ITR Audit Due Date: टैक्सपेयर्स और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स के लिए बड़ी राहत की खबर आई है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने 29 अक्टूबर 2025 को घोषणा की कि वित्तीय वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) और टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है।
इस फैसले से लाखों करदाताओं और प्रोफेशनल्स को राहत मिलेगी, जो ऑडिट रिपोर्ट और आयकर रिटर्न दाखिल करने की समय सीमा को लेकर चिंतित थे।
नई तारीखें क्या हैं? ITR Audit Due Date
CBDT की नई घोषणा के अनुसार —
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टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) जमा करने की नई अंतिम तिथि अब 10 नवंबर 2025 होगी।
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इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि अब 10 दिसंबर 2025 कर दी गई है।
पहले यह डेडलाइन 31 अक्टूबर 2025 तक थी, यानी करदाताओं को करीब 40 दिन की अतिरिक्त राहत दी गई है।
CBDT का आधिकारिक बयान
CBDT ने अपने आधिकारिक बयान में कहा —
“केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139(1) के अंतर्गत रिटर्न दाखिल करने की तिथि, जो पहले 31 अक्टूबर 2025 थी, उसे बढ़ाकर 10 दिसंबर 2025 कर दिया गया है। इसी तरह, पिछले वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करने की ‘निर्धारित तिथि’ को 10 नवंबर 2025 तक बढ़ाया जाता है।”
इस निर्णय का लाभ उन सभी करदाताओं को मिलेगा जिनके खातों का ऑडिट अनिवार्य है — जैसे कंपनियां, पार्टनरशिप फर्म्स, और प्रोफेशनल्स जिनकी आय या टर्नओवर एक निश्चित सीमा से अधिक है।
The Central Board of Direct Taxes (CBDT) has decided to extend the due date of furnishing of Return of Income under sub-Section (1) of Section 139 of the Act for the Assessment Year 2025-26, which is 31st October 2025 in the case of assessees referred in clause (a) of Explanation… pic.twitter.com/w7Hl94Y9Ns
— Income Tax India (@IncomeTaxIndia) October 29, 2025
क्यों बढ़ाई गई तारीखें?

CBDT ने यह निर्णय कई महत्वपूर्ण कारणों को ध्यान में रखते हुए लिया है।
सबसे पहले, चार्टर्ड अकाउंटेंट एसोसिएशनों और टैक्स प्रोफेशनल्स की ओर से बोर्ड को कई प्रतिनिधित्व भेजे गए थे। इनमें कहा गया था कि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट पूरी करने और रिटर्न फाइल करने में तकनीकी कठिनाइयाँ आ रही हैं, और समय की कमी के कारण कई फर्में निर्धारित डेडलाइन तक फाइलिंग पूरी नहीं कर पा रही हैं।
दूसरा बड़ा कारण था देशभर की अदालतों के आदेश।
गुजरात हाई कोर्ट, हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट, और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी टैक्स ऑडिट की डेडलाइन बढ़ाने का आदेश दिया था। इन अदालतों का कहना था कि टैक्सपेयर्स को पर्याप्त समय मिलना चाहिए ताकि वे बिना जल्दबाजी के सटीक रिपोर्ट और रिटर्न फाइल कर सकें।
CBDT ने इन सभी आदेशों और प्रतिनिधित्वों को ध्यान में रखते हुए यह व्यावहारिक कदम उठाया है।
हाई कोर्ट्स की भूमिका
इस बार समय सीमा बढ़ाने के पीछे न्यायपालिका की भूमिका अहम रही। गुजरात हाई कोर्ट ने सबसे पहले टैक्स ऑडिट रिपोर्ट की अंतिम तिथि को 30 नवंबर 2025 तक बढ़ाने का आदेश दिया था।
इसके बाद हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट और पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने भी अपने राज्यों के लिए यही आदेश पारित किया।
इन आदेशों के बाद CBDT पर पूरे देश में एक समान निर्णय लेने का दबाव था ताकि अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग तारीखों की उलझन न रहे।
अंततः बोर्ड ने 29 अक्टूबर 2025 को देशभर के लिए नई डेडलाइन घोषित कर दी।
किन करदाताओं पर लागू होगा यह निर्णय
CBDT की यह तारीख बढ़ोतरी उन सभी करदाताओं पर लागू होती है जिनके खातों का ऑडिट आवश्यक है। इसमें शामिल हैं —
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कंपनियाँ (Private, Public या LLP)
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पार्टनरशिप फर्म्स और उनके कार्यरत पार्टनर्स
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ऐसे प्रोफेशनल्स जिनकी आय या टर्नओवर ऑडिट सीमा से ऊपर है
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ट्रस्ट, एनजीओ और अन्य संस्थान जिनका लेखा परीक्षण आवश्यक है
दूसरे शब्दों में, यदि आपका अकाउंट ऑडिट के दायरे में आता है, तो अब आपको 10 दिसंबर 2025 तक का समय मिल गया है ITR दाखिल करने के लिए।
पिछले विस्तार का जिक्र
ध्यान देने वाली बात यह है कि CBDT ने 25 सितंबर 2025 को भी टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) जमा करने की तारीख को 30 सितंबर से बढ़ाकर 31 अक्टूबर 2025 किया था।
लेकिन लगातार तकनीकी दिक्कतें, पोर्टल से जुड़ी समस्याएँ और डेटा वेरिफिकेशन की चुनौतियाँ देखते हुए अब बोर्ड ने एक बार फिर से समय सीमा बढ़ाने का निर्णय लिया है।
क्या कहा गया है टैक्स विशेषज्ञों ने?
चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और टैक्स कंसल्टेंट्स ने इस निर्णय का स्वागत किया है। कई विशेषज्ञों ने कहा कि यह निर्णय बहुत वेल-टाइम्ड और जरूरी था, क्योंकि ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने और उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने में समय लगता है।
एक टैक्स एक्सपर्ट के मुताबिक —
“हर साल जब ITR पोर्टल पर लोड बढ़ता है, तो सर्वर स्लो हो जाता है। इससे ऑडिट रिपोर्ट और रिटर्न सबमिट करने में काफी परेशानी होती है। CBDT का यह कदम टैक्सपेयर्स के लिए राहत भरा है।”
टैक्स ऑडिट और ITR के बीच संबंध
अक्सर टैक्सपेयर्स यह नहीं समझते कि टैक्स ऑडिट रिपोर्ट और ITR फाइलिंग के बीच क्या अंतर है।
असल में, जिन करदाताओं के खातों का ऑडिट अनिवार्य है, उन्हें पहले ऑडिट रिपोर्ट अपलोड करनी होती है और फिर उसी के आधार पर ITR फाइल किया जाता है।
इसलिए जब ऑडिट रिपोर्ट तैयार करने की तारीख बढ़ाई जाती है, तो स्वाभाविक रूप से ITR की डेडलाइन भी आगे बढ़ाई जाती है। CBDT का यह कदम उसी संतुलन को बनाए रखने के लिए है।
कितनी राहत मिली टैक्सपेयर्स को
अगर आप एक कंपनी, फर्म या प्रोफेशनल हैं, तो यह फैसला आपके लिए सीधा लाभदायक है। पहले आपको 31 अक्टूबर 2025 तक ITR फाइल करनी थी, लेकिन अब आपके पास अतिरिक्त 40 दिन हैं। ऑडिट रिपोर्ट जमा करने की भी डेडलाइन बढ़ने से अब प्रोफेशनल्स को डाटा एनालिसिस, वेरिफिकेशन और फाइलिंग के लिए पर्याप्त समय मिल जाएगा।
इनकम टैक्स पोर्टल की चुनौतियाँ
पिछले कुछ वर्षों से इनकम टैक्स ई-फाइलिंग पोर्टल पर करदाताओं को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, कई बार लॉगिन, वैलिडेशन और अपलोडिंग के दौरान सर्वर स्लो हो जाता है।
ऐसे में बड़ी संख्या में टैक्सपेयर्स के लिए समय पर फाइलिंग करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है।
CBDT ने इस पहलू को भी ध्यान में रखते हुए तारीख बढ़ाने का निर्णय लिया ताकि कोई भी करदाता तकनीकी वजह से पेनल्टी या लेट फीस का शिकार न बने।
नई डेडलाइन का सारांश
| विवरण | पुरानी तारीख | नई तारीख |
|---|---|---|
| टैक्स ऑडिट रिपोर्ट (TAR) | 31 अक्टूबर 2025 | 10 नवंबर 2025 |
| इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) | 31 अक्टूबर 2025 | 10 दिसंबर 2025 |
देशभर में एक समान नियम
CBDT ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह निर्णय पूरे देश में समान रूप से लागू होगा।
इसका अर्थ है कि अब किसी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश में अलग-अलग डेडलाइन नहीं होंगी।
यह कदम टैक्स प्रशासन को पारदर्शी और सरल बनाने की दिशा में एक बड़ा सुधार माना जा रहा है।
टैक्सपेयर्स के लिए संदेश
CBDT ने करदाताओं से अपील की है कि वे इस बढ़ी हुई समय सीमा का लाभ उठाकर अपने रिटर्न को सही और सटीक जानकारी के साथ फाइल करें।
बोर्ड ने यह भी कहा है कि आगे कोई और विस्तार तभी दिया जाएगा जब विशेष परिस्थितियाँ उत्पन्न हों। इसलिए टैक्सपेयर्स को सलाह दी गई है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार न करें और समय पर फाइलिंग पूरी करें।
कुल मिलाकर, CBDT का यह कदम करदाताओं, अकाउंटेंट्स और टैक्स प्रोफेशनल्स के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
ऑडिट रिपोर्ट और ITR की डेडलाइन बढ़ने से अब सभी को पर्याप्त समय मिलेगा ताकि वे बिना जल्दबाजी और त्रुटि के अपना रिटर्न दाखिल कर सकें।
यह निर्णय टैक्स प्रणाली को अधिक सुव्यवस्थित, पारदर्शी और करदाताओं के अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
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