भगवान शिव को प्रिय हैं ये 7 चीजें, पूजा में जरूर करें शामिल, जल्दी प्रसन्न होते हैं भोलेनाथ!

भगवान शिव को प्रिय हैं ये 7 चीजें- सनातन धर्म में भगवान शिव को सबसे सरल और दयालु देवता माना गया है। उन्हें भोलेनाथ कहा जाता है क्योंकि वे अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से तुरंत प्रसन्न हो जाते हैं। शिव पूजा में ज्यादा आडंबर या भव्यता की आवश्यकता नहीं होती। कहा जाता है कि सच्चे मन से अर्पित की गई छोटी सी वस्तु भी भगवान शिव को प्रिय होती है।

फाल्गुन माह, सावन का महीना, सोमवार का दिन और महाशिवरात्रि जैसे पावन अवसरों पर शिव पूजा का विशेष महत्व होता है। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि भगवान शिव को कौन-कौन सी चीजें प्रिय हैं, जिन्हें पूजा में शामिल करने से विशेष फल प्राप्त होता है।

आइए जानते हैं वे सात चीजें जो भगवान शिव को अत्यंत प्रिय मानी गई हैं और जिनके बिना शिव पूजा अधूरी मानी जाती है।

भगवान शिव को प्रिय हैं ये 7 चीजें:

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बेलपत्र का विशेष महत्व 

भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय है। बेलपत्र को बिल्वपत्र भी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इसकी तीन पत्तियां ब्रह्मा, विष्णु और महेश का प्रतीक होती हैं। जब भक्त शिवलिंग पर तीन पत्तियों वाला बेलपत्र चढ़ाता है, तो वह त्रिदेव को समर्पित भाव से पूजा करता है।

बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखना चाहिए कि पत्तियां टूटी या फटी न हों। साफ और ताजे बेलपत्र ही अर्पित करें। मान्यता है कि केवल एक बेलपत्र भी सच्चे मन से चढ़ाया जाए तो भगवान शिव प्रसन्न हो जाते हैं।

बेलपत्र में शीतलता का गुण होता है, जो शिवलिंग पर चढ़ाने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है।

जल और गंगाजल

भगवान शिव को जल अर्पित करना अत्यंत शुभ माना जाता है। शिवलिंग पर जलाभिषेक करना हर भक्त की पहली प्राथमिकता होती है।

मान्यता है कि शिवलिंग पर जल चढ़ाने से मन की अशांति दूर होती है और जीवन में शांति आती है। यदि संभव हो तो गंगाजल से अभिषेक करना और भी शुभ माना जाता है।

जल जीवन का प्रतीक है और शिव को समर्पित जलाभिषेक भक्त की श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है।

दूध और पंचामृत

शिव पूजा में दूध का विशेष महत्व है। शिवलिंग पर दूध चढ़ाना शुद्धता और समर्पण का प्रतीक माना जाता है।

इसके अलावा दही, घी, शहद और शक्कर मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है। पंचामृत से अभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है।

धार्मिक मान्यता है कि दूध से अभिषेक करने से मानसिक तनाव कम होता है और जीवन में संतुलन बना रहता है।

धतूरा और भांग

भगवान शिव को धतूरा और भांग भी प्रिय माने जाते हैं। शिवजी को औघड़दानी कहा जाता है और वे सरल व प्राकृतिक वस्तुओं से प्रसन्न हो जाते हैं।

धतूरा का फूल और फल शिवलिंग पर अर्पित किया जाता है। यह मान्यता है कि समुद्र मंथन के समय निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण किया था। इसलिए उन्हें कड़वी और औषधीय वस्तुएं प्रिय हैं।

भांग भी शिव पूजा में शामिल की जाती है, खासकर महाशिवरात्रि और सावन के महीने में।

सफेद पुष्प

भगवान शिव को सफेद रंग अत्यंत प्रिय है। इसलिए सफेद पुष्प अर्पित करना शुभ माना जाता है। सफेद कनेर, मदार या कोई भी शुद्ध सफेद फूल चढ़ाया जा सकता है।

सफेद रंग शांति और पवित्रता का प्रतीक है। शिवलिंग पर सफेद पुष्प अर्पित करने से मन की नकारात्मकता दूर होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

ध्यान रखें कि केतकी का फूल शिव पूजा में नहीं चढ़ाया जाता, क्योंकि इससे जुड़ी एक पौराणिक कथा प्रचलित है।

चंदन और भस्म

भगवान शिव को चंदन और भस्म भी प्रिय हैं। शिवलिंग पर चंदन का तिलक लगाने से पूजा पूर्ण मानी जाती है।

भस्म शिव का श्रृंगार है। शिवजी अपने शरीर पर भस्म धारण करते हैं, जो जीवन की नश्वरता का प्रतीक है। पूजा के समय भस्म अर्पित करना और माथे पर लगाना शुभ माना जाता है।

यह हमें जीवन की सच्चाई और सादगी का संदेश देता है।

फल और नैवेद्य

भगवान शिव को ताजे फल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। केला, नारियल और मौसमी फल चढ़ाए जा सकते हैं।

नैवेद्य के रूप में घर में बना सात्विक भोजन अर्पित करें। ध्यान रखें कि भगवान शिव को तामसिक भोजन अर्पित नहीं किया जाता।

भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद रूप में परिवार के साथ बांटना चाहिए।

शिव पूजा का सही भाव

भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए भव्यता की नहीं, सच्चे मन की आवश्यकता होती है। यदि आपके पास अधिक सामग्री नहीं है, तो केवल जल और बेलपत्र से भी पूजा की जा सकती है।

शिवलिंग पर वस्तुएं चढ़ाते समय ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें। यह पंचाक्षरी मंत्र अत्यंत शक्तिशाली माना जाता है।

पूजा के दौरान मन शांत रखें और किसी के प्रति द्वेष या नकारात्मक भावना न रखें।

कब करें इन चीजों का प्रयोग

सोमवार, प्रदोष व्रत, सावन का महीना और महाशिवरात्रि शिव पूजा के लिए विशेष माने जाते हैं। इन दिनों ऊपर बताई गई सातों चीजों को पूजा में शामिल करने से विशेष फल मिलता है।

सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ रखें और दीपक जलाकर भगवान शिव का ध्यान करें।

सरलता में ही है शिव की भक्ति

भगवान शिव को इसलिए भोलेनाथ कहा जाता है क्योंकि वे सरल भक्ति से ही प्रसन्न हो जाते हैं। वे राजसी ठाठ-बाट के नहीं, बल्कि सादगी के देवता हैं।

यदि आप जीवन में शांति, सफलता और सकारात्मक ऊर्जा चाहते हैं, तो शिव पूजा में इन सात प्रिय वस्तुओं को अवश्य शामिल करें।

अंत में यही कहा जा सकता है कि भगवान शिव की भक्ति में दिखावे का कोई स्थान नहीं है। सच्ची श्रद्धा और साफ मन से की गई पूजा ही सबसे बड़ा अर्पण है।

इस बार जब भी आप शिव पूजा करें, तो इन सात प्रिय चीजों को शामिल करें और भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करें।

डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित है। इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। पाठक इसे अपनी श्रद्धा और विश्वास के आधार पर ग्रहण करें।

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