Mokshada Ekadashi 2025: हिंदू धर्म में, Vishnu भगवान को समर्पित व्रतों में से एक – मोक्षदा एकादशी – विशेष महत्व रखती है। “मोक्षदा” नाम का अर्थ है “मोक्ष देने वाली”, यानी यह एकादशी व्रत भक्त की आत्मा को जन्म–मरण के चक्र से मुक्ति दिलाने, पापों का नाश करने और धार्मिक लाभ अर्जित करने का एक पवित्र अवसर मानी जाती है।

इसके साथ ही, मोक्षदा एकादशी वहीं दिन है जब Bhagavad Gita का उपदेश – यानी उस दिव्य संवाद – दिया गया था, इसलिए इसे कभी-कभी Gita Jayanti के रूप में भी मनाया जाता है।
इस व्रत को श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाने पर जीवन के पाप हटने, मन की शुद्धि, आंतरिक शांति, और अंततः मोक्ष की प्राप्ति की कामना की जाती है।
Ekadasi Tomorrow.. Read
Ekadasi tithi in the Shukla Paksha of this month is called Mokshada Ekadashi & same is celebrated in the Malayalam month of Vrishchikam as Guruvayur Ekadasi. pic.twitter.com/fbjr2GVK0g
— Anu Satheesh 🇮🇳🚩 (@AnuSatheesh5) November 30, 2025
मोक्षदा एकादशी 2025 – तिथि, मुहूर्त और समय:
-
इस बार मोक्षदा एकादशी 1 दिसंबर 2025, सोमवार को है।
-
एकादशी तिथि 30 नवंबर 2025 रात 9:29 बजे से प्रारंभ होगी।
-
तिथि समाप्ति: 1 दिसंबर 2025 शाम 7:01 बजे।
-
व्रत खोलने (पारण) का शुभ मुहूर्त: 2 दिसंबर 2025, सुबह 6:57 से 9:03 बजे तक।
इस प्रकार, 30 नवंबर की रात से ही व्रत की तैयारी शुरू हो जाती है, और 1 दिसंबर दिन व्रत, पूजा-ध्यान, भजन-कीर्तन आदि हो सकते हैं; पाराण (व्रत खोलना) अगले दिन यानी 2 दिसंबर की प्रातः होती है।
पूजा-व्रत विधि – कैसे करें मोक्षदा एकादशी:
मोक्षदा एकादशी को सफलतापूर्वक व्रत और पूजा करने के लिए निम्न विधि मान्य है:
-
सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, और शुद्ध मन व हृदय से व्रत का संकल्प लें।
-
भगवान विष्णु या भगवान कृष्ण का ध्यान और पूजन करें। पूजा में तुलसी, दीप, गंगा जल, पुष्प, धूप-दीप, आरती आदि का विशेष महत्व है।
-
दिन भर उपवास रखें – यदि निर्जला व्रत संभव हो, तो उत्तम; नहीं तो फलाहार या हल्का व्रत भी किया जा सकता है।
-
भजन-कीर्तन, मंत्र जप (विशेष रूप से विष्णु स्तुति), Vishnu Sahasranama पाठ या गीता पाठ करना लाभदायक माना जाता है।
-
रात-जागरण, धूप-दीप, ध्यान या सत्संग भी व्रत को और पुण्यदायी बनाते हैं।
व्रत खोलते समय (पारण) दान-पुण्य, भोजन और संयमित जीवन – यह सब शुभ फल की प्राप्ति में सहायक होते हैं।
मोक्षदा एकादशी का धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व:
-
मोक्षदा एकादशी को माना जाता है कि यदि श्रद्धा और शुद्ध मन से मनाया जाए – तो भक्त का पूरा जन्म-मृत्यु चक्र समाप्त होकर मोक्ष की प्राप्ति संभव होती है।
-
साथ ही, व्रत, पूजा, दान-पुण्य, ध्यान-धारणा जैसे कर्मों का पुण्य, पापों का नाश, मन-काया-वचन की पवित्रता – इन सबका लाभ मिलता है।
-
यदि व्रत संतान या पूर्वजो की आत्मा की शांति व मुक्ति हेतु भी किया जाए – तो यह पूर्वजों के कल्याण व पितृ-शांति का मार्ग बनता है।
-
यह दिन भक्त के लिए आत्मनिरीक्षण, भक्ति, संयम व अध्यात्मिक जागृति का भी अवसर है – भौतिकता से ऊपर उठकर, आत्मा की ओर झुकने का।
व्रत करते समय ध्यान देने योग्य बातें – सुझाव
-
व्रत का निर्णय श्रद्धा, शुद्ध मन और सही जानकारी के साथ लें। सिर्फ परंपरा या दिखावे के लिए व्रत करना – उतना फलदायक नहीं।
-
यदि निर्जला व्रत न हो पाए – हल्का उपवास या फलाहार भी स्वीकार्य है, पर नियमों का ध्यान रखें (भोजन, जल, मन, वचन, कर्म में संयम)।
-
पूजा-पाठ, दान-पुण्य, भजन-कीर्तन, ध्यान – यह सब व्रत को सार्थक बनाते हैं; सिर्फ उपवास ही पर्याप्त नहीं।
-
पारण (व्रत खुलना) निर्धारित मुहूर्त में करें; धार्मिक निर्देशों का पालन करें।
-
व्रत के दिन और उसके बाद, अपने विचार, कर्म, व्यवहार – सब को शुद्ध रखें; नकारात्मकता, दुराचार से बचें।
मोक्षदा एकादशी – आज के संदर्भ में:
2025 की मोक्षदा एकादशी, जैसे कि ऊपर बताया गया – 1 दिसंबर को है। यदि आप इस व्रत को करना चाहते हैं, तो अभी से तैयारी शुरू कर सकती/सकते हैं – पंचांग देखें, पूजा सामग्री तैयार करें, मन-काया शुद्ध करें।
इस व्रत का उद्देश्य सिर्फ नियम पालन नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, भक्ति, संयम, श्रद्धा व ईश्वर के प्रति समर्पण है। यदि आप दिल से करें – तो यह व्रत आपके जीवन में शांति, पुण्य, समृद्धि और मोक्ष का मार्ग खोल सकता है।
मोक्षदा एकादशी – एक ऐसा दिव्य व्रत है, जो न केवल धार्मिक विश्वास का प्रतीक है, बल्कि आत्मिक उन्नति, पापमोचन और मोक्ष प्राप्ति का अवसर भी है। 2025 में यह 1 दिसंबर को पड़ रही है। सही मुहूर्त, पूजा-व्रत विधि, श्रद्धा और शुद्ध मन से यदि इसे किया जाए – तो जीवन में सकारात्मक्ता, आंतरिक शांति और ईश्वर की कृपा अवश्य मिलती है।
ऐसे और भी Aaj Ka Rashifal टॉपिक के ऊपर लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।
Rashifal Today 30 November 2025: पढ़ें 12 राशियों का आज का हाल