आज के समय में पैन कार्ड (PAN Card) सिर्फ टैक्स भरने का दस्तावेज़ नहीं रह गया है, बल्कि यह आपकी आर्थिक पहचान बन चुका है। बैंक खाता खोलने से लेकर लोन, निवेश, सरकारी योजनाओं और बड़े लेन-देन तक, हर जगह पैन कार्ड की जरूरत होती है। लेकिन अगर पैन कार्ड से जुड़ी कुछ जरूरी बातों को नजरअंदाज किया जाए, तो यह गलती आगे चलकर भारी नुकसान का कारण बन सकती है।
पैन और आधार लिंक न करना — सबसे बड़ी गलती
सरकार ने पैन कार्ड को आधार कार्ड से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। अगर किसी व्यक्ति ने समय पर पैन-आधार लिंक नहीं कराया, तो उसका पैन कार्ड निष्क्रिय (Inactive) कर दिया जाता है। निष्क्रिय पैन का मतलब यह है कि वह पैन नंबर आगे किसी भी आधिकारिक या वित्तीय काम के लिए मान्य नहीं रहेगा।
निष्क्रिय पैन होने पर व्यक्ति इनकम टैक्स रिटर्न दाखिल नहीं कर सकता, टैक्स रिफंड नहीं मिल पाता और कई बार बैंकिंग सेवाएं भी प्रभावित होती हैं। बहुत से लोग यह मान लेते हैं कि उनका पैन हमेशा वैध रहेगा, लेकिन यह सोच आगे चलकर बड़ी परेशानी बन सकती है।
जुर्माना और अतिरिक्त टैक्स का खतरा
अगर पैन-आधार लिंक समय पर नहीं कराया गया, तो पैन को दोबारा सक्रिय कराने के लिए जुर्माना देना पड़ सकता है। इसके अलावा, निष्क्रिय पैन की स्थिति में आपकी आय पर अधिक टीडीएस (TDS) काटा जा सकता है।
उदाहरण के तौर पर, जहां सामान्य स्थिति में 10 प्रतिशत टैक्स कटता है, वहीं निष्क्रिय पैन होने पर यह दर दोगुनी तक हो सकती है। इसका सीधा असर आपकी जेब पर पड़ता है और आपको बिना वजह ज्यादा टैक्स देना पड़ सकता है।
टैक्स रिफंड और रिटर्न पर असर
पैन-आधार लिंक न होने की स्थिति में इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना संभव नहीं होता। अगर आपने पहले टैक्स ज्यादा जमा कर दिया है और आपको रिफंड मिलना है, तो वह पैसा लंबे समय तक अटक सकता है।
इतना ही नहीं, कई मामलों में रिफंड में देरी होने पर मिलने वाला ब्याज भी नहीं मिलता, जिससे आर्थिक नुकसान और बढ़ जाता है।
बैंक और निवेश से जुड़े काम रुक सकते हैं
पैन कार्ड के बिना या निष्क्रिय पैन के साथ आप कई जरूरी काम नहीं कर पाएंगे। जैसे:
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नया बैंक खाता खोलना
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लोन या क्रेडिट कार्ड लेना
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म्यूचुअल फंड या शेयर बाजार में निवेश करना
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बड़ी राशि का लेन-देन करना
कई बैंक और वित्तीय संस्थान केवाईसी नियमों के तहत निष्क्रिय पैन को स्वीकार नहीं करते, जिससे आपकी वित्तीय गतिविधियां रुक सकती हैं।
पैन में गलत जानकारी भी बन सकती है परेशानी
अगर पैन कार्ड में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी गलत है और वह आधार या बैंक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, तो पैन-आधार लिंक फेल हो सकता है। इससे पैन निष्क्रिय होने का खतरा बढ़ जाता है और कई सरकारी व बैंकिंग सेवाओं में रुकावट आती है।
इसलिए यह बहुत जरूरी है कि पैन और आधार दोनों में दर्ज जानकारी एक जैसी और सही हो।
दो पैन कार्ड रखना भी कानूनन गलत
कुछ लोग गलती से या जानकारी के अभाव में एक से अधिक पैन कार्ड बनवा लेते हैं। यह कानून के अनुसार अपराध है और इसके लिए भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर आपके पास एक से ज्यादा पैन हैं, तो तुरंत अतिरिक्त पैन को सरेंडर करना चाहिए।
कैसे बचें इस भारी नुकसान से?

इस तरह की समस्याओं से बचने के लिए:
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पैन और आधार को समय रहते लिंक कराएं
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पैन कार्ड की सभी जानकारियां सही रखें
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समय-समय पर पैन का स्टेटस चेक करते रहें
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एक से ज्यादा पैन होने पर तुरंत सुधार कराएं
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किसी अनजान व्यक्ति को अपना पैन नंबर साझा न करें
पैन कार्ड से जुड़ी छोटी-सी लापरवाही भी आगे चलकर बड़ी आर्थिक परेशानी बन सकती है। पैन का निष्क्रिय होना न सिर्फ टैक्स से जुड़े कामों को रोकता है, बल्कि बैंकिंग और निवेश से जुड़ी सुविधाओं को भी प्रभावित करता है। इसलिए अगर आपने अब तक पैन-आधार लिंक नहीं कराया है या पैन की जानकारी में कोई गलती है, तो उसे तुरंत ठीक कर लें — ताकि भविष्य में किसी भारी नुकसान से बचा जा सके।
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