GST Council Meeting 2025: दिल्ली में 3 सितंबर से शुरू हुई और 4 सितंबर तक चलने वाली GST Council Meeting में कंस्ट्रक्शन से जुड़े सामान पर टैक्स दरों में कटौती को लेकर चर्चा हो रही है। यह खबर खासतौर पर उन लोगों के लिए अहम है जो घर बनाने या अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में निवेश करने की योजना बना रहे हैं। घर बनाने की लागत में सबसे बड़ा हिस्सा टैक्स का होता है, और अगर सरकार इस पर कटौती करती है तो आम लोगों की जेब पर सीधा असर पड़ेगा।
वर्तमान में सीमेंट, स्टील, प्लाईबोर्ड, टाइल्स और पेंट जैसी जरूरी चीजों पर भारी-भरकम जीएसटी लगती है, जिससे मकान बनाने की कुल लागत काफी बढ़ जाती है। GST Council Meeting में यही मुद्दा चर्चा का मुख्य विषय है। अगर टैक्स घटाया गया तो घर बनाने वालों को काफी फायदा मिलेगा और रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ा लाभ होगा।
घर बनाने पर वर्तमान GST रेट्स | GST Council Meeting 2025
घर बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रमुख सामान पर वर्तमान जीएसटी दरें इस प्रकार हैं।
सीमेंट पर 28% जीएसटी लगता है। यह घर बनाने में सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला और महंगा सामान है। 28% का टैक्स सीधे निर्माण लागत को बढ़ा देता है।
स्टील और सरिया पर 18% जीएसटी लगता है। यह दोनों सामान भी घर बनाने में अत्यंत जरूरी हैं। स्टील की मजबूत संरचना और सरिया की मजबूती से ही मकान की मजबूती तय होती है, लेकिन भारी टैक्स इसकी कीमत को और बढ़ा देता है।
प्लाईबोर्ड, टाइल्स और पेंट पर भी 18% टैक्स लगता है। प्लाईबोर्ड का इस्तेमाल फर्नीचर और इंटीरियर डिजाइनिंग में होता है, वहीं टाइल्स और पेंट घर की सुंदरता और टिकाऊपन को बढ़ाते हैं।
सैनिटरी वेयर, इलेक्ट्रिकल फिटिंग और हार्डवेयर जैसे जरूरी सामान पर भी 18% तक टैक्स देना पड़ता है। ये सामान घर के बेसिक निर्माण और लिविंग को बेहतर बनाने के लिए बेहद जरूरी हैं।
इस तरह, घर बनाने के हर जरूरी सामान पर भारी टैक्स लगता है, जो आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बनता है।
GST कटौती से घर बनाने वालों को क्या मिलेगा फायदा?
रियल एस्टेट विशेषज्ञ और ओराम कॉलोनिजर्स के संस्थापक प्रदीप मिश्रा का मानना है कि अगर GST Council इन सामानों पर टैक्स घटा देता है या 5% तक कर देता है तो मकान बनाने का खर्च तुरंत कम हो जाएगा।
यह न केवल घर बनाने वालों के लिए राहत की खबर है, बल्कि हाउसिंग सेक्टर के लिए भी फायदेमंद साबित होगी। टैक्स कम होने से आम लोग घर बनाने का सपना आसानी से पूरा कर सकेंगे। साथ ही, नए प्रोजेक्ट्स की बिक्री पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ेगा।
प्रॉपर्टी इंडस्ट्री से जुड़े लोग यह मानते हैं कि टैक्स रेट में कटौती से रियल एस्टेट सेक्टर में मांग बढ़ेगी। ज्यादा लोग घर खरीदने और बनाने के लिए आगे आएंगे। इसका असर लंबे समय तक प्रॉपर्टी मार्केट पर दिखाई देगा।
घर बनाने की लागत में जीएसटी का असर
अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में निवेश करने वालों और घर बनाने वालों के लिए सबसे बड़ी चुनौती निर्माण लागत है।
सीमेंट और स्टील पर अधिक टैक्स की वजह से मकान की कीमतें बढ़ जाती हैं। एक सामान्य घर बनाने में सीमेंट और स्टील की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। वहीं, प्लाईबोर्ड, टाइल्स और पेंट जैसे सामान भी जरूरी हैं, लेकिन इन पर 18% टैक्स देना पड़ता है।
सैनिटरी वेयर, इलेक्ट्रिकल फिटिंग और हार्डवेयर पर भी भारी टैक्स की वजह से घर की कुल लागत बढ़ जाती है। यह हर घर बनाने वाले को सीधे प्रभावित करता है।
अगर इन सामानों पर टैक्स कम किया जाता है, तो निर्माण लागत में कमी आएगी और घर बनाना आम लोगों के लिए आसान हो जाएगा।
विशेषज्ञों की राय

रियल एस्टेट विशेषज्ञ प्रदीप मिश्रा कहते हैं कि घर बनाने में लगने वाले सामान पर टैक्स कम होना आम लोगों के लिए राहत की खबर होगी। इसके अलावा, हाउसिंग सेक्टर को भी बड़ा फायदा मिलेगा। टैक्स रेट में कटौती से नए प्रोजेक्ट्स की बिक्री में तेजी आएगी और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश बढ़ेगा।
प्रॉपर्टी मार्केट के जानकार मानते हैं कि अगर GST में कटौती होती है तो यह घर बनाने वाले लोगों के लिए सबसे बड़ा लाभ साबित होगा। टैक्स कम होने से न केवल निर्माण लागत घटेगी, बल्कि घर बनाने का सपना पूरा करना भी आसान होगा।
भविष्य में क्या बदलाव हो सकते हैं
GST Council Meeting के बाद सरकार कंस्ट्रक्शन मटेरियल पर टैक्स घटाने का निर्णय ले सकती है। अगर ऐसा होता है तो घर बनाने वाले और रियल एस्टेट सेक्टर दोनों को फायदा होगा। सीमेंट, स्टील, प्लाईबोर्ड, टाइल्स, पेंट, सैनिटरी वेयर और इलेक्ट्रिकल फिटिंग पर टैक्स कम होने से मकान बनाने की लागत में तुरंत कमी आएगी।
इससे न केवल आम लोग घर बनाने का सपना आसानी से पूरा कर पाएंगे, बल्कि रियल एस्टेट सेक्टर में नए प्रोजेक्ट्स की मांग भी बढ़ेगी।
दिल्ली में चल रही GST Council Meeting 2025 में कंस्ट्रक्शन मटेरियल पर टैक्स कटौती की चर्चा बेहद महत्वपूर्ण है। अगर सरकार सीमेंट, स्टील, प्लाईबोर्ड, टाइल्स, पेंट और अन्य जरूरी सामान पर जीएसटी घटाती है, तो घर बनाने वालों को सीधा लाभ मिलेगा। टैक्स कम होने से मकान बनाने की लागत घटेगी और हाउसिंग सेक्टर में नई रफ्तार आएगी।
यह खबर उन लोगों के लिए खासतौर पर अहम है जो घर बनाने या अंडर कंस्ट्रक्शन प्रॉपर्टी में निवेश करने की सोच रहे हैं। टैक्स रेट में कटौती से घर बनाने वाले आम लोग अपने सपनों का घर आसानी से बना सकेंगे और रियल एस्टेट सेक्टर को भी बड़ा फायदा होगा।
अगर आप घर बनाने का सपना देख रहे हैं, तो GST Council की इस मीटिंग के निर्णय पर नजर रखना बेहद जरूरी है। यह फैसला आम लोगों के लिए राहत भरी खबर और रियल एस्टेट सेक्टर के लिए नई उम्मीद लेकर आ सकता है।
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