आयकर रिटर्न (ITR) की अंतिम तिथि बढ़ी: करदाताओं को मिली बड़ी राहत

आयकर रिटर्न (ITR) की अंतिम तिथि बढ़ी: हर साल आयकर विभाग (Income Tax Department) करदाताओं को अपना आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने के लिए एक निश्चित समयसीमा देता है। लेकिन कई बार तकनीकी दिक्कतों, दस्तावेज़ों की कमी, या अन्य कारणों से लोग इस समय पर अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाते। ऐसे में जब सरकार आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि (Due Date) बढ़ा देती है, तो यह लाखों करदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आती है। इस साल भी सरकार ने आयकर रिटर्न की अंतिम तिथि बढ़ाने का ऐलान किया है, जिससे वे करदाता जो अब तक रिटर्न दाखिल नहीं कर पाए थे, उन्हें अतिरिक्त समय मिल गया है।

आयकर रिटर्न (ITR) की अंतिम तिथि बढ़ी
     आयकर रिटर्न (ITR) की अंतिम तिथि बढ़ी

ITR की ड्यू डेट क्यों होती है महत्वपूर्ण?

आयकर रिटर्न की समयसीमा इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  1. लेटल फीस से बचाव – अगर कोई समय पर ITR दाखिल नहीं करता, तो उसे लेट फीस और ब्याज देना पड़ सकता है।

  2. रिफंड जल्दी मिलता है – जो करदाता समय पर ITR दाखिल करते हैं, उन्हें टैक्स रिफंड भी जल्दी मिल जाता है।

  3. फाइनेंशियल रिकॉर्ड – समय पर ITR दाखिल करने से आपका वित्तीय रिकॉर्ड मजबूत होता है, जो लोन या वीजा आवेदन के समय मददगार साबित होता है।

  4. कानूनी बाध्यता – सरकार ने आयकर रिटर्न दाखिल करना कानूनी रूप से आवश्यक किया है। समयसीमा से चूकने पर पेनाल्टी भी लग सकती है।

इस बार ड्यू डेट क्यों बढ़ाई गई?

आयकर विभाग कई बार विशेष परिस्थितियों में ड्यू डेट बढ़ाता है। इस बार ड्यू डेट बढ़ाने के प्रमुख कारण रहे –

  • ऑनलाइन पोर्टल पर अधिक लोड और तकनीकी खामियां।

  • टैक्सपेयर्स को जरूरी दस्तावेज़ इकट्ठा करने में कठिनाई।

  • चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स कंसल्टेंट्स की ओर से समय की मांग।

  • त्योहारों और छुट्टियों का पड़ना, जिससे काम प्रभावित हुआ।

सरकार ने करदाताओं की परेशानी को देखते हुए यह निर्णय लिया ताकि अधिक से अधिक लोग बिना किसी पेनाल्टी के रिटर्न दाखिल कर सकें।

आयकर रिटर्न (ITR) की अंतिम तिथि बढ़ी, नई अंतिम तिथि क्या है?

 ITR की नई अंतिम तिथि अब 16 सितंबर 2025 (मंगलवार) कर दी गई है।

किन्हें मिलेगा फायदा?

ड्यू डेट बढ़ने से सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को हुआ है जो –

  • अभी तक दस्तावेज़ पूरे नहीं कर पाए थे।

  • व्यवसायी जिनके खातों का ऑडिट होना बाकी था।

  • नौकरीपेशा लोग जिनके फॉर्म-16 में गड़बड़ी थी।

  • वरिष्ठ नागरिक जिन्हें रिटर्न भरने में अतिरिक्त मदद की जरूरत होती है।

लेट फीस और ब्याज से राहत:

अगर समय पर रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता तो धारा 234F के तहत ₹1,000 से ₹5,000 तक का जुर्माना लग सकता है। इसके अलावा टैक्स पर ब्याज भी देना पड़ सकता है। लेकिन इस बार ड्यू डेट बढ़ जाने से करदाताओं को लेट फीस और अतिरिक्त ब्याज से राहत मिल गई है।

ITR दाखिल न करने के नुकसान:

यदि कोई व्यक्ति अंतिम तिथि के बाद भी रिटर्न दाखिल नहीं करता, तो उसे इन दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है:

  • भारी पेनाल्टी और ब्याज

  • टैक्स रिफंड का नुकसान

  • लोन और वीजा में मुश्किलें

  • कानूनी कार्रवाई की संभावना

इसलिए यह सलाह दी जाती है कि ड्यू डेट बढ़ने के बाद भी आखिरी समय का इंतज़ार न करें और जितना जल्दी हो सके ITR दाखिल करें।

ITR दाखिल करने के आसान तरीके:

  1. ई-फाइलिंग पोर्टल (incometax.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन रिटर्न भरें।

  2. अगर जटिल आय के स्रोत हैं तो किसी टैक्स कंसल्टेंट की मदद लें।

  3. आवश्यक दस्तावेज़ जैसे फॉर्म-16, बैंक स्टेटमेंट, निवेश प्रूफ, पैन कार्ड और आधार कार्ड पहले से तैयार रखें।

  4. समय से पहले रिटर्न भरकर तनाव से बचें।

आयकर रिटर्न की ड्यू डेट बढ़ने से लाखों करदाताओं को राहत मिली है। यह सरकार का एक सकारात्मक कदम है, जिससे करदाता बिना किसी दबाव के अपना रिटर्न दाखिल कर सकते हैं। हालांकि, हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह अतिरिक्त समय केवल सुविधा के लिए है, लापरवाही करने का बहाना नहीं। जितनी जल्दी आप रिटर्न दाखिल करेंगे, उतना ही आपके लिए लाभकारी होगा।

✅ इस बार की ITR Due Date Extension करदाताओं के लिए एक सुनहरा मौका है। यदि आपने अभी तक रिटर्न दाखिल नहीं किया है तो तुरंत तैयारी शुरू करें और समय से पहले अपनी जिम्मेदारी पूरी करें।

ऐसे और भी National लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।

उत्तराखंड देहरादून में बादल फटने से तबाही: एक मानवीय त्रासदी की दास्तान

Leave a Comment

Exit mobile version