LVM3 Rocket: भारत ने अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में जो ऊँचाइयाँ छुई हैं, उनमें LVM3 (Launch Vehicle Mark-3) की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। यह रॉकेट भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) द्वारा विकसित किया गया है और इसे भारत का सबसे भारी और शक्तिशाली प्रक्षेपण यान माना जाता है। LVM3 ने न केवल भारत को मानव अंतरिक्ष उड़ान के करीब पहुँचाया है, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में भी देश की स्थिति को मज़बूत किया है।
LVM3 क्या है?
LVM3, जिसे पहले GSLV Mk-III के नाम से जाना जाता था, एक तीन-चरणीय (three-stage) भारी प्रक्षेपण यान है। इसे विशेष रूप से भारी उपग्रहों और मानव मिशनों को अंतरिक्ष में भेजने के लिए डिजाइन किया गया है।
ISRO ने 2023 में इसे आधिकारिक रूप से LVM3 नाम दिया, ताकि इसे भविष्य के मानव मिशनों से जोड़ा जा सके।
In less than 15 minutes, @isro / @NSIL_India will launch it’s 6th LVM-3 mission #LVM3M6 with a large phase array commercial communication satellite “BlueBird Block 2” to Low Earth Orbit.#isro #bluebird @AST_SpaceMobile pic.twitter.com/Xmsw4LJcKu
— Karthik Naren (கார்த்திகேயன்) (@nkknspace) December 24, 2025
LVM3 की संरचना और तकनीकी विशेषताएँ:
LVM3 की संरचना इसे अन्य भारतीय रॉकेटों से अलग बनाती है:
🔹 पहला चरण – सॉलिड बूस्टर्स
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दो शक्तिशाली S200 सॉलिड स्ट्रैप-ऑन बूस्टर
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लॉन्च के समय सबसे अधिक थ्रस्ट प्रदान करते हैं
🔹 दूसरा चरण – कोर स्टेज (L110)
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तरल ईंधन पर आधारित
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रॉकेट को स्थिर गति और दिशा देता है
🔹 तीसरा चरण – क्रायोजेनिक इंजन (C25)
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लिक्विड ऑक्सीजन और लिक्विड हाइड्रोजन का उपयोग
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यही चरण रॉकेट को अंतरिक्ष की अंतिम कक्षा में पहुँचाता है
👉 LVM3 की कुल ऊँचाई लगभग 43.5 मीटर और वजन लगभग 640 टन है।

LVM3 की पेलोड क्षमता:
LVM3 की सबसे बड़ी ताकत इसकी पेलोड ले जाने की क्षमता है:
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GTO (Geosynchronous Transfer Orbit) में लगभग 4,000 किलोग्राम
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LEO (Low Earth Orbit) में लगभग 8,000–10,000 किलोग्राम
यही कारण है कि LVM3 को बड़े संचार उपग्रहों और मानव मिशनों के लिए उपयुक्त माना जाता है।
गगनयान मिशन में LVM3 की भूमिका:
भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान पूरी तरह से LVM3 रॉकेट पर आधारित है।
ISRO ने LVM3 को Human-Rated Launch Vehicle के रूप में विकसित किया है, जिसमें:
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उच्च स्तर की सुरक्षा
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आपातकालीन एस्केप सिस्टम
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कई स्तरों पर फेल-सेफ मैकेनिज्म
यह मिशन भारत को अमेरिका, रूस और चीन के बाद मानव को अंतरिक्ष भेजने वाला चौथा देश बना सकता है।
LVM3 के प्रमुख मिशन:
LVM3 से जुड़े कुछ ऐतिहासिक मिशन:
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GSAT-19 (2017) – पहला सफल LVM3 मिशन
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Chandrayaan-2 (2019) – चंद्र मिशन
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OneWeb Satellite Launches (2022-23) – अंतरराष्ट्रीय कमर्शियल लॉन्च
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Gaganyaan Test Missions – मानव उड़ान की तैयारी
इन मिशनों ने LVM3 की विश्वसनीयता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सिद्ध किया है।
वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में LVM3:
LVM3 ने भारत को कम लागत में भारी उपग्रह लॉन्च करने वाला देश बना दिया है। OneWeb जैसे अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों ने ISRO और LVM3 पर भरोसा दिखाया है।
इससे भारत को:
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विदेशी राजस्व
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वैश्विक पहचान
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निजी अंतरिक्ष कंपनियों के लिए नए अवसर
मिले हैं।
LVM3 और भारत का भविष्य:
LVM3 केवल एक रॉकेट नहीं, बल्कि भारत की तकनीकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में:
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स्पेस स्टेशन
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डीप स्पेस मिशन
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मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम
जैसे बड़े सपनों की नींव यही रॉकेट बनेगा।
LVM3 भारत के अंतरिक्ष इतिहास का मील का पत्थर है। इसने यह साबित कर दिया है कि भारत न केवल सस्ते, बल्कि अत्याधुनिक और सुरक्षित अंतरिक्ष समाधान भी दे सकता है।
जैसे-जैसे गगनयान और अन्य मिशन आगे बढ़ेंगे, LVM3 भारत को नई ऊँचाइयों तक ले जाने वाला प्रमुख साधन बना रहेगा।
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