ लोग इसे स्टैमिना बढ़ाने और मांसपेशियों की रिकवरी के लिए सप्लिमेंट के रूप में खाते हैं।

  • वेलवेट सींग के अर्क को शेक या प्रोटीन ड्रिंक में मिलाकर भी लिया जाता है।

5. सौंदर्य और पोषण संबंधी उपयोग:

  • वेलवेट सींग को कभी-कभी कोलेजन क्रीम और लोशन में भी शामिल किया जाता है, जिसे त्वचा की नमी और लचीलापन बढ़ाने के लिए उपयोग किया जाता है।

  • कुछ जगहों पर इसे पालतू जानवरों के पोषण में भी मिलाया जाता है।

नोट: वेलवेट सींग कभी-कभी सीधे नहीं खाए जाते, बल्कि पाउडर, अर्क, टॉनिक या कैप्सूल के रूप में लिया जाता है। इससे शरीर आसानी से पोषक तत्व अवशोषित कर पाता है और हानिकारक प्रभाव भी कम होते हैं।

वेलवेट स्टेज में क्यों लिया जाता है?

सींग जब पूरी तरह कठोर हो जाते हैं, तो उनका जैविक सक्रिय पदार्थ कम हो जाता है। वहीं वेलवेट स्टेज में सींग में रक्त प्रवाह अधिक होता है और इसमें पोषक तत्व अधिक मात्रा में मौजूद रहते हैं। इसलिए पारंपरिक चिकित्सा में इसे ही प्राथमिकता दी जाती है।

रीनडियर के लिए नुकसान और नैतिक पहलू:

रीनडियर के सींग लेने की प्रक्रिया कुछ देशों में नियंत्रित होती है। वेलवेट सींग लेने का तरीका ऐसा होना चाहिए कि जानवर को दर्द न पहुंचे। कई जगहों पर सींग लेने के बाद जानवर को आराम करने और सींग दोबारा उगाने का समय दिया जाता है।

हालांकि, इसके बावजूद पर्यावरणविदों और पशु अधिकार कार्यकर्ताओं की चिंता बनी रहती है। उनका मानना है कि जानवरों के प्राकृतिक जीवन में हस्तक्षेप उनके स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति पर असर डाल सकता है।

वेलवेट सींग का आधुनिक उपयोग:

आज के समय में वेलवेट सींग सिर्फ औषधि तक ही सीमित नहीं हैं। इनका उपयोग सौंदर्य उत्पादों, पालतू जानवरों के पोषण में, और स्वास्थ्य-संबंधी सप्लिमेंट्स में भी किया जा रहा है।

  • सप्लिमेंट उद्योग: कैप्सूल और पाउडर

  • सौंदर्य उत्पाद: कोलेजन क्रीम और लोशन

  • खेल और फिटनेस: ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने वाले टॉनिक

हालांकि रीनडियर के वेलवेट सींगों के औषधीय और स्वास्थ्य लाभों के बारे में बहुत बातें की जाती हैं, लेकिन इसे खाने और इस्तेमाल करने के पीछे एक गंभीर शोषण और नैतिक समस्या भी है। रीनडियर को अक्सर उनके प्राकृतिक जीवन चक्र के दौरान बाधित किया जाता है।

सींग लेने की प्रक्रिया, चाहे वेलवेट स्टेज में हो या बाद में, जानवर के लिए दर्दनाक और तनावपूर्ण हो सकती है। कई बार इसे ऐसे तरीके से लिया जाता है कि जानवर मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान होते हैं। इसके अलावा, अनियंत्रित शिकार और सींग के व्यावसायिक उत्पादन से रीनडियर की आबादी पर भी दबाव बढ़ता है, जिससे उनका प्राकृतिक जीवन संकट में पड़ सकता है।

इसका मतलब यह है कि रीनडियर के सींग का सेवन केवल स्वास्थ्य लाभ के लिए नहीं, बल्कि जानवरों और पर्यावरण पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों के कारण भी चिंता का विषय है। यह हमें याद दिलाता है कि प्राकृतिक संसाधनों का शोषण और लालच कभी-कभी स्वास्थ्य लाभ से भी बड़ा खतरा पैदा कर सकता है।

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