Imran Khan News: पाकिस्तान की सियासत एक बार फिर भारी उथल-पुथल से गुजर रही है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत और सुरक्षा से जुड़े सवालों ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। सोशल मीडिया पर लगातार उनकी मौत की अफवाहें फैल रही हैं, जबकि सरकार उनकी जेल में मौजूदगी और हालत को लेकर चुप्पी साधे हुए है। इस बीच उनकी तीन बहनों ने चौंकाने वाला आरोप लगाया है कि उन्हें अपने भाई से मिलने की मांग पर पुलिस ने बुरी तरह पीटा।
रावलपिंडी की अदियाला जेल के बाहर हुई इस घटना ने पाकिस्तान के राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। इमरान खान 2023 से जेल में बंद हैं और उनकी बहनों के मुताबिक पिछले एक महीने से उन्हें बिल्कुल अकेले रखा गया है। मुलाकात तक की इजाज़त नहीं। ऐसे में यह सवाल और गहरा हो गया है कि आखिर इमरान खान की वास्तविक स्थिति क्या है और सरकार उन्हें जनता और परिवार से क्यों अलग कर रही है।
अदियाला जेल के बाहर क्यों पहुंचे थीं इमरान खान की बहनें | Imran Khan News
सोशल मीडिया पर इमरान खान की मौत की खबर फैलते ही उनकी तीन बहनें—नौरीन खान, अलीमा खान और उज़मा खान—अदियाला जेल के बाहर पहुंचीं। उनका कहना है कि वे सिर्फ अपने भाई की सेहत को लेकर चिंतित थीं और उनसे मुलाकात करना चाहती थीं। लेकिन जैसे ही वे जेल परिसर के पास बैठीं, पंजाब पुलिस ने उन्हें वहां से हटाने के लिए बल प्रयोग किया।
उनके मुताबिक पुलिस ने अचानक इलाके की स्ट्रीट लाइट बंद कर दी और फिर अंधेरे में लाठीचार्ज शुरू कर दिया। इस दौरान PTI समर्थकों को भी पीटा गया और महिलाओं को खींचकर सड़क पर गिराया गया। इस घटना ने मानवाधिकारों पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
बहनों का आरोप: बिना किसी उकसावे के हुआ हमला
इमरान खान की बहन नौरीन नियाज़ी ने पंजाब पुलिस प्रमुख उस्मान अनवर को लिखे पत्र में कहा कि यह हमला पूरी तरह योजनाबद्ध था। उनका कहना है कि वे वहां शांतिपूर्वक बैठी थीं और किसी तरह का रास्ता रोकने या हिंसा करने जैसी कोई गतिविधि नहीं कर रही थीं। लेकिन अचानक पुलिस ने उन पर हमला कर दिया।
नौरीन ने बताया कि सत्तर वर्ष की आयु में उन्हें बालों से पकड़कर जमीन पर फेंका गया और फिर घसीटा गया। उनकी चोटें आज भी साफ दिखाई देती हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को थप्पड़ मारे गए, जमीन पर धक्का दिया गया और किसी के साथ भी मानवीय व्यवहार नहीं किया गया।
यह सिर्फ एक परिवार पर हमला नहीं था, बल्कि उनके अनुसार यह पिछले तीन वर्षों से पाकिस्तान में चल रही दमनकारी नीति का हिस्सा है, जहाँ शांतिपूर्ण प्रदर्शन पर भी पुलिस बेझिझक बल प्रयोग करती है।
🚨Flash News:
Imran Khan’s sister Noreen Niazi was reportedly pushed to the ground by PaK police outside Adiala Jail while protesting against the PaK government.
PaK police detained Aleema Khan, Dr Uzma, and Noreen Khan.
Note: Strong language#ImranKhan #ImranKhanPTI pic.twitter.com/kJi3origVU
— OsintTV 📺 (@OsintTV) November 18, 2025
PTI का गंभीर आरोप: सरकार इमरान खान को जनता से छुपा रही है
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने इस घटना के बाद बड़ा आरोप लगाया है कि सरकार जानबूझकर इमरान खान को जनता की नजर से दूर कर रही है।
पार्टी का दावा है कि उन्हें सोलिटरी कन्फाइनमेंट में रखा गया है, जहां न उनसे मिलने की इजाज़त है और न उन्हें आवश्यक चीजें दी जा रही हैं। यहां तक कि किताबें और कानूनी दस्तावेज भी उनसे दूर रखे जा रहे हैं।
उनकी कानूनी टीम के सदस्य खालिद यूसुफ चौधरी ने कहा कि यहां कानून का नहीं, जंगल का राज चल रहा है, जहां जो ताकतवर है वही सही है और बाकी सभी के अधिकार खत्म कर दिए गए हैं।
सरकार की चुप्पी और मौत की अफवाहों का फैलना
पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर लगातार यह दावा किया जा रहा था कि इमरान खान की जेल में मौत हो गई है। हालांकि सरकार ने इन अफवाहों का खंडन किया, लेकिन उनकी स्थिति पर साफ जानकारी न देने से शक और बढ़ गया।
कई बार ऐसा हुआ है कि सरकार या जेल प्रशासन ने नेताओं की मौत या गंभीर बीमारी की सूचना देर से दी हो। पाकिस्तान का इतिहास भी इस तरह की घटनाओं से भरा पड़ा है, जिससे अफवाहों को हवा मिल रही है।
सरकार अब तक यह बताने में असमर्थ है कि इमरान खान से मुलाकात पर गैर-घोषित रोक क्यों लगाई गई है। उनकी बहनों को तीन हफ्तों से अधिक समय से मिलने नहीं दिया गया। यहां तक कि खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री सुहैल अफरीदी भी सात बार कोशिश कर चुके हैं, लेकिन हर बार जेल प्रशासन ने उन्हें रोक दिया।
जेल में इमरान खान की हालत पर गहरी चिंता

इमरान खान के समर्थकों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि इमरान खान को मानसिक और शारीरिक रूप से कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
उनकी पार्टी का दावा है कि उन्हें बिल्कुल अकेले, बंद कमरे में रखा गया है और उन्हें किसी बाहरी व्यक्ति से मिलने नहीं दिया जा रहा है। कानून के अनुसार किसी भी कैदी को कानूनी टीम और परिवार से मिलने का अधिकार होता है, लेकिन इमरान खान को इस अधिकार से वंचित रखा जा रहा है।
यह भी दावा किया जा रहा है कि उनकी सेहत खराब है और सही चिकित्सा उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
पाकिस्तान में राजनीतिक तनाव बढ़ा
इस पूरी घटना ने पाकिस्तान की राजनीति को और तनावपूर्ण बना दिया है। इमरान खान पहले ही सेना और सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते रहे हैं और अब उनकी गिरफ्तारी, अलगाव और मुलाकात पर रोक को लोग राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देख रहे हैं।
उनकी बहनों पर पुलिस का लाठीचार्ज, मौत की अफवाहें और सरकार की चुप्पी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पाकिस्तान में विपक्षी नेताओं की सुरक्षा और अधिकार सुरक्षित हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर चर्चा बढ़ गई है और कई मानवाधिकार संगठन अब इस मामले की स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
क्या इमरान खान खतरे में हैं?
जितनी सूचनाएं सामने आ रही हैं, उससे यह तो साफ है कि इमरान खान पूरी तरह अलग-थलग हैं और उनकी हालत पर कोई पारदर्शिता नहीं है।
सरकार की चुप्पी और मीडिया पर रोक के चलते वास्तविक स्थिति जान पाना मुश्किल हो गया है, लेकिन यह साफ है कि उनकी बहनों और समर्थकों की चिंता वास्तविक है।
अदियाला जेल में उनके साथ क्या हो रहा है, यह एक बड़ा सवाल बन गया है।
इमरान खान की गिरफ्तारी, उन्हें अकेले रखने की नीति, मुलाकातों पर रोक और उनकी बहनों पर पुलिस का हमला, ये सभी घटनाएं पाकिस्तान के लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं।
सोशल मीडिया पर फैल रही मौत की अफवाहों ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है। उनकी बहनें लगातार कह रही हैं कि उन्हें सिर्फ अपने भाई की एक झलक चाहिए, लेकिन सरकार और प्रशासन के रवैये ने और रहस्य पैदा कर दिए हैं।
देश के भीतर और बाहर सबकी नजर अब इस बात पर है कि पाकिस्तान सरकार इस मामले में क्या कदम उठाती है और क्या वह इमरान खान की सेहत और सुरक्षा पर कोई आधिकारिक, स्पष्ट बयान जारी करती है या नहीं।
ऐसे और भी Global लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।
Tejas Jet Crash: दुबई के आसमान में क्यों ढह गया तेजस? वो 10 सेकंड जिसने सब बदल दिया