Rabi Crops MSP Hike 2025: छठ-दीवाली से पहले किसानों को मोदी सरकार का तोहफ़ा, गेहूं-चना-सरसों की एमएसपी में बड़ी बढ़ोतरी

Rabi Crops MSP Hike 2025: देश के किसानों को त्योहार से पहले एक बड़ी खुशखबरी मिली है। केंद्र सरकार ने रबी सीजन की फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी बढ़ाने का ऐलान किया है। इसके साथ ही सरकार ने दलहन और तिलहन की पैदावार बढ़ाने के लिए विशेष पैकेज की भी घोषणा की है। यह फैसला ऐसे समय पर आया है जब रबी सीजन की बुवाई की तैयारियां शुरू हो रही हैं। सरकार चाहती है कि किसान अधिक से अधिक पैदावार लें और उन्हें उनकी मेहनत का पूरा दाम मिले।

गेहूं के एमएसपी में 160 रुपये की बढ़ोतरी | Rabi Crops MSP Hike 2025

Rabi Crops MSP Hike 2025

रबी सीजन 2026-27 के लिए सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाकर 2,585 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। पिछले साल यह कीमत 2,425 रुपये थी। इस बार गेहूं की एमएसपी में 160 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका सीधा असर किसानों की आमदनी पर पड़ेगा और उन्हें 6.59 प्रतिशत ज्यादा दाम मिलेंगे। गेहूं रबी की मुख्य फसल है, जिसकी बुवाई अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में शुरू होती है और कटाई मार्च महीने में होती है।

अन्य रबी फसलों की एमएसपी भी बढ़ी

सरकार ने सिर्फ गेहूं ही नहीं बल्कि बाकी रबी फसलों की कीमतें भी बढ़ा दी हैं। जौ का न्यूनतम समर्थन मूल्य अब 2,150 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। चना की कीमत बढ़ाकर 5,875 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है, जबकि सरसों का एमएसपी बढ़कर 6,200 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। मसूर की कीमत में भी बढ़ोतरी की गई है। इन सभी दरों को कृषि लागत और मूल्य आयोग यानी सीएसीपी की सिफारिशों के आधार पर तय किया गया है ताकि किसानों को उनकी लागत से अधिक दाम सुनिश्चित हो सके।

गेहूं उत्पादन का लक्ष्य और सरकारी तैयारी

सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए गेहूं उत्पादन का लक्ष्य 11.9 करोड़ टन रखा है। पिछले साल भारत ने 11.75 करोड़ टन गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन किया था। सरकार इस बार खरीद प्रक्रिया को और मजबूत करने की योजना बना रही है ताकि किसानों को उनकी उपज का पूरा मूल्य मिल सके और एमएसपी का लाभ हर किसान तक पहुंचे।

दलहन-तिलहन के लिए 11,440 करोड़ रुपये का पैकेज

मोदी सरकार ने दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के लिए 11,440 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मंजूर किया है। यह मिशन अगले छह सालों तक चलेगा। इसका उद्देश्य दालों की पैदावार को बढ़ाकर हर साल 350 लाख मीट्रिक टन करना है। सरकार ने यह भी घोषणा की है कि तूर, उड़द और मसूर जैसी दालों को 100 प्रतिशत खरीदा जाएगा। इससे किसानों को बेहतर दाम की गारंटी मिलेगी और देश में दालों की कमी को पूरा किया जा सकेगा।

किसानों के खातों में जाएगा 84,263 करोड़ रुपये

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जानकारी दी कि रबी सीजन 2026-27 में सरकार किसानों से लगभग 297 लाख मीट्रिक टन अनाज की खरीद करेगी। इसके लिए सरकार किसानों को करीब 84,263 करोड़ रुपये का भुगतान करेगी। यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जाएगी और इसका फायदा देशभर के लाखों किसानों को मिलेगा।

किसानों के लिए एमएसपी का महत्व

भारत में करोड़ों किसान अपनी उपज को सही दाम पर बेचने के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य पर निर्भर रहते हैं। कई बार बाजार में फसल की कीमत लागत से भी कम हो जाती है, ऐसे में एमएसपी किसानों के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। इस बार बढ़ी हुई एमएसपी से किसानों की आय बढ़ेगी, उन्हें खेती के लिए प्रेरणा मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

खेती को बढ़ावा देने वाली सरकारी योजनाएं

एमएसपी बढ़ाने के साथ ही सरकार कृषि सुधार की दिशा में भी काम कर रही है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर फसल बेचने की सुविधा, कोल्ड स्टोरेज और वेयरहाउसिंग जैसी व्यवस्थाएं और सिंचाई व बीज की गुणवत्ता में सुधार पर लगातार काम किया जा रहा है। इन कदमों से किसानों को अधिक उत्पादन करने और अपनी उपज का सही मूल्य पाने में मदद मिलेगी।

रबी फसलों का महत्व

भारत में रबी फसलों का विशेष महत्व है। गेहूं देश की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा है, सरसों का तेल भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है और चना व मसूर जैसी दालें प्रोटीन का मुख्य स्रोत मानी जाती हैं। यही वजह है कि सरकार इन फसलों के समर्थन मूल्य को प्राथमिकता देती है ताकि किसान इन्हें अधिक से अधिक बो सकें और देश की जरूरतें पूरी हो सकें।

किसानों की उम्मीदें और सरकार का भरोसा

किसानों ने इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इससे उनकी आमदनी में बढ़ोतरी होगी और मेहनत का दाम मिलेगा। हालांकि किसान यह भी चाहते हैं कि एमएसपी पर खरीदी की गारंटी दी जाए ताकि बाजार की अनिश्चितता से उन्हें पूरी तरह सुरक्षा मिल सके। सरकार का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा करना उसकी प्राथमिकता है और यह एमएसपी बढ़ोतरी उसी दिशा में एक बड़ा कदम है।

त्योहार से पहले मोदी सरकार ने किसानों को बड़ी सौगात दी है। गेहूं, चना, सरसों और जौ जैसी रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी करके सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि किसानों की आय बढ़ाना और उनकी मेहनत का सही मूल्य देना उसकी प्राथमिकता है। साथ ही दलहन और तिलहन की पैदावार बढ़ाने के लिए 11,440 करोड़ रुपये का पैकेज जारी किया गया है। यह फैसला किसानों को राहत देने के साथ-साथ देश की खाद्य सुरक्षा और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला साबित होगा।

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