Akhand Bharat Sankalp Diwas: 14 अगस्त 2025 को पूरे भारतवर्ष में अखंड भारत संकल्प दिवस बड़े उत्साह के साथ मनाया गया। नागपुर में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने देशवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि “देश का बंटवारा स्वाभाविक और अनैसर्गिक दोनों था, लेकिन एक दिन हम सभी फिर से एक होंगे।”
कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्र निर्माण समिति द्वारा किया गया, जिसमें नागपुर के लगभग 10,000 स्कूली बच्चों और नागरिकों ने एक साथ “वंदे मातरम” गाकर अखंड भारत का सपना दोहराया।
अखंड भारत संकल्प दिवस क्यों मनाया जाता है? Why Akhand Bharat Sankalp Diwas is Celebrated?
14 अगस्त की रात इतिहास में एक ऐसा पल था, जिसने भारत के नक्शे को हमेशा के लिए बदल दिया। 1947 में भारत और पाकिस्तान के रूप में देश दो भागों में बंट गया। इस बंटवारे के दौरान लाखों लोगों ने अपना घर, परिवार और जीवन गंवाया। इसी ऐतिहासिक दिन को याद करते हुए अखंड भारत संकल्प दिवस मनाया जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियां इस विभाजन की पीड़ा और एकता के महत्व को समझ सकें।
गडकरी ने कहा, “हमारे पूर्वजों का सपना अखंड भारत था, और एक दिन यह सपना सच होगा। हमारा लक्ष्य सिर्फ राजनीतिक सीमाओं को जोड़ना नहीं, बल्कि दिलों को जोड़ना है।”
नागपुर में गूंजा वंदे मातरम
नागपुर के इस आयोजन में बच्चों और नागरिकों ने जिस जोश और ऊर्जा के साथ वंदे मातरम गाया, वह अपने आप में ऐतिहासिक था। लगभग 10,000 लोगों की एक स्वर में गूंज ने अखंड भारत के विचार को और मजबूती दी। इस दौरान पूर्व सैनिकों को भी सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने जीवन का सबसे सुनहरा समय देश की सेवा में समर्पित किया।
गडकरी ने पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा, “आपकी कुर्बानियों के कारण ही आज हम आज़ाद हैं।”
#WATCH | Nagpur, Maharashtra | At ‘Akhand Bharat Diwas’ event, Union Minister Nitin Gadkari says”… Our youth are doing excellent work in many fields including industry, defence, sports… To instil a sense of patriotism in the minds of children in schools, we teach them… pic.twitter.com/hWEp02IrOQ
— ANI (@ANI) August 14, 2025
“देश का बंटवारा स्वाभाविक और अनैसर्गिक” – नितिन गडकरी
गडकरी के इस बयान ने कार्यक्रम में मौजूद हर व्यक्ति को सोचने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक परिस्थितियों में बंटवारा शायद स्वाभाविक था, लेकिन यह अनैसर्गिक भी था क्योंकि भारत की संस्कृति, इतिहास और सभ्यता हमेशा से एक थी।
“आज हम सिर्फ भौगोलिक रूप से अलग हैं, लेकिन हमारी आत्मा एक है। हम एक दिन फिर से एक होंगे।”
विश्व गुरु बनने का संकल्प

अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि “वह दिन दूर नहीं जब भारत विश्व गुरु बनेगा।” उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए हर नागरिक से बदलाव को अपनाने और देशहित में काम करने की अपील की।
उन्होंने बताया कि भारत की प्रगति सिर्फ तकनीक या अर्थव्यवस्था पर निर्भर नहीं है, बल्कि हमारी सोच, संस्कार और एकजुटता पर भी निर्भर करती है।
सड़क हादसों पर गंभीर चिंता
गडकरी ने अपने भाषण में सड़क हादसों का मुद्दा भी उठाया और चौंकाने वाले आंकड़े पेश किए। उनके अनुसार, भारत में हर साल लगभग 5 लाख सड़क हादसे होते हैं, जिनमें 1,80,000 लोगों की मौत हो जाती है। इनमें से 66% पीड़ित 18 से 34 वर्ष की उम्र के युवा होते हैं।
“हम अपने जवानों को युद्ध में खोने से ज्यादा सड़कों पर खो रहे हैं, यह बेहद दुखद है।”
उन्होंने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर कई योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनमें बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, जागरूकता अभियान और सख्त कानून शामिल हैं।
युद्ध के बदलते स्वरूप पर चर्चा
गडकरी ने कहा कि अब युद्ध का तरीका बदल चुका है। “अब टैंक और गोलाबारूद से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें काम में लाई जाती हैं।” उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए कहा कि अब लड़ाई तकनीक के ज़रिए लड़ी जा रही है, और इसी तरह हमें सड़क सुरक्षा और राष्ट्रीय एकता में भी आधुनिक तरीकों को अपनाना होगा।
अखंड भारत का ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य
अखंड भारत का विचार सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भी है। प्राचीन भारत की सीमाएं वर्तमान भारत, पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान, अफगानिस्तान, म्यांमार और श्रीलंका तक फैली थीं।
इतिहासकारों के अनुसार, महाकाव्यों और पुराणों में वर्णित भारतवर्ष में विविधता में एकता की मिसाल थी। यही वजह है कि आज भी “अखंड भारत” का विचार करोड़ों भारतीयों के दिल में जीवित है।
गडकरी का युवाओं को संदेश
गडकरी ने युवाओं से कहा कि वे अपने जीवन में अनुशासन और ईमानदारी को प्राथमिकता दें। “आप ही वह पीढ़ी हैं जो अखंड भारत का सपना पूरा करेगी।”
उन्होंने शिक्षा, खेल, विज्ञान, तकनीक और संस्कृति सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता हासिल करने का आह्वान किया।
नागपुर – विचारों की धरती
नागपुर का इतिहास राष्ट्रीय आंदोलनों और सामाजिक बदलावों में महत्वपूर्ण रहा है। यह शहर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का मुख्यालय भी है, जो अखंड भारत की अवधारणा को लंबे समय से बढ़ावा देता आ रहा है।
अखंड भारत – सिर्फ एक सपना नहीं, एक लक्ष्य
अंत में गडकरी ने कहा कि अखंड भारत सिर्फ एक सपना नहीं है, बल्कि एक लक्ष्य है, जिसके लिए हमें एकजुट होकर काम करना होगा। उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद सभी को यह संकल्प दिलाया कि वे देश की एकता, अखंडता और प्रगति के लिए हमेशा तत्पर रहेंगे।
नागपुर का यह आयोजन न सिर्फ एक ऐतिहासिक दिन की याद दिलाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि देश के करोड़ों लोग अभी भी अखंड भारत के विचार में विश्वास रखते हैं। नितिन गडकरी का बयान और युवाओं के प्रति उनकी उम्मीदें यह संकेत देती हैं कि यह सपना आने वाले समय में हकीकत बन सकता है।
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