PM Modi Pula Chappal News: काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों की तकलीफ देख पीएम मोदी ने खरीदीं ‘पुल्ला चप्पलें’, हिमाचल के महिलाओं से जुड़ा बड़ा कदम

PM Modi Pula Chappal News: वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में भगवान शिव की आराधना के लिए आने वाले पुजारियों की तकलीफ देखकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐसा कदम उठाया, जिसने सभी का दिल जीत लिया। कड़ाके की ठंड में मंदिर के अंदर नंगे पैर पूजा कर रहे पुजारियों के लिए प्रधानमंत्री ने भांग के रेशे से बनी पारंपरिक ‘पुल्ला चप्पलें’ खरीदीं।

ये चप्पलें खास हैं क्योंकि इन्हें शुद्ध माना जाता है और मंदिर के अंदर पहनने की अनुमति है। प्रधानमंत्री मोदी ने हिमाचल प्रदेश की महिला स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups) से 12-12 हजार रुपये की दो चप्पलें खरीदकर न केवल पुजारियों की तकलीफ कम की, बल्कि महिला समूहों को भी बड़ा संबल दिया।

पुल्ला चप्पल क्या है? | PM Modi Pula Chappal News

PM Modi Pula Chappal News

‘पुल्ला’ या ‘पूहल’ चप्पलें हिमाचल प्रदेश की एक पारंपरिक हस्तकला हैं। इन्हें भांग (hemp) के रेशों से हाथ से बुना जाता है। इन चप्पलों की खासियत यह है कि ये पूरी तरह प्राकृतिक और पर्यावरण के अनुकूल होती हैं।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, पुल्ला चप्पलें शुद्ध (Pure) मानी जाती हैं। यही कारण है कि इन्हें मंदिर के गर्भगृह या आंतरिक हिस्सों में भी पहनने की अनुमति है। इनका उपयोग हिमाचल के ग्रामीण इलाकों में ठंड से बचने के लिए लंबे समय से होता आया है।

काशी विश्वनाथ मंदिर में पुजारियों की समस्या

काशी विश्वनाथ मंदिर भारत के सबसे पवित्र धामों में से एक है। यहाँ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान शिव का दर्शन करने आते हैं। मंदिर के नियमों के अनुसार, जूते-चप्पल अंदर ले जाने की अनुमति नहीं है।

लेकिन वाराणसी में पड़ने वाली ठंडी हवाओं और संगमरमर की ठंडी फर्श पर घंटों खड़े होकर पूजा करने से पुजारियों को तकलीफ होती थी। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दौरे के दौरान यह देखा कि कई पुजारी नंगे पैर पूजा कर रहे हैं और ठंड से जूझ रहे हैं।

पीएम मोदी का मानवीय कदम

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस तकलीफ को गंभीरता से लिया। उन्होंने हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर को फोन किया और पुल्ला चप्पलों के बारे में जानकारी मांगी।

ठाकुर ने बताया कि सिराज क्षेत्र में महिला स्वयं सहायता समूह पारंपरिक पुल्ला बनाते हैं। प्रधानमंत्री ने तुरंत इन्हें पुजारियों के लिए मंगवाने की इच्छा जताई।

पुल्ला चप्पलें मंगवाने की प्रक्रिया

जय राम ठाकुर ने महिला समूहों से संपर्क किया और उनके सहयोग से पुल्ला चप्पलें तैयार कराईं। जब ये चप्पलें तैयार हुईं तो उन्होंने बिना बिल दिए इन्हें प्रधानमंत्री कार्यालय भेज दिया।

लेकिन जब प्रधानमंत्री को यह चप्पलें मिलीं, तो उन्होंने फोन करके बिल मांगा। ठाकुर ने पहले हिचकिचाहट दिखाई, लेकिन मोदी ने सख्त लहजे में कहा, “इसे भेज दीजिए, मैं इसके लिए दोबारा नहीं कहूंगा।”

बिल भेजने के बाद प्रधानमंत्री ने अपने व्यक्तिगत खाते से 12-12 हजार रुपये सीधे महिला समूहों के बैंक खाते में ट्रांसफर किए।

महिला स्वयं सहायता समूहों को मिला बड़ा संबल

प्रधानमंत्री के इस कदम से हिमाचल की उन महिलाओं को आर्थिक संबल मिला, जो पारंपरिक हस्तकला के जरिए अपनी आजीविका चलाती हैं।

आमतौर पर पुल्ला चप्पलें स्थानीय स्तर पर कम दामों पर बिकती थीं, लेकिन प्रधानमंत्री ने इन्हें उचित मूल्य पर खरीदकर एक मिसाल पेश की। इससे इन समूहों की आय भी बढ़ी और उनका आत्मविश्वास भी।

पीएम मोदी का संवेदनशील रवैया

प्रधानमंत्री मोदी ने हमेशा कहा है कि वे गरीबों और आम जनता की छोटी-छोटी तकलीफों पर ध्यान देते हैं। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों के लिए चप्पलें खरीदने का यह फैसला उनकी संवेदनशीलता और मानवीय सोच का प्रतीक है।

यह कदम सिर्फ चप्पल खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संदेश भी देता है कि भारत की परंपराओं और हस्तकला को कैसे संजोकर आगे बढ़ाया जा सकता है।

क्या पुजारियों को खुद देंगे पीएम चप्पलें?

यह अब तक साफ नहीं है कि प्रधानमंत्री स्वयं वाराणसी जाकर इन चप्पलों को पुजारियों को सौंपेंगे या फिर इन्हें किसी और माध्यम से भेजा जाएगा। लेकिन इतना निश्चित है कि जल्द ही काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारी इन चप्पलों को पहनकर पूजा करते नजर आएंगे।

सोशल मीडिया पर चर्चा

पीएम मोदी के इस कदम की सोशल मीडिया पर खूब सराहना हो रही है। लोग कह रहे हैं कि यह उदाहरण है कि कैसे एक प्रधानमंत्री छोटी-सी जरूरत को भी गंभीरता से लेकर समाधान करता है।

कई लोग इसे “स्थानीय हस्तकला को बढ़ावा देने वाला कदम” भी बता रहे हैं।

हस्तकला और आत्मनिर्भर भारत

पुल्ला चप्पलें सिर्फ एक उत्पाद नहीं हैं, बल्कि हिमाचल की पारंपरिक कला का प्रतीक हैं। प्रधानमंत्री का इन्हें खरीदना ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के अभियान को मजबूती देता है।

इससे स्थानीय कारीगरों और महिला समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और उनकी कला राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान पाएगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह कदम बताता है कि बड़े पद पर बैठा व्यक्ति भी आमजन की छोटी-छोटी समस्याओं को गंभीरता से ले सकता है। काशी विश्वनाथ मंदिर के पुजारियों के लिए खरीदी गई ये पुल्ला चप्पलें न केवल उन्हें ठंड से राहत देंगी, बल्कि हिमाचल की महिलाओं और उनकी पारंपरिक हस्तकला को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाएंगी।

यह घटना हमें यह भी याद दिलाती है कि सच्चा नेतृत्व वही है जो संवेदनशीलता और परंपरा दोनों को साथ लेकर चले।

ऐसे और भी National लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।

दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव 2025: राजनीति, मुद्दे और परिणाम की ओर

UPI Cash Withdrawal: QR कोड से मिलेगा कैश, अब ATM जाने की जरूरत नहीं, बस स्कैन पर पैसा हाथ में

Chamoli Cloudburst News: उत्तराखंड में एक और आपदा, चमोली के नंदानगर में बादल फटने से तबाही, 6 मकान बहे और कई लोग लापता

Leave a Comment