Kedarnath Temple to Reopen on April 22, 2026: 22 अप्रैल को आरंभ होगी चारधाम यात्रा

Kedarnath Temple to Reopen on April 22, 2026: उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल 2026 को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे, जो लगभग छह महीने की शीतकालीन अवधि के बाद है। यह घोषणा महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर (ऊखीमठ) में विशेष पूजा‑अर्चना के बाद की गई।

Kedarnath Temple to Reopen on April 22, 2026

कब और कैसे तय हुई पूजा की तिथि?

पिछले रविवार, महाशिवरात्रि के दिन केदारनाथ के शीतकालीन गद्दी स्थल पर, मंदिर समिति के अधिकारियों और पुजारियों ने विधि‑विधान से पूजा और मंत्रोच्चारण के बीच पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त तय किया। यह परंपरा हर साल निभाई जाती है – जैसे ही मौसम हिमालयी क्षेत्रों में सुहावना होता है और रास्ते खोले जाते हैं, बाबा केदारनाथ के दरवाजे श्रद्धालुओं के लिए खुल जाते हैं।

केदारनाथ धाम का धार्मिक महत्व:

केदारनाथ मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और हिन्दू धर्म के द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह हिमालय की गोद में लगभग 3,583 मीटर की ऊँचाई पर स्थित है और यहाँ हर साल लाखों भक्त दर्शन के लिए आते हैं।

यह स्थल न केवल आध्यात्मिक शांति देता है, बल्कि प्रकृति के अद्भुत सौंदर्य और कठिन पर्वतीय यात्रा की अद्भुत अनुभूति भी देता है।

चारधाम यात्रा 2026 का शेड्यूल:

केदारनाथ धाम के कपाट खुलने के साथ ही पूरे चारधाम यात्रा 2026 की तिथियाँ भी तय कर दी गई हैं:

  • केदारनाथ धाम: 22 अप्रैल 2026 (प्रातः 8 बजे) – कपाट खुलेंगे।

  • बद्रीनाथ धाम: 23 अप्रैल 2026 – कपाट खोलने का कार्यक्रम।

  • गंगोत्री और यमुनोत्री धाम: 19 अप्रैल 2026 (अक्षय तृतीया) पर खुलेंगे।

चारधाम यात्रा हर वर्ष भारत और विदेशों से आए लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करती है, और इसके लिए यात्रा‑पूर्व पंजीकरण, मौसम अपडेट, और मार्ग योजनाओं की जानकारी लेना आवश्यक होता है।

क्यों बंद रहते हैं कपाट?

केदारनाथ मंदिर ऊँची हिमालयी चोटियों में स्थित होने की वजह से अत्यधिक बर्फबारी और ठंड से गुजरता है।

इसलिए लगभग नवंबर के अंत से यहाँ यात्रा असंभव हो जाती है। भक्तों की सुरक्षा और पैदल यात्रियों को कठिनाइयों से बचाने के लिए मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान भगवान की मूर्ति को ऊखीमठ स्थित ओंकारेश्वर मंदिर में महीने भर पूजा के लिए विराजित किया जाता है।

श्रद्धालुओं के लिए सुझाव:

अगर आप 2026 में केदारनाथ यात्रा की योजना बना रहे हैं तो यहाँ कुछ उपयोगी सुझाव हैं:

  • यात्रा की पूर्व पंजीकरण व्यवस्था को समय से पूरा करें।

  • मौसम की जानकारी और रास्तों की स्थिति पहले से जांच लें।

  • पहाड़ों में ठंड के लिए उपयुक्त वस्त्र और सुरक्षा गियर साथ रखें।

  • यात्रा के अपने स्वास्थ्य और क्षमता के अनुसार योजना बनाएं।

केदारनाथ यात्रा का इतिहास और धार्मिक महत्त्व:

केदारनाथ मंदिर भारत के उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय की ऊँचाइयों पर स्थित है और इसे बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और चारधाम यात्रा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, पांडवों ने महाभारत के पश्चात अपने पापों से मुक्ति पाने के लिये भगवान शिव से यहाँ शरण ली थी, जिससे यह स्थल अत्यंत पावन माना जाता है। मंदिर की वास्तुकला भी अद्वितीय है और यह कठोर पर्वतीय मौसम के बावजूद सदियों से सुरक्षित खड़ा है। 2013 के भूकंप और बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं में भी मंदिर को बहे नहीं जाने के कारण इसे दिव्य चमत्कार के रूप में देखा जाता है।

यात्रा की तैयारी और 2026 के बदलाव:

2026 के लिए केदारनाथ धाम के 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे कपाट खोले जाने की घोषणा महाशिवरात्रि के शुभ अवसर पर ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ में की गई। यह दिन यात्रियों के लिए चारधाम यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है और इसी के साथ यात्राओं का मौसम प्रारंभ होता है। हर साल की तरह इस साल भी सरकार और मंदिर समिति ने यात्री सुरक्षा, मौसम अपडेट, पंजीकरण व्यवस्था आदि पर विशेष ध्यान दिया है।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे पहले से यात्रा की तैयारियाँ करें, मौसम और हेलीकॉप्टर/ट्रेकिंग विकल्पों की जानकारी लें, तथा अपने स्वास्थ्य और क्षमता को ध्यान में रखकर योजना बनाएं। इन सभी उपायों से श्रद्धालु सुरक्षित और मंगलमय यात्रा का अनुभव प्राप्त कर सकते हैं।

22 अप्रैल 2026 की सुबह केदारनाथ धाम के कपाट खुलने की खबर श्रद्धालुओं के लिए उत्साह और भक्ति का पर्व लेकर आई है। यह दिन न केवल भगवान शिव के भक्तों के लिए विशेष है, बल्कि हिमालय की पवित्र यात्रा के अनुभव को हर किसी के लिए अविस्मरणीय बनाता है।

🚩 जय बाबा केदार!

ऐसे और भी Spiritual लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।

Shiva Tandava Stotram Lyrics and Meaning: पढ़ें पूरा पाठ और जानें इसका आध्यात्मिक चमत्कार

Mahashivratri 2026 Wishes in Hindi: अपनों को भेजें ये 20 दिल छू लेने वाले महाशिवरात्रि शुभकामना संदेश, भक्ति और विश्वास से भर जाएगा मन

Leave a Comment