Commercial Cylinder Price Hike: नए साल की शुरुआत के साथ ही होटल, ढाबा, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों को महंगाई का झटका लगा है। 1 जनवरी से कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी गई है। ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर के दाम में सीधे 111 रुपये की बढ़ोतरी की है। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर की कीमत अब 1,691.50 रुपये हो गई है।
यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है जब नया साल शुरू हुआ है और कारोबारी पहले से ही बढ़ती लागत और खर्चों से जूझ रहे हैं। गैस की कीमतों में इजाफा सीधे तौर पर खाने-पीने से जुड़े कारोबारों की लागत को प्रभावित करता है।
1 जनवरी से लागू हुए नए रेट, पूरे देश में असर | Commercial Cylinder Price Hike

ऑयल मार्केटिंग कंपनियों द्वारा जारी किए गए नए रेट 1 जनवरी से पूरे देश में लागू हो गए हैं और अगली समीक्षा तक यही कीमतें प्रभावी रहेंगी। हालांकि अलग-अलग शहरों में टैक्स और ट्रांसपोर्ट लागत के कारण कीमतों में थोड़ा फर्क हो सकता है, लेकिन कुल मिलाकर सभी बड़े शहरों में कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगा हो गया है।
दिल्ली में जहां कीमत 1,691.50 रुपये पहुंच गई है, वहीं मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी दाम बढ़े हैं। यह बढ़ोतरी उन सेक्टर्स पर सीधा असर डालेगी जहां बड़े पैमाने पर कमर्शियल सिलेंडरों का इस्तेमाल होता है।
होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर बढ़ेगा दबाव
कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमतों में हुई यह बढ़ोतरी होटल, रेस्टोरेंट, कैटरिंग सर्विस और स्ट्रीट फूड कारोबार से जुड़े लोगों के लिए चिंता का कारण बन गई है। इन व्यवसायों में ईंधन एक बड़ा खर्च होता है और जब गैस महंगी होती है तो इसका सीधा असर खाने की कीमतों पर पड़ता है।
कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि पहले ही कच्चे माल, सब्जियों और किराए की लागत बढ़ी हुई है। ऐसे में गैस के दाम बढ़ने से या तो मुनाफा कम होगा या फिर ग्राहकों पर बोझ डालना पड़ेगा। छोटे ढाबे और फूड स्टॉल चलाने वालों के लिए यह स्थिति और ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकती है।
5 किलो फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर भी हुआ महंगा
कमर्शियल सिलेंडर के साथ-साथ 5 किलो फ्री ट्रेड LPG सिलेंडर की कीमतों में भी बढ़ोतरी की गई है। 1 जनवरी से 5 किलो FTL सिलेंडर के दाम 27 रुपये बढ़ा दिए गए हैं। यह सिलेंडर आमतौर पर छोटे दुकानदार, चाय स्टॉल और अस्थायी कारोबार करने वाले लोग इस्तेमाल करते हैं।
हालांकि बढ़ोतरी की रकम कम लग सकती है, लेकिन लगातार बढ़ते खर्चों के बीच यह भी छोटे व्यापारियों की जेब पर असर डालती है।
घरेलू LPG उपभोक्ताओं को राहत, कीमतें स्थिर

जहां एक ओर कमर्शियल LPG सिलेंडर महंगे हुए हैं, वहीं घरेलू उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। इसका मतलब है कि घरों में इस्तेमाल होने वाली रसोई गैस के दाम फिलहाल स्थिर बने रहेंगे।
घरेलू गैस की कीमतों में कोई बढ़ोतरी न होने से आम परिवारों के बजट पर अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। महंगाई के इस दौर में सरकार और तेल कंपनियों का यह कदम आम लोगों के लिए राहत देने वाला माना जा रहा है।
घरेलू बजट को संभालने में मदद
रसोई गैस हर घर की बुनियादी जरूरत है। अगर घरेलू LPG सिलेंडर की कीमतें बढ़ती हैं तो इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ता है। ऐसे में कीमतों को स्थिर रखना सरकार की एक बड़ी राहत भरी कोशिश मानी जा रही है।
त्योहारी सीजन के बाद भी घरेलू गैस की कीमतें स्थिर रहना मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए सुकून देने वाली खबर है। इससे मासिक खर्चों की प्लानिंग आसान हो जाती है।
सरकार ने पहले दिया था तेल कंपनियों को मुआवजा
गौरतलब है कि अगस्त महीने में केंद्र सरकार ने तेल कंपनियों को बड़ा मुआवजा दिया था ताकि घरेलू LPG की कीमतों को स्थिर रखा जा सके। केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने बताया था कि सरकार ने तेल कंपनियों को 30,000 करोड़ रुपये का भुगतान करने का फैसला किया है।
यह राशि 12 किस्तों में दी जा रही है, ताकि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश में रसोई गैस की कीमतें न बढ़ें। सरकार का यह कदम आम जनता को महंगाई से बचाने की दिशा में अहम माना गया।
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुआ था फैसला
8 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस मुआवजे को मंजूरी दी गई थी। सरकार का साफ कहना था कि वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद देश में घरेलू LPG उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाएगा।
इसी फैसले का असर है कि आज भी घरेलू सिलेंडर की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं, जबकि कमर्शियल गैस की कीमतों में संशोधन किया गया है।
कमर्शियल और घरेलू LPG की कीमतों में अंतर क्यों?
अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि जब दोनों में एक ही गैस होती है तो कीमतों में इतना अंतर क्यों होता है। दरअसल, घरेलू LPG सिलेंडर पर सरकार सब्सिडी और नियंत्रण रखती है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर पूरी तरह बाजार दरों पर बिकते हैं।
कमर्शियल सिलेंडरों पर टैक्स और सब्सिडी का बोझ नहीं होता, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ने पर सबसे पहले इन्हीं के दाम बढ़ते हैं। यही वजह है कि होटल और रेस्टोरेंट सेक्टर पर इसका असर ज्यादा दिखाई देता है।
आने वाले दिनों में क्या और बढ़ सकते हैं दाम
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों पर नजर रखनी होगी। अगर वैश्विक स्तर पर कीमतें बढ़ती हैं तो आगे चलकर कमर्शियल LPG के दामों में और बदलाव हो सकता है।
हालांकि सरकार की कोशिश यही है कि घरेलू उपभोक्ताओं को इससे बचाया जाए। आने वाले महीनों में यह देखना अहम होगा कि तेल कंपनियां अगली समीक्षा में क्या फैसला लेती हैं।
कारोबारियों की उम्मीद सरकार से
कमर्शियल LPG की कीमत बढ़ने के बाद कारोबारियों को उम्मीद है कि सरकार भविष्य में कोई राहत पैकेज या टैक्स में छूट दे सकती है। खासतौर पर छोटे रेस्टोरेंट और ढाबा संचालक चाहते हैं कि उनके लिए कोई अलग व्यवस्था की जाए, ताकि बढ़ती लागत का बोझ कम किया जा सके।
नए साल की शुरुआत में महंगाई का यह झटका जरूर चिंता बढ़ाने वाला है, लेकिन घरेलू गैस की कीमतें स्थिर रहना आम लोगों के लिए राहत की सांस जैसा है।
डिस्क्लेमर: यह लेख सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी और रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। LPG सिलेंडर की कीमतें शहर और राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकती हैं। सटीक और ताज़ा जानकारी के लिए संबंधित ऑयल मार्केटिंग कंपनी या आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांच करें।
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