Modi Unveils 77-Foot Lord Ram Statue: भारत की सांस्कृतिक धरोहर एक बार फिर दुनिया के सामने नए रूप में चमकी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गोवा में विश्व की सबसे ऊँची भगवान राम की प्रतिमा का भव्य अनावरण किया। यह प्रतिमा न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि भारतीय कला, शिल्प और आध्यात्मिकता की महानता को भी विश्व पटल पर स्थापित करती है। गोवा के शांत, हरे-भरे और आध्यात्मिक माहौल से घिरे इस स्थल पर यह ऐतिहासिक क्षण लाखों लोगों की भावनाओं से सीधे जुड़ गया।
प्रतिमा का महत्व – सिर्फ ऊँचाई नहीं, एक आध्यात्मिक अनुभव

यह 77-फुट ऊँची भगवान राम की प्रतिमा कांस्य धातु से निर्मित है और इसकी सूक्ष्म कलाकारी भारतीय शिल्पकारों की प्रतिभा को दर्शाती है। प्रतिमा में भगवान राम को धनुष-बाण के साथ दिव्य, शांत और वीर मुद्रा में दिखाया गया है। यह आकृति रामायण की उस शाश्वत परंपरा को जीवंत करती है, जिसने सदियों से भारतीय धर्म और संस्कृति को दिशा दी है।
इस प्रतिमा को केवल ऊँचाई से नहीं आँका जा सकता। इसका उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों को भारतीय मूल्यों, मर्यादा, धर्म, सत्य और कर्तव्यबोध की याद दिलाना है। यह स्थान अब एक ऐसा केंद्र बन गया है जहाँ श्रद्धा, शांति और अध्यात्म का मिलन होता है।
अनावरण समारोह – संस्कृति, भक्ति और उत्सव का संगम:
प्रतिमा के अनावरण का कार्यक्रम भव्यता, ऊर्जा और आध्यात्मिकता से भरा हुआ था। हजारों भक्त, साधु, मठ के प्रमुख, स्थानीय लोग और कई सम्मानित अतिथि इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बने।
प्रधानमंत्री मोदी के आगमन पर मठ परिसर मंत्रों की गूंज और शंखध्वनि से भर गया। मंच पर उपस्थित संतों ने प्रधानमंत्री का स्वागत पारंपरिक विधियों से किया। इसके बाद हुआ वह अद्भुत क्षण- जब विशाल राम प्रतिमा पर से वस्त्र हटाया गया और सूर्य की सुनहरी किरणों में चमकते भगवान राम सबके सामने प्रकट हुए।
यह दृश्य इतना दिव्य था कि लोगों की आँखें नम हो गईं और पूरा वातावरण “जय श्री राम” के जयघोष से गूंज उठा।
At Shri Sansthan Gokarna, PM Modi inaugurated the world’s tallest 77-foot majestic bronze statue of Lord Shri Ram!
This is not just a statue, but a grand symbol of our faith, culture, and the infinite energy of ‘Ram Rayaj’.
Jai Shri Ram 🙏🚩 pic.twitter.com/4WML2TA7QX
— Megh Updates 🚨™ (@MeghUpdates) November 28, 2025
प्रधानमंत्री का संबोधन – संस्कृति और विकास का संतुलन:
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय संस्कृति की महिमा का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान राम सिर्फ एक धार्मिक प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय जीवन दर्शन के केंद्र हैं। वे मर्यादा, साहस, कर्तव्य और सहिष्णुता के प्रतिक हैं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत को आगे बढ़ाते हुए हमें अपनी आध्यात्मिक जड़ों को मजबूत रखना होगा।
मोदी ने यह भी बताया कि देश के धार्मिक स्थलों का विकास न केवल सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह पर्यटन, स्व रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करता है।
स्थल का विकास – भविष्य में क्या बदलेगा?
प्रतिमा के साथ-साथ यहाँ कई नई सुविधाएँ भी विकसित की गई हैं, जिससे यह स्थान एक प्रमुख आध्यात्मिक-पर्यटन केंद्र बनने जा रहा है।
1. रामायण थीम पार्क
यह पार्क खास रूप से रामायण की महत्वपूर्ण घटनाओं को दर्शाने के लिए बनाया गया है। इसमें डिजिटल प्रदर्शनी, इंटरैक्टिव इंस्टॉलेशन, चित्रांकन और जनसाधारण के लिए ज्ञानवर्धक सामग्री होगी।
2. ध्यान और योग केंद्र
यह केंद्र आध्यात्मिक शांति की तलाश करने वालों के लिए होगा। यहाँ ध्यान-योग की नियमित कक्षाएँ और आध्यात्मिक रिट्रीट आयोजित किए जाएँगे।
3. सांस्कृतिक सभागार
पूरे वर्ष विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम, कथा-वाचन और धार्मिक आयोजन यहाँ होंगे।
4. स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
इतने बड़े धार्मिक केंद्र के बनने से स्थानीय दुकानदारों, होटल कारोबारियों, टैक्सी चालकों और कारीगरों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
पर्यटन पर बड़ा प्रभाव:
गोवा समुद्र तटों, चर्चों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, लेकिन अब यहाँ धार्मिक पर्यटन का एक नया अध्याय जुड़ गया है। यह प्रतिमा न केवल हिंदू भक्तों को आकर्षित करेगी, बल्कि विदेशी पर्यटक भी यहाँ भारतीय संस्कृति को देखने आएँगे।
आज के दौर में भारत के आध्यात्मिक स्थल वैश्विक आकर्षण बनते जा रहे हैं- और गोवा की यह राम प्रतिमा इस यात्रा में एक बड़ा मील का पत्थर है।
सांस्कृतिक संदेश – राम सभी के हैं:
इस प्रतिमा का उद्देश्य किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है। भगवान राम भारत की सामूहिक चेतना का प्रतीक हैं।
उनकी शिक्षाएँ-
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मर्यादा में जीना
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सत्य के लिए संघर्ष करना
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कमजोरों की रक्षा करना
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परिवार व समाज के प्रति कर्तव्य निभाना
यह संदेश हर भारतीय के जीवन को दिशा देता है। आज जब समाज तेज़ी से बदल रहा है, तब ऐसे प्रतीक हमें अपनी जड़ों से जोड़कर रखते हैं।
एक नई आस्था, एक नई पहचान:
गोवा में दुनिया की सबसे ऊँची भगवान राम की प्रतिमा का अनावरण केवल एक धार्मिक घटना नहीं, बल्कि सांस्कृतिक जागरण, कला का उत्कर्ष और राष्ट्रीय गौरव का क्षण है। यह स्थान आने वाले वर्षों में भक्ति, शांति और प्रेरणा का अद्भुत केंद्र बनेगा।
यह प्रतिमा हमें यह याद दिलाती है कि चाहे समय कितना भी बदल जाए, नैतिकता, धर्म, मर्यादा और मानवता- रहने चाहिए राम समान।
जय श्री राम 🙏
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