Messi GOAT Tour in Mumbai: मुंबई की एक शाम, जो हमेशा के लिए खेल इतिहास में दर्ज हो गई। यह सिर्फ एक इवेंट नहीं था, न ही सिर्फ एक स्टार की मौजूदगी। यह एक एहसास था, एक पल था, जब दो अलग-अलग खेलों के सबसे बड़े नाम एक ही मंच पर आए। लियोनेल एंड्रेस मैसी और सचिन रमेश तेंदुलकर। दो GOATs, दो दुनिया, लेकिन एक ही सम्मान।
रविवार की शाम वानखेड़े स्टेडियम में जो हुआ, वह शब्दों से ज्यादा भावनाओं में महसूस किया गया। यह मैसी के भारत में चल रहे GOAT टूर का तीसरा पड़ाव था, लेकिन मुंबई ने इसे कुछ ऐसा बना दिया जो हमेशा याद रखा जाएगा।
क्रिकेट की नगरी ने फुटबॉल के बादशाह का जीत लिया दिल | Messi GOAT Tour in Mumbai

मुंबई, जिसे क्रिकेट की राजधानी कहा जाता है, ने उस शाम अपने पहले प्यार को कुछ देर के लिए साइड में रख दिया। शहर ने दिल खोलकर फुटबॉल के जादूगर का स्वागत किया। जैसे ही मैसी के आने की खबर फैली, शहर नीले और सफेद रंग में रंग गया।
लोकल ट्रेनों से लेकर सड़कों तक, हर जगह अर्जेंटीना की जर्सी नजर आ रही थी। लोग घंटों पहले स्टेडियम के बाहर पहुंच चुके थे, सिर्फ एक झलक पाने के लिए। यह साफ था कि मुंबई सिर्फ एक खिलाड़ी का स्वागत नहीं कर रही थी, बल्कि एक लीजेंड को सम्मान दे रही थी।
वानखेड़े स्टेडियम में इतिहास का साक्षी बना हर दर्शक
वानखेड़े स्टेडियम, जिसने अनगिनत क्रिकेट इतिहास देखे हैं, उस शाम एक अलग ही कहानी लिख रहा था। जैसे ही लियोनेल मैसी मैदान पर आए, तालियों और नारों की गूंज ने माहौल को भावुक बना दिया। मैसी खुद इस स्वागत से काफी प्रभावित नजर आए।
उनके चेहरे पर मुस्कान थी, आंखों में भाव थे और शरीर की भाषा बता रही थी कि यह पल उनके लिए भी खास है। मुंबई ने उन्हें यह महसूस करा दिया कि खेल की भाषा एक होती है, चाहे वह फुटबॉल हो या क्रिकेट।
सचिन तेंदुलकर का इंतजार और वो ऐतिहासिक मुलाकात
इस शाम का सबसे भावुक पल तब आया, जब सचिन तेंदुलकर मैदान पर पहुंचे। वर्षों से जिस मुलाकात की कल्पना की जा रही थी, वह आखिरकार हकीकत बन गई। दो महान खिलाड़ी आमने-सामने थे, बिना किसी प्रतिस्पर्धा के, सिर्फ सम्मान के साथ।
सचिन ने मैसी को अपनी सबसे कीमती चीजों में से एक भेंट की। 2011 विश्व कप की भारत की जर्सी। वही जर्सी, जिसने करोड़ों भारतीयों के सपनों को साकार किया था। मैसी ने उसे पूरे सम्मान और मुस्कान के साथ स्वीकार किया।
“मैसी” और “सचिन” के नारों से गूंज उठा वानखेड़े
जैसे ही दोनों लीजेंड्स मैदान के बीच खड़े हुए, स्टेडियम में एक साथ दो नाम गूंजने लगे। “सचिन… सचिन” और “मैसी… मैसी”। यह एक दुर्लभ दृश्य था, जहां क्रिकेट और फुटबॉल एक ही दिल की धड़कन बन गए।
उस पल न कोई खेल बड़ा था, न कोई देश। सिर्फ भावनाएं थीं, सम्मान था और खेल के प्रति साझा प्यार था। मुंबई ने साबित कर दिया कि वह सिर्फ क्रिकेट की नहीं, बल्कि खेल भावना की भी राजधानी है।
जर्सी और गेंद का आदान-प्रदान बना यादगार पल
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि दोनों दिग्गजों का जर्सी नंबर एक ही है। नंबर 10। यह संयोग भी उस शाम को और खास बना गया। सचिन की नंबर 10 जर्सी मैसी के हाथों में और मैसी की ओर से सचिन को विश्व कप की गेंद।
मैसी ने भी इस सम्मान का जवाब पूरे दिल से दिया। दोनों के बीच छोटी सी बातचीत हुई, जिसमें मैसी के ट्रांसलेटर ने मदद की। शब्द कम थे, लेकिन भाव बहुत गहरे थे।
VIDEO | Maharashtra: Amid loud cheers, Indian cricket legend Sachin Tendulkar gifts Argentine football icon Lionel Messi the 2011 World Cup jersey, calling it a golden moment for Mumbai and India.
(Source: Third Party)
(Full VIDEO available on PTI Videos –… pic.twitter.com/GKIqReBoqa
— Press Trust of India (@PTI_News) December 14, 2025
इंटर मियामी सितारों और भारतीय दिग्गजों की मौजूदगी
मैसी के साथ उनके इंटर मियामी के साथी खिलाड़ी लुइस सुआरेज़ और रोड्रिगो डी पॉल भी मौजूद थे। उन्होंने भी मैदान पर फैंस से बातचीत की और इस ऐतिहासिक शाम का हिस्सा बने।
भारतीय फुटबॉल के दिग्गज सुनील छेत्री को भी मैसी ने खास जर्सी भेंट की। इससे भारतीय फुटबॉल समुदाय में भी खुशी की लहर दौड़ गई।
बच्चों के लिए सपना सच होने जैसा पल
इस इवेंट का एक बेहद खूबसूरत पहलू था ‘प्रोजेक्ट महादेव’। महाराष्ट्र सरकार की इस ग्रासरूट पहल के तहत चुने गए 60 बच्चों को मैसी, सुआरेज़ और डी पॉल के साथ कोचिंग क्लिनिक में हिस्सा लेने का मौका मिला।
इन बच्चों के लिए यह सिर्फ ट्रेनिंग नहीं थी, बल्कि जिंदगी का सबसे यादगार अनुभव था। जिन खिलाड़ियों को वे टीवी पर देखते आए थे, आज वे उनके सामने थे, उनसे सीख रहे थे।
मुख्यमंत्री की मौजूदगी और मुंबई का बेहतरीन इंतजाम
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने मुंबई के शानदार इंतजामों की तारीफ की और हल्के-फुल्के अंदाज़ में कोलकाता की अव्यवस्था पर तंज भी कसा।
मुंबई पुलिस की तारीफ हर तरफ हुई। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा गया कि फैंस पुलिस के लिए तालियां बजा रहे हैं। “थैंक यू मुंबई पुलिस” का नारा अपने आप में इस आयोजन की सफलता की कहानी कहता है।
कोलकाता की अफरा-तफरी और मुंबई की मिसाल
मैसी का भारत दौरा कोलकाता से शुरू हुआ था, लेकिन वहां अव्यवस्था और खराब मैनेजमेंट की वजह से हालात बिगड़ गए। फैंस को मैसी तक पहुंच नहीं मिली, जिससे नाराजगी फैली और हालात नियंत्रण से बाहर हो गए।
इसके बाद हैदराबाद और फिर मुंबई में तस्वीर पूरी तरह बदल गई। मुंबई ने दिखा दिया कि सही प्लानिंग और अनुशासन से कितना बड़ा इवेंट भी आसानी से हो सकता है। आयोजक सताद्रु दत्ता की गिरफ्तारी ने भी कोलकाता की लापरवाही को उजागर किया।
एक शाम, जो खेल से आगे निकल गई
मुंबई की यह शाम सिर्फ मैसी या सचिन की नहीं थी। यह उन लाखों फैंस की थी, जिनके लिए खेल सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि भावना है। यह शाम बताती है कि सच्चा सम्मान स्टेडियम की दीवारों से बाहर भी महसूस किया जा सकता है।
जब दुनिया के दो सबसे बड़े खिलाड़ी एक-दूसरे को देखकर मुस्कुराए, तो लगा कि खेल ने अपना असली मकसद पूरा कर लिया।
यह शाम 10/10 इसलिए नहीं थी क्योंकि मैसी आए या सचिन दिखे। यह 10/10 इसलिए थी क्योंकि मुंबई ने दिल से खेला। प्यार, सम्मान और अनुशासन के साथ।
इस रात ने साबित कर दिया कि जब खेल और भावना मिलते हैं, तो इतिहास बनता है। और मुंबई ने एक बार फिर दिखा दिया कि वह सिर्फ सपनों का शहर नहीं, बल्कि यादों का शहर भी है।
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