भारत बनाम यूएई : गेंदबाज़ों की आंधी में ढही यूएई की टीम

भारत बनाम यूएई: एशिया कप 2025 का दूसरा मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम और संयुक्त अरब अमीरात के बीच खेला गया। इस मैच ने भारतीय प्रशंसकों को रोमांच और गर्व दोनों दिया। लंबे समय बाद भारतीय टीम ने टॉस जीतकर शुरुआत की, जो अपने आप में एक ऐतिहासिक पल था। सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में टीम इंडिया ने यूएई पर पूरी तरह से दबदबा बनाया और यह मैच एकतरफा अंदाज में जीत लिया।

भारत बनाम यूएई
                   भारत बनाम यूएई

टॉस और रणनीति:

भारतीय टीम लगातार 15 मैचों से टॉस हार रही थी। क्रिकेट जगत में यह रिकॉर्ड टीम इंडिया के लिए किसी बोझ से कम नहीं था। आखिरकार सूर्यकुमार यादव ने यह सिलसिला तोड़ा और टॉस जीतकर गेंदबाज़ी करने का फैसला किया। यह निर्णय बेहद समझदारी भरा साबित हुआ, क्योंकि पिच नई थी और मौसम में नमी थी। कप्तान ने सही आकलन किया कि शुरुआती ओवरों में गेंदबाज़ों को काफी मदद मिलेगी।

टीम का संयोजन:

भारत ने इस मैच में कुछ चौंकाने वाले बदलाव किए। विकेटकीपर जितेश शर्मा की जगह संजू सैमसन को मौका मिला। इसके अलावा अर्शदीप सिंह को आराम दिया गया और उनकी जगह गेंदबाज़ी आक्रमण में नई विविधता लाई गई। यह बदलाव टीम को लचीलापन देने वाले साबित हुए। चयन की इस नीति में गौतम गंभीर की सोच और रणनीति साफ झलक रही थी।

यूएई की तेज़ शुरुआत:

यूएई की टीम ने टॉस हारने के बाद बल्लेबाज़ी की शुरुआत की। उनके ओपनर अलीशान शराफू ने शुरूआती ओवरों में शानदार चौके जड़े और भारतीय गेंदबाज़ों पर दबाव बनाने की कोशिश की। लेकिन उनकी यह आक्रामकता ज़्यादा देर टिक नहीं पाई। जसप्रीत बुमराह ने अपनी तेज़ यॉर्कर से शराफू की गिल्लियां बिखेर दीं। यह विकेट भारत के लिए निर्णायक साबित हुआ और मैच का रुख बदल गया।

भारतीय गेंदबाज़ों का दबदबा:

बुमराह के बाद वरुण चक्रवर्ती ने अपना कमाल दिखाया। उन्होंने अपने पहले ही ओवर में मुहम्मद जोहैब को चलता कर दिया। इसके बाद भारतीय स्पिन आक्रमण ने यूएई की पारी को पूरी तरह से तोड़ दिया।
सबसे बड़ा शो कुलदीप यादव ने पेश किया। उन्होंने अपने एक ओवर में तीन विकेट झटके और यूएई की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। उनकी टर्न लेती गेंदों के सामने यूएई के बल्लेबाज़ पूरी तरह असहाय नज़र आए।

यूएई का ढहता हुआ स्कोरकार्ड:

यूएई की पूरी टीम शुरुआत से ही दबाव में आ गई।

  • पहला विकेट शराफू का 26 रन के स्कोर पर गिरा।

  • इसके तुरंत बाद जोहैब और राहुल चोपड़ा भी पवेलियन लौट गए।

  • वसीम और आसिफ खान जैसे अहम बल्लेबाज़ भी टिक नहीं पाए।

  • देखते ही देखते 12वें ओवर तक यूएई का स्कोर सिर्फ 52/7 हो गया।

भारतीय गेंदबाज़ों ने ऐसी सटीक गेंदबाज़ी की कि विरोधी बल्लेबाज़ रन बनाना तो दूर, क्रीज़ पर टिक भी नहीं पाए।

कप्तानी और विकेटकीपिंग:

सूर्यकुमार यादव की कप्तानी पूरे मैच में दमदार रही। उन्होंने समय-समय पर गेंदबाज़ी में बदलाव करके विरोधी टीम को और उलझाया। वहीं, विकेटकीपर संजू सैमसन ने भी तेज़ रिफ्लेक्स दिखाते हुए स्टंपिंग और कैच पकड़कर गेंदबाज़ों का पूरा साथ दिया।

दर्शकों का जोश:

मैदान में मौजूद भारतीय दर्शक हर विकेट गिरने पर झूम उठे। भारत की गेंदबाज़ी का ऐसा प्रदर्शन शायद ही किसी ने हाल में देखा हो। वहीं, यूएई के बल्लेबाज़ एक के बाद एक आउट होकर पवेलियन लौटते रहे और दर्शकों की तालियां भारतीय खिलाड़ियों के हौसले को और बढ़ाती रहीं।

मैच का परिणाम:

यूएई की पूरी टीम बेहद कम स्कोर पर ढेर हो गई। भारतीय गेंदबाज़ों ने विपक्षी बल्लेबाज़ी को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया। इस लक्ष्य का पीछा करना भारत के लिए महज़ औपचारिकता थी। भारतीय बल्लेबाज़ों ने बिना किसी दबाव के आसानी से रन बनाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।

यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट टीम के लिए कई मायनों में खास रहा।

  1. लंबे समय बाद टॉस जीतना टीम इंडिया के लिए शुभ संकेत रहा।

  2. गेंदबाज़ों ने शानदार तालमेल और सटीकता दिखाई।

  3. कप्तानी और रणनीतिक फैसले पूरी तरह सफल साबित हुए।

यह जीत सिर्फ एक मैच की जीत नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की बड़ी वापसी थी। टीम इंडिया ने साबित कर दिया कि वह किसी भी परिस्थिति में, किसी भी टीम के खिलाफ दमदार प्रदर्शन कर सकती है।

✦ कुल मिलाकर, भारत बनाम यूएई का यह मुकाबला भारतीय क्रिकेट के सुनहरे पन्नों में दर्ज होने लायक रहा—जहाँ गेंदबाज़ों ने दम दिखाया, कप्तान ने दूरदर्शिता दिखाई और टीम ने मिलकर शानदार जीत हासिल की।

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