क्यों आ रहा है आपका बिजली का बिल ज्यादा? जानिए असली वजह और सही समाधान

पिछले कुछ समय से देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग यह शिकायत कर रहे हैं कि पहले के मुकाबले बिजली का बिल ज्यादा आ रहा है, जबकि उनका कहना है कि उन्होंने बिजली का इस्तेमाल बढ़ाया नहीं है। यह समस्या सिर्फ एक शहर या राज्य तक सीमित नहीं है, बल्कि शहरी और ग्रामीण – दोनों इलाकों में देखने को मिल रही है।
असल में बिजली बिल बढ़ने के पीछे कई तकनीकी, प्रशासनिक और उपभोक्ता से जुड़ी वजहें होती हैं, जिन्हें आमतौर पर लोग समझ नहीं पाते। आइए एक-एक कारण को विस्तार से समझते हैं।

बिजली का बिल ज्यादा आने के पीछे कारण:

बिजली का बिल ज्यादा Bijli ka bill jyada High electricity bill

1. बिजली दरों (Tariff) में बढ़ोतरी

हर राज्य में बिजली की कीमत तय करने का काम State Electricity Regulatory Commission करती है। यह आयोग साल में एक या दो बार बिजली की दरों में बदलाव करता है।
अक्सर यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं लगती, जैसे 20–30 पैसे प्रति यूनिट, लेकिन जब पूरे महीने की खपत पर इसे जोड़ा जाता है, तो कुल बिल काफी बढ़ जाता है।

इसके अलावा ज्यादातर राज्यों में स्लैब सिस्टम लागू होता है। यानी:

  • शुरुआती यूनिट सस्ती
  • ज्यादा यूनिट महंगी

अगर आपकी खपत थोड़ी सी भी बढ़कर अगले स्लैब में चली गई, तो पूरी खपत महंगे रेट पर जुड़ जाती है, जिससे बिल अचानक ज्यादा लगता है।

2. फ्यूल एडजस्टमेंट चार्ज (FAC) का असर

बिजली बिल में एक ऐसा चार्ज भी होता है जिसे बहुत से लोग नोटिस ही नहीं करते — Fuel Adjustment Charge (FAC)
जब बिजली बनाने में इस्तेमाल होने वाले ईंधन (कोयला, गैस आदि) की कीमत बढ़ती है, तो बिजली कंपनियां यह अतिरिक्त खर्च उपभोक्ताओं से वसूलती हैं।

यह चार्ज:

  • हर महीने बदल सकता है
  • अलग-अलग राज्यों में अलग होता है
  • बिल को बिना ज्यादा खपत बढ़े भी महंगा बना सकता है

3. स्मार्ट मीटर और डिजिटल मीटर की सटीक रीडिंग

कई इलाकों में अब स्मार्ट मीटर या डिजिटल मीटर लगाए जा रहे हैं। ये मीटर पुराने मीटर की तुलना में ज्यादा सटीक होते हैं।
पहले कई घरों में मीटर कम रीडिंग दिखाता था या अनुमान से बिल बनता था, लेकिन स्मार्ट मीटर में हर यूनिट का सही हिसाब जुड़ता है
इस कारण लोगों को लगता है कि बिल “अचानक बढ़ गया”, जबकि असल में अब सही खपत सामने आ रही होती है

4. मौसम का सीधा असर बिजली खपत पर

गर्मी और सर्दी के मौसम में बिजली की खपत अपने-आप बढ़ जाती है।

  • गर्मी में AC, कूलर, फ्रिज ज्यादा चलते हैं
  • सर्दी में हीटर, गीजर, ब्लोअर इस्तेमाल होते हैं

उदाहरण के तौर पर, एक 1.5 टन AC अगर रोज 8 घंटे चलता है, तो महीने में 250–300 यूनिट तक खपत कर सकता है।
कई बार लोग सोचते हैं कि “हम रोज AC चलाते हैं”, लेकिन वे यह नहीं देखते कि चलने के घंटे और दिनों की संख्या बढ़ चुकी होती है

5. पुराने और कम रेटिंग वाले बिजली उपकरण

अगर आपके घर में पुराने पंखे, फ्रिज, मोटर या AC हैं, तो वे नए उपकरणों की तुलना में काफी ज्यादा बिजली खपत करते हैं
Bureau of Energy Efficiency (BEE) के अनुसार:

  • 5-Star रेटिंग वाले उपकरण

  • 2-Star या बिना स्टार वाले उपकरणों से
    20% से 40% तक कम बिजली खर्च करते हैं

यानी सिर्फ उपकरण बदलने से ही बिजली बिल में फर्क आ सकता है।

6. फिक्स्ड चार्ज और अन्य सरकारी शुल्क

बिजली बिल सिर्फ यूनिट चार्ज का नहीं होता। इसमें ये भी शामिल होते हैं:

  • फिक्स्ड चार्ज (कनेक्शन क्षमता के हिसाब से)
  • मीटर किराया
  • बिजली ड्यूटी
  • टैक्स और अन्य शुल्क

कई राज्यों में ये चार्ज पिछले कुछ सालों में बढ़ाए गए हैं, जिससे बिल ज्यादा दिखाई देता है, भले ही यूनिट खपत ज्यादा न बढ़ी हो।

7. अनुमानित बिल (Average Billing) की समस्या

अगर किसी महीने मीटर रीडिंग नहीं हो पाती, तो बिजली कंपनी अनुमान के आधार पर बिल भेज देती है।
यह अनुमान पिछले महीनों की औसत खपत पर आधारित होता है, जो कई बार गलत साबित होता है।
अगली बार जब असली रीडिंग ली जाती है, तो बिल एक साथ ज्यादा आ सकता है।

8. बिजली चोरी या वायरिंग की खराबी

कभी-कभी बिजली बिल ज्यादा आने की वजह:

  • खराब घरेलू वायरिंग
  • अर्थिंग की समस्या
  • या किसी और द्वारा बिजली चोरी

भी हो सकती है। ऐसी स्थिति में मीटर लगातार तेज चलता है।

बिजली बिल ज्यादा आने पर क्या करना चाहिए?

अगर आपको लगता है कि बिल गलत है:

  • मीटर रीडिंग खुद जांचें
  • पुराने बिलों से तुलना करें
  • बिजली विभाग में शिकायत दर्ज करें
  • मीटर टेस्ट या मीटर बदलने की मांग करें

यह उपभोक्ता का कानूनी अधिकार है।

बिजली का बिल ज्यादा आने के पीछे आमतौर पर कोई एक नहीं, बल्कि कई कारण एक साथ काम करते हैं — जैसे दरों में बदलाव, मौसम, उपकरण, स्लैब सिस्टम और अतिरिक्त चार्ज। सही जानकारी होने पर आप न सिर्फ वजह समझ सकते हैं, बल्कि आगे चलकर बिजली बिल को कंट्रोल भी कर सकते हैं।

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