हमारे रोज़ाना के खाने में नमक एक जरूरी हिस्सा होता है। बिना नमक के खाना बेस्वाद लगता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यही नमक अगर ज्यादा मात्रा में लिया जाए, तो ये ज़हर की तरह असर कर सकता है? आयुर्वेद से लेकर आधुनिक मेडिकल साइंस तक, सभी ये मानते हैं कि ज्यादा नमक का सेवन सेहत के लिए बेहद नुकसानदेह है। यह धीरे-धीरे शरीर के कई हिस्सों को खराब कर देता है और कई गंभीर बीमारियों को जन्म देता है।
इस ब्लॉग में हम आपको बेहद आसान भाषा में समझाएंगे कि ज्यादा नमक खाने से शरीर को क्या-क्या नुकसान हो सकते हैं, और कैसे आप खुद को इनसे बचा सकते हैं।
1. हाई ब्लड प्रेशर का खतरा

जब हम ज्यादा नमक खाते हैं, तो शरीर में सोडियम की मात्रा बढ़ जाती है। यह सोडियम खून में पानी को खींचता है, जिससे रक्त का वॉल्यूम यानी मात्रा बढ़ जाती है। इसका सीधा असर हमारे दिल पर पड़ता है और ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप बढ़ जाता है।
हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण अक्सर तुरंत नहीं दिखाई देते। लेकिन अंदर ही अंदर यह दिल, किडनी और दिमाग को नुकसान पहुंचा रहा होता है। अगर समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी खतरनाक स्थितियों का कारण बन सकता है।
2. किडनी पर असर डालता है ज्यादा नमक

किडनी हमारे शरीर का फ़िल्टर होता है, जो खून को साफ करता है और शरीर से बेकार तत्व बाहर निकालता है। लेकिन जब हम अधिक मात्रा में नमक खाते हैं, तो किडनी पर दबाव बढ़ जाता है। किडनी को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है, जिससे धीरे-धीरे उसकी क्षमता कम होने लगती है।
ज्यादा नमक किडनी स्टोन यानी पथरी बनने की संभावना भी बढ़ा देता है। इसके अलावा क्रॉनिक किडनी डिजीज का खतरा भी कई गुना बढ़ जाता है। जो लोग पहले से किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं, उनके लिए तो ज्यादा नमक जहर की तरह होता है।
3. दिल की सेहत पर असर

आपका दिल लगातार खून को पंप करता है ताकि शरीर के हर हिस्से तक ऑक्सीजन और पोषक तत्व पहुंच सकें। लेकिन ज्यादा नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ने पर दिल को ये काम ज्यादा मेहनत से करना पड़ता है। इससे हार्ट की मांसपेशियां कमजोर होने लगती हैं।
धीरे-धीरे दिल की धड़कनों में अनियमितता, हार्ट फेल्योर और हार्ट अटैक की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए दिल की बीमारियों से बचने के लिए सबसे पहले नमक की मात्रा को सीमित करना बेहद जरूरी है।
4. हड्डियों को करता है कमजोर

बहुत कम लोग जानते हैं कि ज्यादा नमक खाना आपकी हड्डियों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। जब शरीर में नमक ज्यादा हो जाता है, तो वह कैल्शियम को यूरिन के ज़रिए बाहर निकालता है। यानी हड्डियों को मजबूत बनाने वाला कैल्शियम शरीर से बाहर चला जाता है।
इस वजह से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं और ऑस्टियोपोरोसिस नामक बीमारी का खतरा बढ़ जाता है, जिसमें हड्डियों में खोखलापन आ जाता है। उम्र बढ़ने पर यह स्थिति और गंभीर हो जाती है, खासकर महिलाओं में।
5. मोटापा और सूजन बढ़ा सकता है नमक

भले ही नमक में कैलोरी नहीं होती, लेकिन यह शरीर में पानी को रोक कर रखता है, जिससे सूजन की समस्या होती है। अगर आपने देखा होगा कि ज्यादा नमक वाला खाना खाने के बाद हाथ-पांव भारी लगते हैं, तो यह पानी रुकने की वजह से होता है।
इसके अलावा, ज्यादा नमक खाने से प्यास ज्यादा लगती है और अक्सर लोग इसके लिए मीठे ड्रिंक्स पीते हैं। इससे शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जाती है, जिससे मोटापा बढ़ता है। मोटापा खुद में कई बीमारियों का घर है, जैसे कि डायबिटीज, हार्ट डिजीज और हॉर्मोनल गड़बड़ी।
6. पेट की बीमारियों का खतरा

नमक का ज्यादा सेवन पेट की भीतरी परत को नुकसान पहुंचा सकता है। यह परत पेट को एसिड और बैक्टीरिया से बचाती है। लेकिन जब यह कमजोर हो जाती है, तो गैस्ट्रिक अल्सर, एसिडिटी और पेट दर्द जैसी समस्याएं शुरू हो जाती हैं।
इसके अलावा रिसर्च में पाया गया है कि जो लोग ज्यादा नमक खाते हैं, उनमें पेट के कैंसर का खतरा भी बढ़ सकता है। खासकर प्रोसेस्ड फूड जैसे अचार, नमकीन, चिप्स, इंस्टैंट नूडल्स आदि का अधिक सेवन इस जोखिम को और बढ़ा देता है।
7. त्वचा और बालों पर भी असर

शायद आपको जानकर हैरानी हो, लेकिन ज्यादा नमक का असर आपकी त्वचा और बालों पर भी पड़ता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है (जो ज्यादा नमक खाने से होती है), तो त्वचा रूखी और बेजान हो जाती है। डिहाइड्रेशन के कारण चेहरे पर समय से पहले झुर्रियां भी आ सकती हैं।
बालों की बात करें तो स्कैल्प सूखने लगता है, जिससे डैंड्रफ और बाल झड़ने की समस्या हो सकती है। तो अगर आप हेल्दी स्किन और घने बाल चाहते हैं, तो नमक की मात्रा को सीमित करना जरूरी है।
कितना नमक खाना है सही?
WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) के अनुसार, एक व्यक्ति को दिनभर में अधिकतम 5 ग्राम नमक यानी एक छोटी चम्मच से कम ही खाना चाहिए। लेकिन भारत में औसतन एक व्यक्ति दिन में 10-12 ग्राम नमक खा लेता है, जो कि दो गुना से ज्यादा है।
ध्यान रखें कि ये नमक केवल आपके खाने में डाले गए नमक से नहीं आता, बल्कि पैक्ड फूड, बिस्कुट, सॉस, नमकीन स्नैक्स, अचार जैसी चीजों से भी आता है।
कैसे करें नमक का सेवन कम?
- खाना बनाते समय कोशिश करें कि कम नमक डालें।
- टेबल सॉल्ट (खाने के बाद ऊपर से डालने वाला नमक) से परहेज करें।
- पैकेज्ड और प्रोसेस्ड फूड को कम खाएं।
- नींबू, हर्ब्स और मसालों का इस्तेमाल करें स्वाद के लिए।
- बच्चों को कम उम्र से ही कम नमक की आदत डालें।
क्या सेंधा नमक या काला नमक बेहतर है?

लोग अक्सर सोचते हैं कि सेंधा नमक या काला नमक नुकसान नहीं करता, लेकिन सच यह है कि इनमें भी सोडियम होता है। हां, इनमें कुछ मिनरल्स जरूर होते हैं जो सफेद नमक में नहीं होते, लेकिन इनका सेवन भी सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। “प्राकृतिक” या “हिमालयन” लिखा होने से कोई नमक हेल्दी नहीं हो जाता।
नमक ज़रूरी है, लेकिन सीमित मात्रा में
नमक हमारी सेहत के लिए जरूरी है, लेकिन ‘ज्यादा’ की आदत धीरे-धीरे हमारी सेहत को खोखला कर देती है। यह सफेद ज़हर धीरे-धीरे आपके दिल, दिमाग, किडनी, पेट और यहां तक कि त्वचा और बालों को भी नुकसान पहुंचाता है।
आज से ही अपने खाने में नमक की मात्रा पर ध्यान देना शुरू करें। ज़रूरत से ज्यादा स्वाद के लिए अपने जीवन की मिठास को दांव पर न लगाएं। हेल्दी लाइफस्टाइल की शुरुआत छोटी आदतों से होती है, और नमक पर कंट्रोल रखना एक बड़ा कदम है।
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