आज के समय में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। ऐसे में हर कार मालिक यही चाहता है कि उसकी कार कम ईंधन में ज्यादा चले। अच्छी बात यह है कि कार का माइलेज बढ़ाने के लिए किसी महंगे उपकरण या बदलाव की जरूरत नहीं होती। कुछ छोटी लेकिन सही आदतें अपनाकर आप माइलेज में साफ फर्क देख सकते हैं।
कार का माइलेज बढ़ाने के तरीके:

सही स्पीड पर कार चलाना सबसे जरूरी
कार का माइलेज सीधे आपकी ड्राइविंग स्पीड पर निर्भर करता है। बहुत तेज या बहुत धीमी स्पीड पर गाड़ी चलाने से ईंधन ज्यादा खर्च होता है। आमतौर पर पेट्रोल और डीज़ल कारों के लिए 50–70 km/h की स्पीड सबसे बेहतर मानी जाती है। अचानक तेज एक्सीलेरेटर दबाना या बार-बार ब्रेक लगाना माइलेज कम कर देता है।
टायर प्रेशर सही रखें
कम लोग जानते हैं कि टायर प्रेशर माइलेज पर सीधा असर डालता है। अगर टायर में हवा कम है, तो इंजन को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है और ईंधन ज्यादा खर्च होता है। हर 10–15 दिन में टायर प्रेशर जरूर चेक करें और कंपनी द्वारा बताए गए प्रेशर पर ही रखें। ज्यादा हवा भरना भी नुकसानदायक हो सकता है।
अनावश्यक वजन हटाएं
कार में रखा बेकार सामान भी माइलेज कम करता है। कई लोग डिक्की में भारी चीजें लंबे समय तक रखे रहते हैं। जितना ज्यादा वजन, उतना ज्यादा ईंधन खर्च। कोशिश करें कि कार में सिर्फ जरूरी सामान ही रखें। इससे इंजन पर दबाव कम पड़ेगा और माइलेज बेहतर होगा।
समय पर सर्विस कराना बहुत जरूरी
कार की नियमित सर्विस माइलेज के लिए बेहद जरूरी है। गंदा एयर फिल्टर, खराब स्पार्क प्लग या पुराना इंजन ऑयल कार की परफॉर्मेंस गिरा देता है। कंपनी के सर्विस शेड्यूल के अनुसार सर्विस कराने से इंजन सही तरीके से काम करता है और माइलेज बना रहता है।
क्लच और गियर का सही इस्तेमाल करें
गलत गियर में कार चलाना माइलेज को नुकसान पहुंचाता है। कम स्पीड पर ऊंचा गियर या ज्यादा स्पीड पर नीचा गियर इंजन पर दबाव डालता है। क्लच को जरूरत से ज्यादा दबाकर रखना भी ईंधन की खपत बढ़ाता है। स्मूथ गियर शिफ्टिंग से माइलेज बेहतर रहता है।
AC का सही तरीके से इस्तेमाल करें
कार का AC माइलेज को प्रभावित करता है, लेकिन पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं। शहर में बहुत ज्यादा ट्रैफिक हो तो AC पर माइलेज थोड़ा कम होता है। हाईवे पर लगातार चलने के दौरान AC का असर कम पड़ता है। जरूरत न हो तो AC का इस्तेमाल सीमित रखें।
इंजन को लंबे समय तक स्टार्ट न रखें
कई लोग कार स्टार्ट करके बिना चले काफी देर तक खड़ी रखते हैं। इससे ईंधन बेकार खर्च होता है। आधुनिक कारों में लंबे वार्म-अप की जरूरत नहीं होती। स्टार्ट करने के कुछ सेकंड बाद ही कार चलाना बेहतर होता है।
सही ईंधन का इस्तेमाल करें
हमेशा कंपनी द्वारा सुझाया गया पेट्रोल या डीज़ल ही इस्तेमाल करें। गलत फ्यूल या मिलावटी ईंधन से इंजन की परफॉर्मेंस गिरती है और माइलेज कम हो जाता है। भरोसेमंद पेट्रोल पंप से ही ईंधन भरवाएं।
कार का माइलेज बढ़ाने के लिए किसी चमत्कारी उपाय की जरूरत नहीं है। सही ड्राइविंग आदतें, समय पर सर्विस और थोड़ी सावधानी से आप अपनी कार का माइलेज आसानी से बढ़ा सकते हैं। ये सभी तरीके practical हैं और लंबे समय तक फायदा देते हैं।
सही समय पर इंजन ऑयल बदलना क्यों जरूरी है
इंजन ऑयल का काम इंजन के अंदर घर्षण को कम करना होता है। अगर ऑयल पुराना या खराब हो जाए, तो इंजन के पार्ट्स आसानी से नहीं चलते और इंजन को ज्यादा ताकत लगानी पड़ती है। इसका सीधा असर माइलेज पर पड़ता है। कंपनी द्वारा बताए गए समय या किलोमीटर के अनुसार इंजन ऑयल बदलवाना जरूरी है। सही ग्रेड का ऑयल इस्तेमाल करने से इंजन स्मूथ चलता है और ईंधन की खपत नियंत्रित रहती है।
ट्रैफिक प्लानिंग और ड्राइविंग रूट भी बढ़ा सकते हैं माइलेज
माइलेज सिर्फ कार पर नहीं, बल्कि आपकी ड्राइविंग प्लानिंग पर भी निर्भर करता है। रोज़ भारी ट्रैफिक वाले रास्तों से गुजरने पर बार-बार रुकना और चलना पड़ता है, जिससे ईंधन ज्यादा खर्च होता है। अगर संभव हो, तो ऐसे रास्ते चुनें जहां ट्रैफिक कम हो और गाड़ी स्मूथ चल सके। ऑफिस या लंबी यात्रा के समय रूट पहले से प्लान करने से समय के साथ-साथ माइलेज भी बेहतर रहता है।
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