Arattai App: व्हाट्सएप को टक्कर देने आया भारत का स्वदेशी चैटिंग प्लेटफॉर्म

Arattai App: भारत में डिजिटल क्रांति लगातार तेजी पकड़ रही है और अब एक और बड़ा कदम सामने आया है। भारतीय सॉफ्टवेयर कंपनी Zoho Corporation ने अपना स्वदेशी मैसेजिंग ऐप अरट्टई (Arattai) लॉन्च कर दिया है। इसे केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पेश किया और सोशल मीडिया पर लोगों से अपील की कि वे विदेशी ऐप्स की जगह भारत में बने ऐप्स का इस्तेमाल करें।

अरट्टई का मतलब ही बातचीत होता है। यह शब्द तमिल भाषा से लिया गया है, जहां इसे आमतौर पर ‘चैट’ या ‘बातचीत’ के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। Zoho कंपनी का दावा है कि यह ऐप पूरी तरह सुरक्षित है और प्राइवेसी के मामले में किसी भी विदेशी ऐप से पीछे नहीं है। इतना ही नहीं, यह ऐप लो इंटरनेट स्पीड पर भी बेहतर काम करता है और सस्ते स्मार्टफोन्स के लिए भी ऑप्टिमाइज किया गया है।

व्हाट्सएप के लिए खतरे की घंटी | Arattai App

भारत में व्हाट्सएप की पकड़ काफी मजबूत है। करोड़ों लोग इसे रोजमर्रा के जीवन में इस्तेमाल करते हैं। लेकिन जैसे ही Zoho का अरट्टई लॉन्च हुआ, इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी और कुछ ही दिनों में यह गूगल प्ले स्टोर पर नंबर 1 सोशल नेटवर्किंग ऐप बन गया। यही नहीं, एप्पल के ऐप स्टोर पर भी इसे लोगों का शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है।

Zoho पहले से ही सॉफ्टवेयर जगत में एक बड़ा नाम है और दुनिया भर में इसके लाखों यूजर्स हैं। यही भरोसा अब लोगों को अरट्टई की ओर खींच रहा है। भारत में डेटा प्राइवेसी और स्वदेशी ऐप्स को लेकर जो माहौल बना है, उसमें अरट्टई को जबरदस्त फायदा मिलता दिख रहा है।

अरट्टई ऐप की खासियतें

Arattai App

अरट्टई ऐप में वे सभी फीचर्स मौजूद हैं, जो आपको किसी भी इंटरनेशनल मैसेजिंग ऐप पर मिलते हैं। कंपनी ने खास ध्यान रखा है कि यह ऐप लो बैंडविड्थ पर भी काम करे। यानी अगर आपका इंटरनेट स्लो है, तब भी आप आसानी से चैट, कॉल और मीडिया शेयर कर पाएंगे।

इस ऐप के जरिए आप:

  • टेक्स्ट और वॉइस मैसेजिंग कर सकते हैं।
  • ऑडियो और वीडियो कॉल्स कर सकते हैं।
  • फोटो, वीडियो और डॉक्यूमेंट शेयरिंग कर सकते हैं।
  • ग्रुप चैट और चैनल्स बना सकते हैं।
  • मीटिंग शेड्यूल और ऑनलाइन मीटिंग्स आयोजित कर सकते हैं।
  • स्टोरीज और लोकेशन शेयरिंग का भी फीचर मिलता है।

Zoho का दावा है कि यह ऐप फोन की मेमोरी पर ज्यादा लोड नहीं डालता और बैटरी भी बचाता है। यानी यह लो कॉन्फिग्रेशन वाले स्मार्टफोन पर भी आसानी से चलता है। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो गांवों और दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं।

स्वदेशी अपनाने का आह्वान

केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अरट्टई ऐप के लॉन्च पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा कि यह ऐप इंस्टेंट मैसेजिंग, फ्री, सुरक्षित और इस्तेमाल में आसान है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आत्मनिर्भर भारत अभियान का जिक्र करते हुए लोगों से अपील की कि वे विदेशी ऐप्स की बजाय भारत में बने ऐप्स का इस्तेमाल करें।

आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी पहले कहा था कि वह Zoho के प्रोडक्ट्स को सपोर्ट करेंगे। इसका सीधा असर अब अरट्टई की लोकप्रियता पर देखने को मिल रहा है।

अरट्टई का नाम क्यों रखा गया?

Zoho ने इस ऐप का नाम तमिल भाषा से लिया है। अरट्टई का मतलब होता है बातचीत करना। यह नाम भारत की जड़ों और भाषा से जुड़ाव को दर्शाता है। कंपनी चाहती थी कि ऐप का नाम ऐसा हो जिसे आम लोग आसानी से याद रख सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें।

कैसे करें अरट्टई डाउनलोड और इस्तेमाल?

अरट्टई ऐप को डाउनलोड करना बेहद आसान है।

सबसे पहले अपने स्मार्टफोन पर गूगल प्ले स्टोर या एप्पल ऐप स्टोर पर जाएं। वहां Arattai सर्च करें और इसे डाउनलोड कर लें। इंस्टॉल होने के बाद ऐप खोलें और अपने मोबाइल नंबर से रजिस्टर करें। इसके बाद अपना नाम, प्रोफाइल पिक्चर, बायो और यूजरनेम सेट करें। अब आप अपने दोस्तों और परिवार को यूजरनेम शेयर करके आसानी से जुड़ सकते हैं।

क्या अरट्टई व्हाट्सएप को टक्कर दे पाएगा?

यह सवाल हर किसी के मन में है। व्हाट्सएप दुनिया का सबसे बड़ा मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है और इसके अरबों यूजर्स हैं। लेकिन भारत में अरट्टई को एक अलग पहचान मिल रही है क्योंकि यह पूरी तरह से मेड इन इंडिया है। लोग अब डेटा प्राइवेसी को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे हैं और यही वजह है कि वे स्वदेशी ऐप्स को प्राथमिकता देने लगे हैं।

अगर Zoho लगातार ऐप में नए फीचर्स लाता रहा और सुरक्षा पर ध्यान देता रहा, तो आने वाले समय में अरट्टई व्हाट्सएप के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है।

अरट्टई ऐप न सिर्फ एक मैसेजिंग ऐप है बल्कि भारत की तकनीकी क्षमता का उदाहरण भी है। यह ऐप दिखाता है कि भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं रहा, बल्कि खुद के प्रोडक्ट्स बनाकर दुनिया को चुनौती देने लगा है। Zoho ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छाशक्ति हो तो हम दुनिया के बड़े-बड़े ऐप्स को टक्कर दे सकते हैं।

भारत में डिजिटल आत्मनिर्भरता की दिशा में अरट्टई एक बड़ा कदम है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि लोग कितनी तेजी से इस ऐप को अपनाते हैं और यह व्हाट्सएप जैसी दिग्गज कंपनियों को कितनी कड़ी टक्कर दे पाता है।

ऐसे और भी Technology टॉपिक के ऊपर लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।

Oppo A6 Pro 5G Launch: 7000mAh बैटरी और 50MP कैमरे के साथ बजट फोन का धमाका

भारत में लॉन्च से पहले दिखा OnePlus 15, Snapdragon Summit 2025 में वनप्लस CEO ने किया खुलासा

iPhone को टक्कर देने आया Xiaomi 17 Pro Max, 7,500mAh बैटरी और Snapdragon 8 Elite के साथ

Leave a Comment