Pakistani Drones Spotted Near LoC: जम्मू और कश्मीर के नौशेरा सेक्टर में आज शाम भारतीय सेना ने पाकिस्तानी ड्रोन पर गोलीबारी की। सूत्रों के अनुसार, कई और ड्रोन भी देखा गया। यह घटना भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (LoC) पर सुरक्षा परिस्थितियों को लेकर चिंता बढ़ा रही है।
एक वीडियो में देखा गया कि ट्रेसेर राउंड्स रात के आकाश को रोशन कर रहे थे, जबकि हवा में गोलियां चल रही थीं। इस दृश्य ने पिछले साल के ऑपरेशन सिंदूर की याद दिला दी, जब सेना ने इसी तरह के ड्रोन गतिविधियों का सामना किया था।

सेना की त्वरित कार्रवाई:
भारतीय सेना ने मशीन गन्स के माध्यम से ड्रोन पर गोलीबारी की। सूत्रों ने बताया कि ड्रोन को रोकने के साथ-साथ सेना इलाके की जांच भी कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि ड्रोन ने हथियार या नशे की सामग्री तो नहीं गिराई।
दरअसल, कल ही सांबा सेक्टर में एक ड्रोन जो पाकिस्तानी अधिकृत कश्मीर (PoK) की ओर से आया था, उसने हथियारों का एक कंसाइनमेंट गिराया था। इस घटना ने एलओसी के पास सुरक्षा सतर्कता को और बढ़ा दिया है।
एलओसी के विभिन्न सेक्टरों में ड्रोन गतिविधियां:
सूत्रों ने बताया कि अलग-अलग समय पर कई ड्रोन देखे गए:
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राजौरी जिला: शाम 6.35 बजे धार्मसाल गांव (कालाकोट) से एक उड़ती वस्तु नजर आई, जो भरख की ओर बढ़ी।
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सांबा सेक्टर: शाम 7.15 बजे रामगढ़ सेक्टर के चक बाबराल गांव के ऊपर कुछ मिनटों के लिए एक ड्रोन जैसी वस्तु हॉवर करती रही।
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मांकोट सेक्टर, पूंछ जिला: शाम 6.25 बजे टैन से टोपा की ओर एक ड्रोन जैसी वस्तु उड़ती हुई देखी गई।
इन ड्रोन गतिविधियों ने सुरक्षा बलों की सतर्कता को बढ़ा दिया है। सेना इस बात की जांच कर रही है कि क्या ये ड्रोन हथियार या किसी प्रकार का सुरक्षा खतरा लेकर आए थे।

ड्रोन हमले का उद्देश्य:
विशेषज्ञों के अनुसार, हालिया ड्रोन गतिविधियों का उद्देश्य आमतौर पर सूचना संग्रह, हथियार और नशे का परिवहन या आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देना होता है। नियंत्रण रेखा के पास ड्रोन के इस्तेमाल ने सीमापार खतरे को और बढ़ा दिया है।
सेना अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन जैसी वस्तुओं पर मशीन गन और ट्रेसेर राउंड्स का उपयोग करना एक प्रभावी तरीका है। इसका उद्देश्य न केवल ड्रोन को रोकना है, बल्कि इलाके में सुरक्षा की सख्त निगरानी बनाए रखना भी है।
Suspected #Pak #drones seen hovering over areas along #LOC, International Border
All the flying objects were seen entering Indian airspace from across the border, hovering briefly over sensitive locations, and then retreating back towards Pakistan.
Read More:… pic.twitter.com/uyi9nPzRaS
— IndiaToday (@IndiaToday) January 11, 2026
रात में सुरक्षा अभियान:
ड्रोन के रात में उड़ने और हथियार गिराने के मामलों ने सैन्य रणनीति को चुनौती दी है। रात में ट्रेसेर राउंड्स की चमक के बीच ड्रोन को निशाना बनाने की वीडियो फुटेज ने यह स्पष्ट किया कि सेना 24/7 सतर्क है।
ऑपरेशन सिंदूर और अब की घटनाओं से पता चलता है कि एलओसी के पास ड्रोन गतिविधियों का लगातार खतरा है। सेना का कहना है कि ऐसे किसी भी गतिविधि को रोकने के लिए सुरक्षा उपकरण, निगरानी प्रणाली और फायरिंग क्षमताएं हर समय तैयार रहती हैं।
सीमा पर सतर्कता और सुरक्षा:
भारतीय सेना ने एलओसी के पास:
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ड्रोन गतिविधियों की निगरानी
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संदिग्ध वस्तुओं की खोज
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सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाई है
इन कदमों के माध्यम से सीमा सुरक्षा को मजबूत किया जा रहा है। ड्रोन जैसी घटनाओं से यह भी साफ हो गया है कि सीमा पर तकनीकी खतरे बढ़ रहे हैं और सेना को उन्हें रोकने के लिए आधुनिक उपकरणों की आवश्यकता है।
सरकारी और सेना का बयान:
भारतीय सेना के अधिकारियों ने कहा कि एलओसी के पास किसी भी प्रकार की ड्रोन गतिविधियों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। सेना ने इलाके में गहन खोज और निगरानी अभियान तेज कर दिया है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि एलओसी पर ड्रोन गतिविधियों का सामना करना केवल सैन्य रणनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों की राय:
सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि:
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पाकिस्तान-आधारित ड्रोन गतिविधियां अब लगातार हो रही हैं।
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हथियार और नशे के परिवहन के लिए ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ा है।
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भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई से सीमा पर खतरे को नियंत्रित किया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने यह भी कहा कि एलओसी पर ड्रोन हमले रोकने के लिए तकनीकी सुधार और रीयल-टाइम निगरानी प्रणाली की जरूरत है।
जम्मू-कश्मीर के नौशेरा और आसपास के क्षेत्रों में हाल ही में हुई ड्रोन गतिविधियों ने एलओसी सुरक्षा को लेकर देश में चिंता बढ़ा दी है। भारतीय सेना ने मशीन गन्स और ट्रेसेर राउंड्स के माध्यम से त्वरित कार्रवाई की और इलाके की सघन निगरानी जारी रखी।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि सीमा सुरक्षा में सतर्कता, आधुनिक तकनीक और तत्परता बेहद महत्वपूर्ण हैं। भारतीय सेना की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई ने न केवल संभावित खतरे को रोका, बल्कि देशवासियों को यह भरोसा भी दिया कि सीमा पर सुरक्षा मजबूत है।
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