Fuel Efficiency बढ़ाने के घरेलू उपाय: आज के समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में हर वाहन मालिक की पहली चिंता यही होती है कि गाड़ी बेहतर माइलेज दे। अच्छी बात यह है कि माइलेज बढ़ाने के लिए हमेशा महंगे मॉडिफिकेशन या नई गाड़ी खरीदने की जरूरत नहीं होती। कई छोटे-छोटे घरेलू और व्यवहारिक उपाय अपनाकर आप अपनी कार या बाइक की Fuel Efficiency में 5% से लेकर 20% तक सुधार कर सकते हैं।
यह लेख पूरी तरह व्यावहारिक तथ्यों, ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग के मूल सिद्धांतों और विशेषज्ञों द्वारा सुझाए गए उपायों पर आधारित है। यहाँ बताए गए तरीकों से इंजन की कार्यक्षमता बेहतर होती है, ईंधन की बर्बादी कम होती है और लंबे समय में आपकी जेब पर सकारात्मक असर पड़ता है।
Fuel Efficiency क्या होती है और क्यों घटती है?

Fuel Efficiency का सीधा अर्थ है – आपकी गाड़ी एक लीटर ईंधन में कितनी दूरी तय करती है। इसे आमतौर पर किलोमीटर प्रति लीटर (kmpl) में मापा जाता है।
माइलेज कम होने के मुख्य कारणों में शामिल हैं:
- इंजन की खराब मेंटेनेंस
- गलत ड्राइविंग स्टाइल
- टायर प्रेशर की गड़बड़ी
- ज्यादा वजन
- ट्रैफिक में बार-बार रुकना
- एयर कंडीशनर का अत्यधिक उपयोग
इन कारणों को समझकर और सुधारकर ही माइलेज बेहतर किया जा सकता है।
सही टायर प्रेशर बनाए रखना – सबसे आसान और प्रभावी उपाय
टायर प्रेशर माइलेज पर सीधा असर डालता है। जब टायर में हवा कम होती है, तो सड़क से घर्षण बढ़ जाता है। इससे इंजन को गाड़ी आगे बढ़ाने के लिए अधिक ताकत लगानी पड़ती है और ईंधन की खपत बढ़ जाती है।
ऑटो विशेषज्ञों के अनुसार, सही टायर प्रेशर रखने से लगभग 3% से 5% तक ईंधन की बचत हो सकती है।
हर गाड़ी के दरवाजे के अंदर या मैनुअल में सही PSI (पाउंड प्रति स्क्वायर इंच) लिखा होता है। महीने में कम से कम दो बार टायर प्रेशर जरूर चेक करें। लंबी यात्रा से पहले यह और भी जरूरी हो जाता है।
स्मूद ड्राइविंग अपनाएं – अचानक एक्सीलरेशन से बचें
तेज एक्सीलरेशन और अचानक ब्रेक लगाना माइलेज कम होने का बड़ा कारण है। जब आप अचानक एक्सीलरेटर दबाते हैं, तो इंजन को ज्यादा ईंधन की जरूरत पड़ती है।
स्मूद और स्थिर ड्राइविंग स्टाइल अपनाने से शहर में 10% तक ईंधन बचाया जा सकता है। ट्रैफिक को पहले से भांपकर चलें, सिग्नल पर दूर से ही स्पीड कम करें और अनावश्यक रेस देने से बचें।
इंजन की नियमित सर्विसिंग – माइलेज का आधार
इंजन गाड़ी का दिल है। अगर इंजन सही स्थिति में नहीं है, तो माइलेज गिरना तय है।
गंदा एयर फिल्टर इंजन तक कम हवा पहुंचाता है, जिससे ईंधन ठीक से नहीं जल पाता। इसी तरह पुराना इंजन ऑयल घर्षण बढ़ा देता है।
समय पर सर्विसिंग कराने से 5% से 10% तक माइलेज सुधर सकता है। कंपनी द्वारा निर्धारित सर्विस अंतराल का पालन करना जरूरी है।
सही ग्रेड का इंजन ऑयल इस्तेमाल करें
हर गाड़ी के लिए एक विशेष ग्रेड का इंजन ऑयल निर्धारित होता है। गलत ग्रेड का तेल इंजन में अतिरिक्त घर्षण पैदा कर सकता है।
कम घर्षण का मतलब है इंजन को कम मेहनत करनी पड़ेगी, जिससे ईंधन की बचत होगी। हमेशा निर्माता कंपनी द्वारा सुझाए गए ग्रेड का ही तेल इस्तेमाल करें।
अनावश्यक वजन हटाएं
अक्सर लोग गाड़ी में अतिरिक्त सामान रखते रहते हैं – टूल बॉक्स, भारी सामान, छत पर कैरियर आदि।
हर 45 से 50 किलो अतिरिक्त वजन माइलेज को लगभग 1% से 2% तक कम कर सकता है। इसलिए गाड़ी को हल्का रखें और केवल जरूरी सामान ही साथ रखें।
सही गियर का उपयोग
गलत गियर में गाड़ी चलाना ईंधन की बर्बादी करता है। कम स्पीड में हाई गियर या ज्यादा स्पीड में लो गियर चलाने से इंजन पर दबाव बढ़ता है।
हमेशा स्पीड के अनुसार गियर बदलें। इससे इंजन स्मूद तरीके से काम करेगा और माइलेज बेहतर होगा।
लंबी रेड लाइट पर इंजन बंद करें
अगर आप 30 सेकंड से ज्यादा समय तक खड़े हैं, तो इंजन बंद करना फायदेमंद है।
आधुनिक इंजनों में बार-बार स्टार्ट करने से ज्यादा ईंधन खर्च नहीं होता, लेकिन लगातार आइडल रहने से ईंधन जलता रहता है। शहरों में यह आदत काफी बचत कर सकती है।
सही और स्थिर गति बनाए रखें
बहुत तेज रफ्तार पर चलने से हवा का प्रतिरोध (aerodynamic drag) बढ़ जाता है। 80–100 किमी/घंटा से ऊपर की गति पर ईंधन खपत तेजी से बढ़ती है।
अधिकतर गाड़ियों के लिए 45–65 किमी/घंटा की स्थिर गति सबसे बेहतर माइलेज देती है।
AC का समझदारी से उपयोग
एयर कंडीशनर चलाने से इंजन पर अतिरिक्त लोड पड़ता है। इससे माइलेज 5% तक कम हो सकता है।
कम स्पीड पर खिड़की खोलकर चलना कभी-कभी ज्यादा किफायती होता है, लेकिन हाईवे पर खिड़की खोलने से हवा का दबाव बढ़ता है। इसलिए संतुलन बनाए रखें।
क्लच का सही उपयोग
कई लोग ड्राइविंग के दौरान क्लच पर पैर रखे रहते हैं। इससे क्लच प्लेट पर दबाव बना रहता है और इंजन पर अतिरिक्त लोड पड़ता है।
क्लच का सही और सीमित उपयोग करें।
व्हील अलाइनमेंट और बैलेंसिंग
अगर गाड़ी के पहियों का अलाइनमेंट सही नहीं है, तो गाड़ी सीधी चलने में ज्यादा ऊर्जा लेती है।
हर 6 महीने में या टायर बदलते समय व्हील अलाइनमेंट जरूर करवाएं। इससे माइलेज में सुधार होता है और टायर की उम्र भी बढ़ती है।
ट्रैफिक से बचने की योजना बनाएं
पीक ट्रैफिक में बार-बार रुकना और चलना ईंधन खपत बढ़ाता है।
अगर संभव हो तो यात्रा का समय बदलें या कम ट्रैफिक वाले रास्ते चुनें।
गुणवत्तापूर्ण ईंधन भरवाएं
हमेशा भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाएं। घटिया या मिलावटी ईंधन इंजन की क्षमता घटा सकता है।
हालांकि, पेट्रोल में केरोसिन या अन्य पदार्थ मिलाना बिल्कुल गलत और अवैध है।
मिथकों से बचें
कुछ लोग पेट्रोल में एडिटिव, केरोसिन या कैमिकल मिलाने की सलाह देते हैं। यह इंजन के लिए हानिकारक है और कानूनी रूप से गलत भी है।
सिर्फ कंपनी द्वारा स्वीकृत ईंधन और सर्विस प्रक्रिया का ही पालन करें।
ड्राइविंग की आदतों में बदलाव –
Fuel Efficiency केवल मशीन पर निर्भर नहीं करती, बल्कि ड्राइवर की आदतों पर भी निर्भर करती है।
शांत, संयमित और पूर्वानुमान के साथ ड्राइविंग करने से लंबी अवधि में बड़ी बचत संभव है।
Fuel Efficiency बढ़ाने के लिए किसी जादुई उपाय की जरूरत नहीं है। सही टायर प्रेशर, नियमित सर्विसिंग, स्मूद ड्राइविंग, सीमित AC उपयोग, अनावश्यक वजन हटाना और इंजन की देखभाल जैसे साधारण उपाय अपनाकर आप हर महीने अच्छा-खासा ईंधन बचा सकते हैं।
छोटी-छोटी आदतों में बदलाव करके आप न केवल अपनी जेब बचा सकते हैं, बल्कि पर्यावरण को भी प्रदूषण से बचाने में योगदान दे सकते हैं।
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