Gandhi Shastri Jayanti 2025: आज का दिन भारतीय इतिहास में अत्यंत महत्वपूर्ण है। 2 अक्टूबर को हम दो महान नेताओं, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती एक साथ मनाते हैं। इस अवसर पर देशभर के राजनेताओं ने अपने-अपने अंदाज में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी को राजघाट पर और लाल बहादुर शास्त्री को विजय घाट पर पुष्पांजलि अर्पित कर सम्मान व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी गांधीजी और शास्त्री जी को श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन और आदर्शों को याद किया।

पीएम मोदी ने गांधी-शास्त्री जयंती पर संदेश दिए | Gandhi Shastri Jayanti 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने गांधीजी को याद करते हुए कहा कि यह दिन प्रिय बापू के असाधारण जीवन को श्रद्धांजलि देने का अवसर है। मोदी ने लिखा कि गांधीजी ने दिखाया कि कैसे साहस और सादगी महान परिवर्तन के साधन बन सकते हैं। उन्होंने सेवा और करुणा की शक्ति को लोगों को सशक्त बनाने के अनिवार्य साधन बताया और कहा कि देश “विकसित भारत” के निर्माण के अपने प्रयास में गांधीजी के बताए मार्ग पर चलता रहेगा।
शास्त्री जयंती पर प्रधानमंत्री मोदी ने आगे लिखा कि “श्री लाल बहादुर शास्त्री जी एक असाधारण राजनेता थे जिनकी ईमानदारी, विनम्रता और दृढ़ संकल्प ने चुनौतीपूर्ण समय में भी भारत को सशक्त बनाया। ‘जय जवान जय किसान’ के उनके आह्वान ने देशवासियों में देशभक्ति की भावना जगाई और वे हमें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रेरित करते रहते हैं।”
Shri Lal Bahadur Shastri Ji was an extraordinary statesman whose integrity, humility and determination strengthened India, including during challenging times. He personified exemplary leadership, strength and decisive action. His clarion call of ‘Jai Jawan Jai Kisan’ ignited a… pic.twitter.com/p9zaMRh3xC
— Narendra Modi (@narendramodi) October 2, 2025
राहुल गांधी और सीएम योगी ने दी श्रद्धांजलि
राहुल गांधी ने शास्त्री जयंती पर कहा कि जय जवान, जय किसान का नारा देकर देश को नई दिशा देने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन। उन्होंने शास्त्री जी की सादगी, विनम्रता और देशवासियों के अधिकारों के लिए अटूट संकल्प को याद किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि ‘राष्ट्रपिता’ महात्मा गांधी जी और ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री जी का त्यागमय जीवन लोकतंत्र की पाठशाला है। मानवता से दीप्त उनके विचार हम सभी के लिए पाथेय हैं। उन्होंने दोनों महापुरुषों की पावन जयंती पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
जय जवान, जय किसान का नारा देकर देश को नई दिशा देने वाले भारत के पूर्व प्रधानमंत्री, लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती पर उन्हें सादर नमन।
उनकी सादगी, विनम्रता और देशवासियों के अधिकारों के लिए उनका अटूट संकल्प हमारा सदैव मार्गदर्शन करता रहेगा। pic.twitter.com/3uTMsEmwfk
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 2, 2025
‘राष्ट्रपिता’ महात्मा गांधी जी एवं पूर्व प्रधानमंत्री, ‘भारत रत्न’ लाल बहादुर शास्त्री जी का त्यागमय जीवन लोकतंत्र की पाठशाला है।
मानवता से दीप्त उनके विचार हम सभी के लिए पाथेय हैं।
दोनों महापुरुषों की पावन जयंती के अवसर पर आज @GorakhnathMndr परिसर में उनके चित्र पर पुष्प… pic.twitter.com/PA6VRys9Fp
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 2, 2025
नाथूराम गोडसे और गांधीजी की हत्या
महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1948 को नाथूराम गोडसे ने की थी। 15 नवंबर 1949 को उन्हें फांसी दी गई। गोडसे गांधीजी के विचारों का कट्टर विरोधी था और उसे भारत के विभाजन का जिम्मेदार माना जाता है। इस घटना के 75 साल बाद भी गांधी-गोडसे की गुत्थी पर बहस जारी है। हाल ही में उमा भारती ने कहा कि गोडसे ने जो पाप किया वह “आतंकवाद” शब्द से भी बड़ा था।
महात्मा गांधी के जीवन के अनसुने पहलू
महात्मा गांधी का जीवन स्वच्छता, सादगी, आत्मनिर्भरता और देशभक्ति के संदेशों से भरा था। गांधीजी का जीवन भेदभाव मिटाने और देश को आज़ाद कराने के लिए समर्पित था। उनका उद्देश्य केवल राजनीतिक स्वतंत्रता नहीं था, बल्कि समाज में नैतिक और आध्यात्मिक सुधार लाना भी था। उन्होंने अहिंसा और सत्याग्रह को जीवन का मूल आधार बनाया।
गांधीजी के विचारों ने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में लोगों को प्रेरित किया। उनका सादगीपूर्ण जीवन और सेवा का भाव आज भी हर भारतीय के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
लाल बहादुर शास्त्री: सादगी, त्याग और दृढ़ संकल्प का प्रतीक
लाल बहादुर शास्त्री का जीवन भी प्रेरक रहा। वे सादगी, त्याग और दृढ़ संकल्प की मिसाल थे। भारत की स्वतंत्रता में उनका योगदान अनमोल था। अपने छोटे और विनम्र जीवन के बावजूद शास्त्री जी ने देश की सेवा में अपना सर्वस्व लगा दिया।
उनके आदर्श आज भी युवाओं को प्रेरित करते हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि सच्चा नेतृत्व वही है जो ईमानदारी, साहस और नैतिकता के आधार पर हो। ‘जय जवान, जय किसान’ का उनका नारा आज भी किसानों और सैनिकों के लिए मार्गदर्शक है।
गांधी-शास्त्री जयंती का सामाजिक महत्व
2 अक्टूबर न केवल गांधी और शास्त्री जयंती के रूप में मनाया जाता है, बल्कि इसे अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में भी मनाया जाता है। यह दिन हमें उनके आदर्शों को याद करने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का अवसर देता है।
देशभर में इस दिन सरकारी और निजी संस्थान कार्यक्रम आयोजित करते हैं। स्कूलों और कॉलेजों में विशेष आयोजन होते हैं, जहां बच्चों और युवाओं को गांधी और शास्त्री के जीवन की प्रेरक कथाएं सुनाई जाती हैं।
राष्ट्रीय नेताओं की श्रद्धांजलि का प्रभाव
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जैसे नेताओं द्वारा दी गई श्रद्धांजलि यह संदेश देती है कि गांधी और शास्त्री के आदर्श आज भी भारतीय राजनीति और समाज के लिए प्रासंगिक हैं।
उनके विचारों और सिद्धांतों को अपनाना केवल सम्मान व्यक्त करने का तरीका नहीं है, बल्कि एक मजबूत, नैतिक और विकसित भारत बनाने की दिशा में कदम भी है।
गांधी और शास्त्री जयंती 2025 ने देशवासियों को यह याद दिलाया कि सादगी, सेवा, साहस और दृढ़ संकल्प ही सच्चे नेतृत्व और समाज सुधार की नींव है। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री का जीवन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने कर्तव्यों को ईमानदारी और निष्ठा से निभाएं।
उनकी शिक्षाएं आज भी युवाओं और नेताओं के लिए मार्गदर्शक हैं। इस अवसर पर श्रद्धांजलि अर्पित करना केवल एक प्रतीकात्मक क्रिया नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने और उन्हें अपने जीवन में उतारने का अवसर भी है।
देशभर के राजनेताओं की ओर से दी गई श्रद्धांजलि और उनके आदर्श हमें यह याद दिलाते हैं कि सच्चा नेतृत्व वही है जो समाज के लिए समर्पित और लोगों को सशक्त बनाए।
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