Operation Sindoor Survey: 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया। इस हमले के बाद भारतीय सेना ने पाकिस्तान में स्थित आतंकवादी ठिकानों पर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत 7 मई को सर्जिकल स्ट्राइक की, जिसमें 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिन्हें भारत की वायु रक्षा प्रणालियों ने नाकाम कर दिया। 10 मई को भारत ने पाकिस्तान के 11 प्रमुख सैन्य एयरबेसों पर हमला किया, जिससे पाकिस्तान को संघर्ष विराम की ओर कदम बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
सर्वेक्षण का उद्देश्य | Operation Sindoor Survey
इंडिया टुडे-सी वोटर ‘मूड ऑफ द नेशन’ (MOTN) सर्वेक्षण ने भारतीय जनता की इस ऑपरेशन पर राय जानने का प्रयास किया। यह सर्वेक्षण 1 जुलाई से 14 अगस्त 2025 के बीच 54,788 व्यक्तियों के साथ किया गया, और कुल 2,06,826 प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुईं।
सर्वेक्षण के प्रमुख निष्कर्ष
-
ऑपरेशन सिंदूर की सख्ती:
55% उत्तरदाताओं ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत प्रतिक्रिया माना, जबकि 21% ने इसे कमजोर बताया। 15% ने कहा कि प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं थी और पाकिस्तान को और सख्त सजा मिलनी चाहिए थी।
-
प्रधानमंत्री मोदी की भूमिका:
31% उत्तरदाताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में यह संघर्ष विराम संभव हुआ, जबकि 29% ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव को मुख्य कारण माना।
ऑपरेशन सिंदूर का विश्लेषण
ऑपरेशन सिंदूर भारतीय सेना की पाकिस्तान में आतंकवादी ठिकानों पर की गई सबसे बड़ी और साहसिक कार्रवाई थी। इसमें नौ आतंकवादी शिविरों को नष्ट किया गया और 100 से अधिक आतंकवादी मारे गए। इसके बाद पाकिस्तान ने भारतीय सैन्य ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए, जिन्हें भारत की वायु रक्षा प्रणालियों ने नाकाम कर दिया। 10 मई को भारत ने पाकिस्तान के 11 प्रमुख सैन्य एयरबेसों पर हमला किया, जिससे पाकिस्तान को संघर्ष विराम की ओर कदम बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संघर्ष विराम के लिए मध्यस्थता का दावा किया, जिसे भारत ने नकारा। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा कि ट्रंप की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि “अमेरिका और पाकिस्तान का इतिहास है कि वे अपने इतिहास को नजरअंदाज करते हैं।”
प्रधानमंत्री मोदी का नेतृत्व
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। उनके नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को उसकी सीमा में घुसकर जवाब दिया, जिससे उनकी ‘घर में घुसकर मारेंगे’ की छवि को बल मिला।
जनता की राय
MOTN सर्वेक्षण के अनुसार, 55% भारतीयों ने ऑपरेशन सिंदूर को पाकिस्तान के खिलाफ एक मजबूत प्रतिक्रिया माना। 31% ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व को संघर्ष विराम का मुख्य कारण बताया, जबकि 29% ने अमेरिकी दबाव को जिम्मेदार ठहराया। 15% ने कहा कि प्रतिक्रिया पर्याप्त नहीं थी और पाकिस्तान को और सख्त सजा मिलनी चाहिए थी।
ऑपरेशन सिंदूर ने भारतीय जनता को यह संदेश दिया कि भारत अपनी सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारतीय सेना ने पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश दिया कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा करेगा। हालांकि, कुछ लोग मानते हैं कि पाकिस्तान को और सख्त सजा मिलनी चाहिए थी, लेकिन अधिकांश भारतीयों ने ऑपरेशन सिंदूर को एक मजबूत और प्रभावी प्रतिक्रिया माना।
ऐसे और भी National लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।