पुरानी कार बेचने से पहले ये 9 चीज़ें जरूर करें चेक- जब आप अपनी पुरानी कार बेचने का निर्णय लेते हैं, तो सिर्फ “बेच देना” ही काफी नहीं होता। इससे पहले कि आप किसी खरीदार से मिलें या दाम तय करें, कुछ महत्वपूर्ण चीज़ें हैं जिन्हें आपको ठीक‑ठीक समझना और पूरा करना बेहद ज़रूरी है। सही तैयारी न केवल आपको अच्छा दाम दिलाती है, बल्कि भविष्य में किसी कानूनी परेशानी से भी बचाती है।
इस लेख में हम एक‑एक करके बताएँगे कि पुरानी कार बेचने से पहले आप क्या‑क्या चेक करें, क्यों करें, और अगर कोई गलती हो जाए तो उसे कैसे सुधारें।
पुरानी कार बेचने से पहले ये 9 चीज़ें जरूर करें चेक:

1. सभी जरूरी दस्तावेज़ पहले तैयार करें
सबसे पहले यह समझ लें कि कार बेचने की प्रक्रिया कागज़ात के बिना अधूरी है। खरीदार सबसे पहले दस्तावेज़ चेक करता है। अगर दस्तावेज़ सही न हों, तो अच्छे दाम मिलने की संभावना कम हो जाती है।
RC (Registration Certificate)
RC वह दस्तावेज़ है जो यह साबित करता है कि वाहन आपके नाम पर रजिस्टर्ड है। बिना RC के कार बेचना कानूनी रूप से संभव नहीं है।
अगर RC में कोई गलती है — जैसे नाम की स्पेलिंग गलत होना — तो पहले उसे सुधरवाना ज़रूरी है।
Insurance Policy
बीमा पॉलिसी वैध होना बहुत जरूरी है। कुछ खरीदार वैध बीमा की मांग करते हैं ताकि उन्हें पहले साल में ही खर्च न उठाना पड़े।
PUC Certificate (Pollution Under Control)
देश में प्रदूषण नियम बहुत सख़्त हैं। PUC सर्टिफिकेट वैध होना ज़रूरी है ताकि आपकी कार पर्यावरण नियमों के अनुरूप चलती दिखे।
Loan से संबंधी दस्तावेज़
अगर आपने कार ली थी और उस पर बैंक लोन था, तो एक NOC (No Objection Certificate) होना आवश्यक है। इसके बिना खरीदार निश्चिंत नहीं होता कि भविष्य में कोई बैंक दावा नहीं करेगा।
2. कार की स्थिति (Condition) जांचें और सुधारें
दस्तावेज़ तैयार करने के बाद सबसे महत्वपूर्ण बात है car condition। खरीदारों का ध्यान सबसे पहले कार के physical condition पर जाता है।
बाहरी हालत
कार के body पर डेंट, गहरे scratches या paint गिरा हुआ हो, तो वह तुरंत नजर आता है।
एक छोटी repaint या dent removal से आपकी कार बहुत बेहतर दिखाई दे सकती है और कीमत बढ़ जाती है।
टायर और ब्रेक
घिसे हुए टायर और कमजोर ब्रेक खरीदारों को डराते हैं। पुराने टायर बदलवाने से या ब्रेक pads चेक करवाने से खरीदार की confidence बढ़ता है।
इंजिन और मैकेनिकल हालत
कार का इंजन सुनने में ठीक लग रहा है या नहीं, acceleration smooth है या नहीं, सब चीज़ें buyers ध्यान से देखते हैं। एक बार engine tuning या servicing करवाने से आपका फायदा होता है।
इंटीरियर और सीटिंग
Seat cover, carpets, interior lights — अगर इनका condition अच्छी है, तो कार महँगी और आकर्षक लगती है।
कभी‑कभी seat cover बदल देना भी बड़ा फर्क डाल देता है।
3. सर्विस हिस्ट्री और रख‑रखाव रिकॉर्ड दिखाएँ
आज के समय में खरीदार सिर्फ वाहन को नहीं मिलता देखता, वह यह भी देखता है कि वाहन कैसे maintain हुआ है।
अगर आपके पास पुरानी servicing bills, oil change records, parts replaced का विवरण है, तो यह आपके पक्ष में काम करता है।
उदाहरण:
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सर्विस 10,000 km पर की गई थी
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इंजन oil हर 5000 km पर बदला गया
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Timing belt बदला गया
इन बातों को दिखाने से खरीदार को यह भरोसा मिलता है कि वाहन की care अच्छी तरह हुई है, और वह यहां दाम बढ़ाने में आपके पक्ष में होता है।
4. Ownership Transfer और Legal फार्म
भारत में कार बेचते समय कुछ खास legal forms भरना आवश्यक है ताकि ownership officially buyer के नाम पर ट्रांसफर हो सके।
Form 29
यह form बताता है कि आपने अपनी कार बेच दी है। यह विक्रेता द्वारा भरा और साइन किया जाता है।
Form 30
इस पर buyer और seller दोनों को साइन करना होता है। यह ownership change के लिए official application है, जो RTO में होता है।
इन forms को RTO में जमा करना जरूरी है ताकि भविष्य में आपका नाम कार से हट जाए, और buyer के नाम पर ट्रांसफर हो जाए।
5. खरीदार की पहचान ज़रूर सत्यापित करें
आज के समय में fraud मामलों से बचने के लिए यह step बहुत ज़रूरी है।
✔️ पहचान कैसे करें
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खरीदार का आधार कार्ड देखें
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यदि पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस हों तो वह भी सही तरीका है
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इनकी photocopy अपने पास रखें
साथ ही एक simple delivery receipt पर लिख लें कि आपने कार और सारे दस्तावेज़ buyer को तारीख और समय के साथ सौंप दिए हैं। यह legal रूप से आपका सुरक्षा कवच बन जाता है।
6. सही मार्केट वैल्यू और दाम तय करें
अब सबसे अहम बात — दाम।
जब आप अपनी कार बेचेंगे तभी पता चलेगा कि आपकी कार की resale value कितनी है।
कार की resale price पर असर डालने वाले أهم factors:
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मॉडल और ब्रांड
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उम्र और चलाए गए किलोमीटर
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vehicle condition
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Maintained records
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Ownership history
इन सबके आधार पर आप एक fair price तय करें। ज़्यादा overpriced मुहैया कराना खरीदार को दूर कर सकता है, और underpriced देना आपका नुकसान है।
7. टेस्ट ड्राइव और inspection
जब कोई खरीदार टेस्ट ड्राइव की मांग करता है, तो यह सामान्य और expected होता है।
लेकिन सुनिश्चित करें कि:
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आपका valid driving license और insurance कार में मौजूद हो
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आप किसी traffic नियम का उल्लंघन न करें
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test drive से पहले आया हुआ buyer से ID पुष्टि कर लें
Test drive के समय engine की प्रतिक्रिया, brakes, steering — सारी चीज़ों को ध्यान से देखें। अगर कोई छोटी समस्या दिखे तो buyer को सच बताएं — इससे आपका भरोसा बढ़ता है।
8. last minute final check
बेचने के अंतिम दिन, ये चीज़ें भी देखें:
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Fuel level बहुत ज़्यादा न हो — खाली या आधा बैलेंस बढ़िया रहता है
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Spare wheel, toolkit और jack मौजूद हों
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नंबर plates को साफ रखें
ऐसी छोटी‑छोटी चीज़ें आपकी credibility बढ़ाती हैं।
9. बेचने के बाद ज़रूरी बातें
जब कार बेच दी जाए, तो:
✔️ RTO में ownership transfer का proof अपने पास रखें
✔️ insurance policy को cancel या transfer के लिए insurer को बताएं
✔️ RC में buyer का नाम registered हो — इसकी copy सुरक्षित रखें
अगर आप ये steps follow करते हैं, तो भविष्य में किसी legal या financial समस्या का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पुरानी कार बेचने की प्रक्रिया केवल एक बेचने वाला काम नहीं है। यह एक सोची‑समझी, कानूनी, सुरक्षित और भरोसेमंद प्रक्रिया है। इन सभी steps को सही तरीके से पूरा कर लेने पर आपको आपकी पुरानी कार से सबसे बेहतर वैल्यू और सुरक्षा मिलेगी।
अब आप सुरक्षित, आत्मविश्वास के साथ अपनी कार बेच सकते हैं — और किसी भी buyer से मिलने से पहले यह checklist दोबारा जरूर देख लें।
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