India Fiji Ties: भारत-फिजी रिश्तों में नया अध्याय, सहयोग और साझेदारियों से मजबूत होते द्विपक्षीय संबंध

India Fiji Ties: भारत और फिजी के बीच द्विपक्षीय संबंधों ने हाल के वर्षों में नई दिशा और गति प्राप्त की है। अगस्त 2025 में फिजी के प्रधानमंत्री सिटिवेनी राबुका का भारत दौरा दोनों देशों के संबंधों को और अधिक गहरा करने का महत्वपूर्ण अवसर साबित हुआ। इस दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बैठक में कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। यह दौरा न केवल राजनीतिक स्तर पर बल्कि सामाजिक, आर्थिक, सुरक्षा, स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्रों में भी द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने का नया अध्याय साबित हुआ।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध | India Fiji Ties

भारत और फिजी के संबंधों की जड़ें 19वीं सदी में फिजी पहुंचे भारतीय मजदूरों, जिन्हें गिरमिटिया कहा जाता था, से जुड़ी हैं। इन भारतीय श्रमिकों के योगदान को दोनों देश आज भी सम्मानपूर्वक याद करते हैं। प्रधानमंत्री राबुका और पीएम मोदी ने 2024 में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की फिजी यात्रा और 2023 में नादी में आयोजित विश्व हिंदी सम्मेलन को द्विपक्षीय संबंधों के अहम मोड़ के रूप में उल्लेख किया। इसके अलावा, दोनों देशों ने शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में गहरे सहयोग का संकल्प लिया है। फिजी में हिंदी और संस्कृत शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, वहीं भारतीय पंडितों को प्रशिक्षण हेतु भारत बुलाया जाएगा। यह पहल न केवल भाषाई और सांस्कृतिक समृद्धि बढ़ाएगी बल्कि दोनों देशों के लोगों के बीच घनिष्ठता को भी मजबूत करेगी।

आतंकवाद और सुरक्षा सहयोग

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सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग भी इस दौरे का एक अहम हिस्सा रहा। भारत और फिजी ने आतंकवाद की कड़ी निंदा की और हाल ही में हुए पहलगाम हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया। दोनों देश कट्टरपंथ, सीमा-पार अपराध और नई तकनीकों के गलत इस्तेमाल के खिलाफ संयुक्त रूप से कार्य करने पर सहमत हुए। यह सहयोग केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि साइबर सुरक्षा और डिजिटल खतरों से निपटने के लिए दोनों देशों ने एक मजबूत ढांचा विकसित करने का संकल्प भी लिया।

जलवायु परिवर्तन और सतत विकास

जलवायु परिवर्तन और सतत विकास के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग तेजी से बढ़ रहा है। फिजी एक द्वीपीय राष्ट्र होने के नाते जलवायु परिवर्तन से सीधे प्रभावित होता है, और भारत ने इसे समझते हुए आपदा प्रबंधन और तकनीकी सहायता प्रदान करने की प्रतिबद्धता जताई है। इंटरनेशनल सोलर अलायंस (ISA) के STAR सेंटर की स्थापना और सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए किए गए समझौते इस सहयोग के स्पष्ट उदाहरण हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भले ही भारत और फिजी भौगोलिक रूप से दूर हैं, लेकिन उनकी आकांक्षाएं और विकास के लक्ष्य एक ही दिशा में अग्रसर हैं।

स्वास्थ्य क्षेत्र में साझेदारी

स्वास्थ्य क्षेत्र में भारत और फिजी ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत फिजी की राजधानी सुवा में 100 बेड का सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाएगा, वहीं जन औषधि केंद्रों की शुरुआत और ई-संजीवनी सेवा से डिजिटल स्वास्थ्य नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके अलावा, जयपुर फुट कैंप का आयोजन फिजी में पुनः किया जाएगा और 10 फिजी नागरिकों को भारत में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। यह पहल फिजी के स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूती देने के साथ-साथ भारत की स्वास्थ्य तकनीक और विशेषज्ञता को भी साझा करेगी।

कृषि और औद्योगिक सहयोग

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भारत ने फिजी की कृषि और उद्योग को समर्थन देने के लिए कई कदम उठाए हैं। फिजी को 5 टन उच्च गुणवत्ता वाले लोबिया बीज, 12 कृषि ड्रोन और 2 मोबाइल मिट्टी परीक्षण लैब्स प्रदान किए जाएंगे। इसके अलावा, चीनी उद्योग में विशेषज्ञ सहयोग भी भेजा जाएगा, जिससे फिजी में कृषि और उद्योग क्षेत्र में तकनीकी उन्नति होगी। इस तरह के सहयोग से फिजी की कृषि उत्पादकता और आय बढ़ाने में मदद मिलेगी, वहीं भारत को अपने कृषि तकनीक और विशेषज्ञता का विस्तार करने का अवसर मिलेगा।

रक्षा और सुरक्षा में सहयोग

रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में भी दोनों देशों के बीच सहयोग मजबूत हो रहा है। भारत फिजी सेना को दो एम्बुलेंस देगा और साइबर सुरक्षा प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना करेगा। भारतीय नौसेना का जहाज फिजी दौरे पर जाएगा और नई दिल्ली स्थित फिजी दूतावास में रक्षा विंग स्थापित किया जाएगा। यह सहयोग द्विपक्षीय रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने के साथ-साथ समुद्री और साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में भी नए आयाम खोलेगा।

व्यापार, निवेश और अर्थव्यवस्था

व्यापार और निवेश के क्षेत्र में भारत और फिजी ने सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया है। फिजी ने भारतीय घी और अन्य उत्पादों को अपने बाजार में जगह दी है। इसके अलावा, दोनों देश छोटे उद्योग, कृषि और सामान की सप्लाई में मिलकर काम करेंगे। NABARD और फिजी बैंक के बीच ग्रामीण विकास पर समझौता हुआ है, जबकि BIS और DNTMS के बीच मानकीकरण समझौते ने व्यापार और उद्योग क्षेत्र में सहयोग को और व्यापक बनाया है।

शिक्षा, संस्कृति और युवा

शिक्षा, संस्कृति और युवा मामलों में भी दोनों देशों के बीच गहरा सहयोग विकसित हो रहा है। छात्रों और पेशेवरों के लिए Migration and Mobility समझौता किया गया है। फिजी यूनिवर्सिटी में हिंदी और संस्कृत शिक्षक भेजे जाएंगे और भारत में फिजी पंडित प्रशिक्षण लेंगे। इसके अलावा, गीता महोत्सव 2025 में दोनों देशों के विद्यार्थियों और शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। खेल क्षेत्र में भी सहयोग हुआ है, जिसमें भारत फिजी में क्रिकेट कोच भेजेगा और भारत में रग्बी को बढ़ावा दिया जाएगा।

वैश्विक मंच और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

वैश्विक मंच पर भारत और फिजी का सहयोग भी लगातार मजबूत हो रहा है। फिजी ने भारत की UNSC स्थायी सदस्यता का समर्थन किया है और 2028-29 के लिए भारत की गैर-स्थायी सदस्यता के लिए भी समर्थन दिया है। दोनों देश इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्वतंत्र और समावेशी सहयोग का समर्थन करते हैं। फिजी ने IPOI में शामिल होने की इच्छा जताई है और ‘Ocean of Peace’ विचार साझा किया है।

प्रधानमंत्री राबुका का भारत दौरा और दोनों देशों के बीच हुए समझौते भारत-फिजी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं। स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, रक्षा और जलवायु जैसे क्षेत्रों में हुए समझौते दोनों देशों के लिए लाभकारी होंगे। आने वाले समय में यह सहयोग और भी मजबूत और व्यापक होने की संभावना रखता है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों का एक नया और स्थायी अध्याय लिखा जाएगा।

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