बिहार में पहली बार Hero Asia Cup 2025: नीतीश कुमार ने किया शुभंकर ‘चांद’ और ट्रॉफी का अनावरण, राजगीर बनेगा हॉकी का वैश्विक गढ़

Hero Asia Cup 2025: बिहार पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक बड़े खेल आयोजन की मेजबानी करने जा रहा है। हीरो एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट 2025 का आयोजन अब बिहार के राजगीर खेल परिसर में होगा। यह न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना स्थित एक भव्य समारोह में इस टूर्नामेंट के शुभंकर ‘चांद’ और ट्रॉफी का अनावरण किया।

यह टूर्नामेंट 29 अगस्त से 7 सितंबर 2025 तक आयोजित होगा। खास बात यह है कि 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस भी है, जो हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती के रूप में मनाया जाता है। ऐसे में इस टूर्नामेंट की शुरुआत उस दिन होना अपने आप में बेहद खास है।

राजगीर का विश्वस्तरीय हॉकी स्टेडियम | Hero Asia Cup 2025

बिहार सरकार ने पिछले कुछ सालों में खेल सुविधाओं को लेकर बड़ा निवेश किया है। राजगीर खेल परिसर में बना अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम इसकी मिसाल है। यह स्टेडियम अत्याधुनिक तकनीक से लैस है और यहां खिलाड़ियों के ठहरने के लिए हॉस्टल, प्रशिक्षण केंद्र और मेडिकल सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि यह स्टेडियम न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इससे यह साबित होता है कि बिहार अब अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के लिए पूरी तरह तैयार है।

शुभंकर ‘चांद’ – साहस और कौशल का प्रतीक

Hero Asia Cup 2025Hero Asia Cup 2025

हीरो एशिया कप 2025 का आधिकारिक शुभंकर ‘चांद’ पेश किया गया। यह शुभंकर भारत के राष्ट्रीय पशु बाघ पर आधारित है, जो साहस, शक्ति और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

‘चांद’ का लाल लबादा ऊर्जा और उत्साह को दर्शाता है, जबकि उसकी जादूगर वाली टोपी हॉकी के महानायक मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि है। ध्यानचंद को अक्सर हॉकी का जादूगर कहा जाता है क्योंकि उनकी स्टिक पर गेंद मानो जादू से चिपकी रहती थी।

‘चांद’ नाम भी मेजर ध्यानचंद से ही प्रेरित है। कहा जाता है कि ध्यानचंद अक्सर चांदनी रातों में अभ्यास किया करते थे और तभी उन्होंने अपनी हॉकी कला को निखारा।

शुभंकर का डिज़ाइन बिहार के वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व से भी प्रेरित है। यह बाघ न सिर्फ ताकत और चपलता का प्रतीक है बल्कि बिहार की जैवविविधता और गौरवशाली धरोहर को भी दर्शाता है।

ट्रॉफी गौरव यात्रा – हर दिल तक पहुंचेगा हॉकी का जुनून

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पटना से ‘ट्रॉफी गौरव यात्रा’ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह यात्रा सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि देश के कई राज्यों से गुजरेगी।

बिहार के सभी जिलों के अलावा यह यात्रा चेन्नई, चंडीगढ़, दिल्ली, ओडिशा, असम और झारखंड तक जाएगी। इस यात्रा का उद्देश्य है युवाओं में हॉकी के प्रति रुचि जगाना, खेल संस्कृति को बढ़ावा देना और हर स्तर पर जनभागीदारी सुनिश्चित करना।

एशिया कप 2025 – कौन-कौन सी टीमें होंगी शामिल

इस बार एशिया कप में 8 टीमें हिस्सा लेंगी। इनमें भारत, चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, दक्षिण कोरिया, ओमान और बांग्लादेश शामिल हैं।

यह टूर्नामेंट बेहद अहम है क्योंकि इसका विजेता सीधे हॉकी विश्व कप के लिए क्वालीफाई करेगा। दक्षिण कोरिया इस टूर्नामेंट का सबसे सफल देश है, जिसने अब तक 5 बार खिताब जीता है। भारत और पाकिस्तान तीन-तीन बार चैंपियन रह चुके हैं।

बिहार और खेल संस्कृति – नई ऊंचाइयों की ओर

बिहार लंबे समय तक खेलों के मामले में पीछे माना जाता रहा है, लेकिन पिछले एक दशक में यहां तेजी से बदलाव हुए हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने खेल सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया है।

राजगीर खेल परिसर, पटना का पाटलिपुत्र स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कई जिलों में बने मिनी स्टेडियम इसकी मिसाल हैं। सरकार खिलाड़ियों को न सिर्फ प्रशिक्षण सुविधा देती है बल्कि उन्हें आर्थिक सहयोग और नौकरी में आरक्षण भी प्रदान करती है।

इस आयोजन से बिहार की वैश्विक छवि और भी मजबूत होगी। यह न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि पर्यटन और संस्कृति के क्षेत्र में भी नए अवसर खोलेगा।

हॉकी दिग्गजों की मौजूदगी

कार्यक्रम में भारतीय हॉकी टीम के मशहूर गोलकीपर पी.आर. सृजेश भी मौजूद थे। उन्होंने कहा कि बिहार में हॉकी को लेकर गहरा लगाव है और यहां के लोग खेलों को दिल से अपनाते हैं।

सृजेश ने कहा कि राजगीर में बने स्टेडियम की सुविधाएं वर्ल्ड क्लास हैं और खिलाड़ियों को यहां रहकर खेलने में बहुत सुविधा होगी।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष भोला नाथ सिंह ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को इस आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं और कहा कि यह बिहार के खेल इतिहास का सबसे बड़ा आयोजन है।

पर्यटन और सांस्कृतिक बढ़ावा

राजगीर एक ऐतिहासिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद समृद्ध स्थल है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यहां खेल आयोजन होने से बिहार के पर्यटन को भी नई पहचान मिलेगी।

राजगीर, नालंदा और बोधगया जैसे स्थल दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं। टूर्नामेंट के दौरान विदेशी खिलाड़ी और दर्शक जब यहां आएंगे तो वे बिहार की संस्कृति, कला और विरासत को भी करीब से देख पाएंगे।

नीतीश कुमार का विज़न – खेल से विकास

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि हीरो एशिया कप का आयोजन बिहार के लिए सम्मान की बात है। यह साबित करता है कि बिहार अब बड़े खेल आयोजनों की मेजबानी करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरणा मिलेगी और बिहार का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और रोशन होगा।

उनका मानना है कि खेल सिर्फ मनोरंजन या प्रतियोगिता का माध्यम नहीं है बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का एक जरिया है।

बिहार बनेगा खेलों का नया केंद्र

हीरो एशिया कप 2025 का आयोजन बिहार के लिए मील का पत्थर साबित होगा। यह टूर्नामेंट न केवल हॉकी को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा बल्कि बिहार की खेल संस्कृति को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित करेगा।

शुभंकर ‘चांद’ बिहार की ऊर्जा, साहस और गौरव को दर्शाता है। राजगीर का हॉकी स्टेडियम आने वाले समय में भारतीय हॉकी का नया गढ़ बनेगा।

यह आयोजन बिहार को पर्यटन, खेल और संस्कृति के क्षेत्र में नई पहचान देगा और यह साबित करेगा कि खेल विकास और प्रगति की असली ताकत बन सकते हैं।

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