PM Modi Speech: 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण इस बार कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। लाल किले की प्राचीर से 103 मिनट तक लगातार बोलते हुए उन्होंने अपने ही पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया। पिछले साल उनका भाषण 98 मिनट का था, जो उस समय का सबसे लंबा भाषण माना गया था।
इस बार उन्होंने न केवल देश के वर्तमान हालात का ज़िक्र किया, बल्कि भविष्य की योजना और रणनीति भी विस्तार से रखी। उनका भाषण भावनात्मक भी था, आक्रामक भी और प्रेरणादायक भी।
मोदी ने शुरुआत में ही कहा कि 15 अगस्त सिर्फ एक तारीख नहीं, बल्कि यह “140 करोड़ भारतीयों के सामूहिक संकल्पों का पर्व” है। उन्होंने देशवासियों को याद दिलाया कि आज़ादी केवल अतीत की कहानी नहीं बल्कि भविष्य की दिशा तय करने का अवसर है।
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi announces ‘High-Power Demography Mission’
“I would like to alert the nation about a concern, a challenge. Under a well-thought-out conspiracy, country’s demography is being changed, seeds of a new crisis are being sown. Infiltrators are… pic.twitter.com/wdvk5lhtux
— ANI (@ANI) August 15, 2025
ऑपरेशन सिंदूर और शौर्य का सम्मान | PM Modi Speech
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हाल ही में संपन्न ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए भारतीय सेना की वीरता को सलाम किया। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
उस दिन निर्दोष लोगों को केवल उनके धर्म के आधार पर मार दिया गया—बच्चों को अनाथ किया गया, बुजुर्गों को बेघर किया गया। यह घटना सिर्फ जम्मू-कश्मीर के लोगों पर नहीं बल्कि पूरे भारत के दिल पर हमला थी।
मोदी ने कहा कि सरकार ने सेना को पूरी छूट दी कि कब, कैसे और कहां जवाब देना है। नतीजा यह हुआ कि भारतीय सेना ने दुश्मन की धरती में 200 किलोमीटर से भी अधिक अंदर घुसकर आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया।
उन्होंने इस ऑपरेशन को देश के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ बताते हुए कहा—“यह संदेश है कि भारत को उकसाने की कीमत बहुत भारी होगी।”
पाकिस्तान को खुली चेतावनी

भाषण का एक बड़ा हिस्सा पाकिस्तान के लिए सीधी चेतावनी के रूप में था। मोदी ने कहा कि भारत अब आतंकवाद को केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय अस्तित्व का प्रश्न मानता है।
उन्होंने कहा—“आतंकवादियों और उन्हें पालने-पोसने वालों में कोई अंतर नहीं है। दोनों मानवता के लिए खतरा हैं और दोनों को एक जैसा जवाब मिलेगा।”
मोदी ने यह भी स्पष्ट किया कि पुरानी न्यूक्लियर ब्लैकमेल की रणनीति अब भारत पर काम नहीं करेगी। दशकों से पाकिस्तान परमाणु हथियारों की धमकी देकर अपने कृत्यों को छुपाने की कोशिश करता रहा है, लेकिन भारत अब इन धमकियों को सीधा चुनौती देगा।
सिंधु जल समझौते पर पुनर्विचार का संकेत | PM Modi Speech
सिंधु नदी समझौते पर बोलते हुए प्रधानमंत्री का स्वर बेहद सख्त था। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारत के किसानों के साथ अन्याय है, क्योंकि भारत से निकलने वाला पानी पाकिस्तान के खेतों में जाता है जबकि हमारे किसान पानी की कमी से जूझते हैं।
उन्होंने कहा—“खून और पानी एक साथ नहीं बह सकते।” यह केवल एक चेतावनी नहीं बल्कि एक स्पष्ट नीति संकेत था कि आने वाले समय में इस समझौते की समीक्षा और बदलाव संभव है।
उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी ज़मीन का पानी अब उन्हीं के खेतों में जाएगा, और इसके लिए सरकार हर संभव कदम उठाएगी।
अमेरिका और आत्मनिर्भरता पर दो टूक
प्रधानमंत्री ने अमेरिका का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन उनके बयान स्पष्ट रूप से संकेत दे रहे थे कि भारत अब किसी भी बड़े देश पर अत्यधिक निर्भर नहीं रहना चाहता।
उन्होंने कहा कि गुलामी के दौर में हमें न केवल आर्थिक रूप से कमजोर किया गया बल्कि हमारी आत्मनिर्भरता की क्षमता भी छीन ली गई।
“विकसित भारत का आधार आत्मनिर्भर भारत है”—मोदी का यह वाक्य उनके संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह केवल व्यापार का मामला नहीं बल्कि सामरिक मजबूती का विषय है।
उदाहरण के तौर पर उन्होंने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का ज़िक्र किया, और बताया कि अगर भारत अपने हथियारों और उपकरणों में खुद पर निर्भर न होता, तो ऑपरेशन सिंदूर जैसी कार्रवाई इतनी तेज़ और सटीक संभव नहीं होती।
टेक्नोलॉजी और युवाओं की भूमिका
मोदी ने युवाओं, वैज्ञानिकों और इंजीनियरों से सीधी अपील करते हुए कहा कि भारत को 21वीं सदी में तकनीकी शक्ति बनना ही होगा। उन्होंने जेट इंजन से लेकर साइबर सिक्योरिटी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तक, हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का लक्ष्य रखा।
उन्होंने कहा कि भविष्य की लड़ाई केवल हथियारों से नहीं बल्कि डेटा और तकनीक से भी लड़ी जाएगी, और इसमें भारतीय युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होगी।
EV और सोलर एनर्जी पर फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाला समय इलेक्ट्रिक वाहनों का है। उन्होंने इस क्षेत्र में बैटरी निर्माण, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और सोलर पैनल्स के स्वदेशी उत्पादन पर जोर दिया।
उन्होंने युवाओं, उद्योगपतियों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स से अपील की कि “वोकल फॉर लोकल” को केवल नारा न मानें, बल्कि इसे अपनी आदत और व्यवसाय का हिस्सा बनाएं।
दिवाली का तोहफा – GST रिफॉर्म
मोदी ने ऐलान किया कि इस दिवाली आम जनता को बड़ा तोहफा मिलेगा। रोजमर्रा की वस्तुओं पर GST में कटौती होगी और टैक्स स्ट्रक्चर को सरल बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि टैक्स सिस्टम का उद्देश्य लोगों पर बोझ डालना नहीं बल्कि उनकी जिंदगी आसान बनाना है।
सुदर्शन चक्र मिशन – आधुनिक राष्ट्रीय सुरक्षा कवच
भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र से प्रेरित होकर मोदी ने 10 साल का सुदर्शन चक्र मिशन लॉन्च किया। इसके तहत भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा को पूरी तरह आधुनिक तकनीक से लैस किया जाएगा। यह मिशन रक्षा अनुसंधान, विकास और निर्माण को 100% स्वदेशी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
नेक्स्ट जनरेशन रिफॉर्म्स और टास्क फोर्स
मोदी ने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए पुरानी नीतियों और कानूनों की जगह 21वीं सदी के अनुरूप व्यवस्था बनानी होगी। इसके लिए एक टास्क फोर्स बनाई जाएगी, जो 2047 तक के लिए स्पष्ट रोडमैप तैयार करेगी।
RSS के 100 साल पर सम्मान

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की 100वीं वर्षगांठ पर मोदी ने संगठन की राष्ट्र सेवा की सराहना की। उन्होंने इसे दुनिया का सबसे बड़ा NGO बताते हुए कहा कि RSS का अनुशासन और समर्पण हर भारतीय के लिए प्रेरणा है।
हाईपावर डेमोग्राफी मिशन
मोदी ने सीमावर्ती इलाकों में जनसंख्या संतुलन बदलने की साजिश और घुसपैठियों के खतरे का ज़िक्र करते हुए हाईपावर डेमोग्राफी मिशन की घोषणा की। इस मिशन का उद्देश्य देश की जनसंख्या संरचना को सुरक्षित रखना और घुसपैठ पर सख्ती से रोक लगाना है।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना
युवाओं के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा करते हुए मोदी ने 1 लाख करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना शुरू की। इसके तहत, निजी क्षेत्र में पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को 15,000 रुपये की सहायता मिलेगी।
उन्होंने बताया कि यह योजना केवल वित्तीय मदद नहीं बल्कि युवाओं को प्रोत्साहित करने का एक कदम है। अगले 2 साल में 3.5 करोड़ से ज्यादा नौकरियां पैदा करने का लक्ष्य रखा गया है।
किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के हित में वचन
प्रधानमंत्री ने किसानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए यह वचन दोहराया कि उनके हितों पर कभी समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई नीति इन तीनों वर्गों के खिलाफ जाती है, तो वे खुद उसके सामने दीवार बनकर खड़े होंगे।
15 अगस्त 2025 का पीएम मोदी का भाषण आने वाले वर्षों की नीति दिशा तय करता है।
यह भाषण सिर्फ जश्न का नहीं, बल्कि एक स्पष्ट रोडमैप और चेतावनी का भी था—पाकिस्तान, युवाओं, किसानों और उद्योग—सभी के लिए संदेश था कि भारत अब पहले से अलग है।
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