IndiGo Flight Crisis: तीन दिन से जारी अफरा-तफरी, 550+ फ्लाइट्स रद्द, क्या है बड़ी वजह?

IndiGo Flight Crisis: भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo इन दिनों अभूतपूर्व परिचालन संकट का सामना कर रही है। गुरुवार, 4 दिसंबर को स्थिति और बिगड़ गई जब देशभर में 550 से अधिक घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। इतना ही नहीं, अनेक विमानों में घंटों की देरी से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई।

यह संकट लगातार तीसरे दिन जारी रहा और हजारों यात्री देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर फंसे हुए नजर आए। कई यात्रियों की लंबी यात्राएं बीच में रुक गईं, तो कई का छुट्टियों का प्लान पूरी तरह गड़बड़ा गया।

किन शहरों में सबसे ज्यादा उड़ानें रद्द हुईं | IndiGo Flight Crisis

IndiGo Flight Crisis

गुरुवार को जिन 550 से ज्यादा उड़ानों को रद्द किया गया, उनमें सबसे अधिक प्रभावित दिल्ली एयरपोर्ट रहा, जहां कुल 172 उड़ानें रद्द हुईं।

इसके बाद मुंबई एयरपोर्ट पर 118 उड़ाने रद्द करनी पड़ीं।
बेंगलुरु में 100, हैदराबाद में 75, कोलकाता में 35, चेन्नई में 26 और गोवा में 11 उड़ानें रद्द की गईं।

बाकी छोटे-बड़े एयरपोर्ट्स पर भी रद्द उड़ानों की संख्या दर्ज की गई, जिससे देशभर में यात्रियों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई।

संकट इतना बड़ा कैसे हुआ? IndiGo ने बताई वजहें

एयरलाइन ने गुरुवार रात आधिकारिक बयान जारी कर कहा कि पिछले दो दिनों से लगातार परिचालन गड़बड़ी बनी हुई है और इसका असर उनके पूरे नेटवर्क पर पड़ रहा है। एयरलाइन ने कहा कि वह सभी ग्राहकों और उद्योग से जुड़े लोगों से दिल से माफी मांगती है।

IndiGo ने बताया कि कई वजहों के एक साथ जमा हो जाने से स्थितियां बिगड़ती गईं—
तकनीकी दिक्कतें, शेड्यूल में लगातार बदलाव, प्रतिकूल मौसम, हवाई यातायात में बढ़ती भीड़, और FDTL (Flight Duty Time Limit) नियमों के लागू होने के कारण उनके संचालन पर नकारात्मक असर पड़ा।

CEO पीटर एल्बर्स ने कर्मचारियों को भेजे मेल में कहा कि यह लक्ष्य “आसान नहीं” है, क्योंकि कंपनी हर दिन 3.8 लाख यात्रियों को सेवा देती है। उन्होंने स्वीकार किया कि इन दिनों एयरलाइन अपने वादे पर खरी नहीं उतर सकी।

सरकार और DGCA भी हुई सक्रिय

इतनी बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द होने के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय और DGCA ने IndiGo के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में एयरलाइन से विस्तृत रिपोर्ट, सुधार योजना और भविष्य में ऐसी स्थिति न बनने को लेकर स्पष्ट रोडमैप मांगा गया।

बैठक के बाद एयरलाइन ने अपनी फ्लाइट शेड्यूल में संशोधन किए और “प्री-प्लान्ड कैंसिलेशन” लागू किए ताकि आगे और अव्यवस्था न बढ़े।

यात्रियों की मुश्किलें बढ़ीं

फ्लाइट रद्द और देरी के चलते देश के प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यात्रियों की भीड़ उमड़ पड़ी।
कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें एयरपोर्ट पर घंटों इंतजार करना पड़ा, जबकि कुछ को बिना सूचना के उनकी उड़ानें रद्द कर दी गईं।

छुट्टियों पर जा रहे यात्री, ट्रेनिंग, इंटरव्यू या आवश्यक कार्यों के लिए यात्रा कर रहे लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी उठानी पड़ी।

घरेलू उड़ानों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय यात्राओं पर भी प्रभाव पड़ा, जिससे कई देशों में कनेक्टिंग फ्लाइट लेने वाले यात्री फंस गए।

ऑन-टाइम परफॉर्मेंस में भारी गिरावट

IndiGo अपनी समयपालन (punctuality) के लिए जानी जाती रही है। लेकिन इस संकट के दौरान उसका ऑन-टाइम परफॉर्मेंस लगातार गिरता गया।

मंगलवार को OTP 35% था, लेकिन बुधवार तक यह गिरकर मात्र 19.7% रह गया, जो कंपनी के इतिहास में सबसे निचले स्तरों में से एक है।

एयरलाइन की कोशिशें: कैसे किया जा रहा है स्थिति संभालने का प्रयास

IndiGo ने बताया कि वह अपने परिचालन को सामान्य करने के लिए कई कदम उठा रही है—

  • कर्मचारियों और तकनीकी टीमों को अतिरिक्त शिफ्ट में लगाया गया है
  • शेड्यूल को नियंत्रित और सीमित किया जा रहा है ताकि दबाव कम हो
  • फाल्तू या कम व्यस्त उड़ानों को अस्थायी रूप से रद्द किया जा रहा है
  • सभी यात्रियों को SMS और ईमेल के माध्यम से लगातार अपडेट दिया जा रहा है

एयरलाइन ने कहा कि वह MOCA, DGCA, BCAS, AAI और सभी एयरपोर्ट ऑपरेटर्स के साथ मिलकर स्थिति सुधारने में जुटी है।

नवंबर में भी रद्द हुई थीं 1,232 उड़ानें

दिलचस्प बात यह है कि यह पहला मौका नहीं है जब IndiGo बड़े पैमाने पर परिचालन समस्या का सामना कर रही है।
नवंबर महीने में भी एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं।

लगातार बढ़ती यात्रियों की संख्या, एयर ट्रैफिक की भीड़ और क्रू उपलब्धता की समस्या लंबे समय से एयरलाइन उद्योग को प्रभावित कर रही है।

यात्रियों को क्या करना चाहिए?

इस संकट के बीच यात्रियों के लिए सलाह है कि अपने टिकट की स्थिति बार-बार चेक करें, एयरपोर्ट के लिए निकलने से पहले रीयल-टाइम अपडेट अवश्य लें, कनेक्टिंग फ्लाइट वाले यात्री विशेष सावधानी बरतें, और यदि यात्रा बहुत जरूरी न हो, तो फ्लाइट रिस्केड्यूल करने पर भी विचार करें।

हालांकि एयरलाइन ने कहा है कि वह अपने सभी ग्राहकों को किसी भी बदलाव की सूचना समय-समय पर देती रहेगी, लेकिन यात्रियों को भी सतर्क रहना चाहिए।

Crisis कब तक रहेगा?

IndiGo ने फिलहाल किसी निश्चित समयसीमा का ऐलान नहीं किया है, लेकिन संकेतों से यह साफ है कि स्थिति जल्द सामान्य होने की संभावना कम है।
CEO ने भी अपने बयान में स्वीकार किया कि यह चुनौती “कठिन” है और इसे सामान्य करने में समय लगेगा।

IndiGo के विशाल नेटवर्क में यह बड़े पैमाने पर परिचालन संकट यात्रियों के लिए बेहद कठिन साबित हो रहा है।
550 से अधिक उड़ानों का रद्द होना, लगातार देरी और भीड़ से देशभर के एयरपोर्ट्स पर हालात बिगड़ गए हैं।

एयरलाइन ने आधिकारिक तौर पर माफी मांगी है और वादा किया है कि वह जल्द से जल्द स्थिति सामान्य करने की कोशिश कर रही है। हालांकि, यात्रियों की सहनशीलता और धैर्य अभी भी परीक्षा पर है।

यात्रा करने वाले लोगों के लिए सबसे अच्छा विकल्प यही है कि वे अपने टिकट की स्थिति पर लगातार नजर रखें और आवश्यक यात्रा को ही प्राथमिकता दें।

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