Rashtriya Ekta Diwas: सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर एकता का उत्सव, पूरे भारत में गूंजा देशभक्ति का स्वर

हर साल 31 अक्टूबर को पूरा देश लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को राष्ट्रीय एकता दिवस यानी Rashtriya Ekta Diwas के रूप में मनाता है। 2025 में यह दिन और भी खास है, क्योंकि यह सरदार पटेल की 150वीं जयंती का प्रतीक है। इस अवसर पर पूरे भारत में एकता, समरसता और राष्ट्रीय एकजुटता का संदेश गूंज रहा है।

दिल्ली से लेकर गुजरात तक, गांव से लेकर महानगरों तक देशभर में कार्यक्रम, पदयात्राएं और सांस्कृतिक उत्सवों का आयोजन किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज सुबह लोगों से अपील की कि हर नागरिक ‘रन फॉर यूनिटी’ जैसे अभियानों में हिस्सा लेकर देश की एकता और अखंडता के इस पर्व को सशक्त बनाए।

सरदार पटेल: भारत के लौहपुरुष और एकता के निर्माता | Rashtriya Ekta Diwas:

Rashtriya Ekta Diwas Rashtriya Ekta Diwas

राष्ट्रीय एकता दिवस का सीधा संबंध सरदार वल्लभभाई पटेल की उस महान भूमिका से है, जो उन्होंने भारत की आज़ादी के बाद निभाई। वह स्वतंत्र भारत के पहले उपप्रधानमंत्री और गृहमंत्री थे, जिन्होंने 560 से अधिक रियासतों को एकजुट कर एक भारत का निर्माण किया।

उनकी राजनीतिक समझ, नेतृत्व क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण ही भारत आज एक अखंड राष्ट्र के रूप में खड़ा है। सरदार पटेल को भारत का “लौहपुरुष” कहा जाता है क्योंकि उन्होंने देश की एकता को अपनी प्राथमिकता बनाया और कभी समझौता नहीं किया।राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत कैसे हुई

राष्ट्रीय एकता दिवस की शुरुआत साल 2014 में हुई थी। उसी वर्ष भारत सरकार ने 31 अक्टूबर को औपचारिक रूप से राष्ट्रीय एकता दिवस के रूप में घोषित किया। इसका उद्देश्य सरदार पटेल के योगदान को याद करना और उनके आदर्शों को हर पीढ़ी तक पहुँचाना है।

तब से हर साल इस दिन पर देशभर में रैलियाँ, “रन फॉर यूनिटी”, सांस्कृतिक कार्यक्रम और शपथ समारोह आयोजित किए जाते हैं, जिनमें लोग यह संकल्प लेते हैं कि वे देश की एकता और अखंडता के लिए सदैव समर्पित रहेंगे।

एक भारत श्रेष्ठ भारत की पहल

सरदार पटेल के सपने को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 31 अक्टूबर 2015 को “एक भारत श्रेष्ठ भारत” अभियान की शुरुआत की थी। इस पहल का उद्देश्य भारत के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आपस में जोड़ना है, ताकि भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता में भी एकता की भावना बनी रहे।

इस पहल के तहत हर साल विभिन्न राज्यों को एक-दूसरे से “जुड़वां राज्य” के रूप में जोड़ा जाता है। उदाहरण के तौर पर तमिलनाडु को जम्मू-कश्मीर से, गुजरात को असम से, और पंजाब को केरल से जोड़ा गया ताकि विद्यार्थी, कलाकार, और आम नागरिक एक-दूसरे की परंपराओं और संस्कृतियों को समझ सकें।

इस वर्ष का थीम: विविधता में एकता (Unity in Diversity)

2025 में राष्ट्रीय एकता दिवस का थीम है “विविधता में एकता”। यह थीम भारत की आत्मा को दर्शाता है, जहाँ अलग-अलग भाषाएँ, संस्कृतियाँ और परंपराएँ होते हुए भी हम सभी एक ही सूत्र में बंधे हैं।

यह दिन हमें यह याद दिलाता है कि हमारी ताकत हमारी विविधता में छिपी है। जब हम अपने मतभेदों को पीछे छोड़कर एकजुट होते हैं, तभी भारत और मज़बूत बनता है। यही सरदार पटेल की विचारधारा का मूल था — एक ऐसा भारत जो अपने हर नागरिक के साथ खड़ा हो।

दिल्ली में सजेगा एकता का उत्सव

राजधानी दिल्ली में इस वर्ष राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर दो महीने लंबा अभियान “Sardar@150” शुरू किया गया है। यह अभियान न केवल सरदार पटेल को श्रद्धांजलि है, बल्कि युवाओं के लिए आत्मनिर्भरता, ईमानदारी और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी है।

दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशिष सूद ने कहा कि यह पहल देश के युवाओं को प्रेरित करेगी कि वे सरदार पटेल के बताए रास्ते पर चलें और राष्ट्र को एक सूत्र में बाँधने की दिशा में कार्य करें।

आज शाम 6 बजे पटेल चौक से लेकर नेशनल वॉर मेमोरियल तक “एकता मार्च” का आयोजन किया जा रहा है। इसमें एनएसएस, एनसीसी, विद्यार्थी, शिक्षक और सैकड़ों स्वयंसेवक शामिल होंगे। यह मार्च My Bharat प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से आयोजित किया गया है ताकि अधिक से अधिक युवा जुड़ सकें।

देशभर में कार्यक्रम: रन फॉर यूनिटी और भारतीय वायुसेना का एयर शो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अपील की है कि वे “Run for Unity” कार्यक्रम में भाग लें। इस अभियान का उद्देश्य नागरिकों में एकता की भावना को मजबूत करना है। देश के सभी राज्यों में आज सुबह से हजारों लोग दौड़ में शामिल हुए और “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का नारा बुलंद किया।

इसके साथ ही भारतीय वायुसेना की सूर्य किरण टीम द्वारा एक शानदार एयर शो आयोजित किया गया। आसमान में तिरंगे रंग की धारा फैलाते विमानों ने सरदार पटेल को नमन किया। यह नजारा हर भारतीय के दिल में गर्व और एकता की भावना भर गया।

गुजरात में ‘भारत पर्व’ और एकता नगर में नई शुरुआत

सरदार पटेल की जन्मभूमि गुजरात में भी भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। नर्मदा जिले के एकता नगर (पूर्व में स्टैच्यू ऑफ यूनिटी टाउन) में आज से 15 नवंबर तक भारत पर्व का आयोजन होगा।

इस आयोजन में देशभर से आए कलाकार अपने राज्यों की सांस्कृतिक झलक प्रस्तुत करेंगे। पारंपरिक नृत्य, संगीत कार्यक्रम और क्षेत्रीय व्यंजनों का फूड फेस्टिवल इस पर्व का मुख्य आकर्षण है। इसके अलावा 280 करोड़ रुपये की नई इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं का शुभारंभ भी इसी हफ्ते किया जाएगा।

सरदार पटेल की विचारधारा आज भी प्रासंगिक

सरदार वल्लभभाई पटेल का जीवन हमें सिखाता है कि एक सशक्त राष्ट्र तभी बनता है जब उसके नागरिक एकजुट हों। आज जब दुनिया विभाजन, संघर्ष और भेदभाव से जूझ रही है, तब पटेल के आदर्श पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं।

उन्होंने कहा था, “हमारा यह देश विभिन्न धर्मों, भाषाओं और संस्कृतियों का संगम है, लेकिन इन सभी में एकता का भाव ही भारत को महान बनाता है।” यही विचार आज राष्ट्रीय एकता दिवस का आधार है।

सरदार पटेल के सपनों का भारत

राष्ट्रीय एकता दिवस सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि एक सोच है, एक ऐसा भारत जहाँ विविधता सम्मान का कारण है, विभाजन का नहीं। यह दिन हमें सरदार पटेल की याद दिलाता है जिन्होंने न केवल देश को एक किया बल्कि हमें एकजुट रहने की प्रेरणा दी।

2025 में जब हम उनकी 150वीं जयंती मना रहे हैं, तो यह अवसर है खुद से यह वादा करने का कि हम भी उनके बताए रास्ते पर चलेंगे, एकता का संदेश फैलाएँगे और हर नागरिक को भारत की ताकत से जोड़ेंगे।

आज जब देशभर में “रन फॉर यूनिटी”, “सूर्य किरण एयर शो” और “भारत पर्व” जैसे आयोजन हो रहे हैं, तब यह कहना गलत नहीं होगा कि सरदार पटेल का सपना “एक भारत, श्रेष्ठ भारत”  अब सिर्फ नारा नहीं, बल्कि हर भारतीय की पहचान बन चुका है।

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