Nandurbar Road Accident: नंदुरबार में खाई में गिरी मिनी ट्रक, 8 की मौत और 15 घायल– पूरा गांव सदमे में

Nandurbar Road Accident: महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से शनिवार सुबह एक हृदयविदारक खबर सामने आई जिसने पूरे क्षेत्र को दहला दिया। तलोदा थाना क्षेत्र के चांदसैली घाट खंड में एक मिनी ट्रक गहरी खाई में गिर गया, जिसमें सवार लोगों की चीख-पुकार ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया। इस भीषण सड़क हादसे में अब तक आठ लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि पंद्रह से अधिक लोग घायल हैं। हादसा इतना भीषण था कि ट्रक करीब दो सौ फुट गहरी खाई में जा गिरा और पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

कब और कैसे हुआ हादसा | Nandurbar Road Accident

यह दर्दनाक घटना शनिवार सुबह लगभग 10:30 बजे हुई। बताया जा रहा है कि मिनी ट्रक में लगभग चालीस लोग सवार थे। सभी यात्री एक धार्मिक यात्रा से लौट रहे थे और घर की ओर जा रहे थे। रास्ते में जब वाहन चांदसैली घाट खंड से गुजर रहा था, तभी चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया। घाट के घुमावदार रास्ते पर गाड़ी तेज रफ्तार में थी, और देखते ही देखते ट्रक गहरी खाई में जा गिरा।

घटना इतनी अचानक हुई कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। ट्रक गिरते ही जोरदार धमाके की आवाज आई और आसपास के ग्रामीण मौके पर दौड़े। उन्होंने देखा कि ट्रक बुरी तरह पलट चुका है और सवार लोग घायल अवस्था में बिखरे पड़े हैं। यह दृश्य इतना भयावह था कि वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।

घटना स्थल पर मचा कोहराम

जैसे ही हादसे की खबर आसपास के गांवों तक पहुंची, लोगों की भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। ग्रामीणों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू किया और फंसे हुए लोगों को निकालने की कोशिश की। कई लोग अपने ट्रैक्टर और रस्सियों की मदद से नीचे खाई में उतरे ताकि घायल यात्रियों को बाहर लाया जा सके।

सूचना मिलते ही तलोदा पुलिस स्टेशन से अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में एंबुलेंस और स्थानीय प्रशासनिक टीम भी वहाँ पहुँच गई। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से सभी घायलों को ऊपर लाया गया और उन्हें तुरंत नंदुरबार के उप-जिला अस्पताल और सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायलों का इलाज जारी, डॉक्टरों ने की पुष्ट‍ि

Nandurbar Road Accident

अस्पताल सूत्रों के अनुसार, घायलों में से कई की हालत गंभीर बनी हुई है। कुछ यात्रियों को सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जबकि कई को फ्रैक्चर और अंदरूनी चोटें हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उनका इलाज कर रही है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि कई घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद सिविल अस्पताल में रेफर किया गया है ताकि बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।

घायलों में ट्रक चालक विलास देसले भी शामिल है, जो फिलहाल पुलिस की निगरानी में है। डॉक्टरों के मुताबिक, अधिकतर घायल लोगों की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है, लेकिन कुछ मरीजों को अगले 24 घंटे तक विशेष निगरानी में रखा जाएगा।

मृतकों की पहचान हुई

नंदुरबार पुलिस ने हादसे में मारे गए आठ लोगों की पहचान कर ली है। ये सभी स्थानीय निवासी बताए जा रहे हैं जो तीर्थ यात्रा से लौट रहे थे। मृतकों के नाम हैं – गणेश भील, भूषण गोसावी, पवन मिस्त्री, बापू धनगर, चेतन पाटिल, योगेश ठाकरे, राहुल मिस्त्री और हीरालाल भील।

इन सभी के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। गांव में सन्नाटा छा गया है और हर किसी की आंखों में आंसू हैं। कई लोग अब भी यकीन नहीं कर पा रहे कि कुछ घंटे पहले तक जो लोग उनके साथ थे, अब हमेशा के लिए इस दुनिया को छोड़ चुके हैं।

पुलिस ने किया मामला दर्ज, जांच शुरू

तलोदा पुलिस थाने के अधिकारियों ने बताया कि इस हादसे को लेकर मामला दर्ज कर लिया गया है। ट्रक चालक विलास देसले के खिलाफ लापरवाही और तेज गति से वाहन चलाने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। प्राथमिक जांच में पता चला है कि वाहन अत्यधिक तेज रफ्तार में था और घाटी क्षेत्र में चालक ने नियंत्रण खो दिया।

पुलिस के अनुसार, ट्रक में सवार लोगों की संख्या उसकी क्षमता से अधिक थी, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ना स्वाभाविक था। जांच अधिकारी ने बताया कि तकनीकी टीम अब वाहन के ब्रेक और स्टीयरिंग सिस्टम की जांच कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि हादसा सिर्फ मानवीय भूल थी या वाहन की तकनीकी खराबी भी इसकी वजह बनी।

स्थानीय प्रशासन और नेताओं ने जताया शोक

जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया और स्थानीय समाचार चैनलों पर प्रसारित हुई, पूरे महाराष्ट्र में शोक की लहर दौड़ गई। नंदुरबार के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने तत्काल घटनास्थल का दौरा किया और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने भी हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिजनों को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की। घायलों के इलाज के लिए सरकार ने विशेष मेडिकल टीम भेजी है और अस्पताल में सभी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

स्थानीय विधायक और जनप्रतिनिधियों ने भी पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की और कहा कि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए घाट क्षेत्र में सुरक्षा उपायों को और सख्त किया जाएगा।

ग्रामीणों की बहादुरी से बची कई जानें

गांववालों ने इस पूरे हादसे में जो साहस दिखाया, वह वास्तव में सराहनीय है। बिना किसी डर या इंतजार के, ग्रामीण खाई में उतर गए और कई घायलों को अपनी पीठ पर उठाकर ऊपर लाए। कई लोगों ने अपने वाहनों का इस्तेमाल घायलों को अस्पताल पहुंचाने में किया।

एक स्थानीय ग्रामीण ने बताया कि जैसे ही उन्होंने ट्रक गिरने की आवाज सुनी, वे तुरंत मौके पर पहुंचे और देखा कि चारों ओर अफरा-तफरी मची हुई थी। उन्होंने बताया कि जब तक पुलिस आई, तब तक ग्रामीणों ने खुद ही कई लोगों को सुरक्षित निकाल लिया था।

परिवारों में मातम और गांव में शोक का माहौल

मृतकों के गांव में आज हर ओर मातम छाया हुआ है। जिन घरों से सुबह हंसी-खुशी यात्रा पर लोग निकले थे, वहां अब सन्नाटा और आंसू हैं। महिलाओं की चीखें और बच्चों की सिसकियाँ पूरे माहौल को और दुखद बना रही हैं।

परिजनों का कहना है कि उन्हें कभी नहीं लगा था कि यह यात्रा उनकी ज़िंदगी का आखिरी सफर साबित होगी। कई परिवारों के कमाऊ सदस्य इस हादसे में चले गए हैं, जिससे उनका भविष्य अधर में लटक गया है।

भविष्य के लिए सबक और चेतावनी

यह हादसा एक बड़ी चेतावनी की तरह है कि यात्रा या तीर्थ के दौरान सुरक्षा को लेकर लापरवाही कितनी घातक साबित हो सकती है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि घाट क्षेत्र के इन रास्तों पर भारी वाहनों को चलाने से पहले सुरक्षा मापदंडों का पालन करना जरूरी है।

ट्रैफिक विभाग अब इस सड़क पर चेतावनी बोर्ड लगाने और बैरियर मजबूत करने की योजना बना रहा है ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे रोके जा सकें।

मानवीय पहलू और संवेदना

हर सड़क हादसे की खबर के पीछे कुछ परिवारों का टूटा हुआ संसार होता है। नंदुरबार की यह घटना हमें फिर याद दिलाती है कि सड़क पर लापरवाही का कोई दूसरा मौका नहीं मिलता। रफ्तार और रोमांच के बीच सावधानी ही एकमात्र सुरक्षा है।

सरकार और समाज को मिलकर यह सुनिश्चित करना होगा कि ग्रामीण और घाटी इलाकों में सुरक्षित परिवहन व्यवस्था हो। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से यह मांग की है कि घाट क्षेत्र में सड़क की मरम्मत और गार्डरेलिंग की व्यवस्था जल्द की जाए।

               नंदुरबार का यह हादसा पूरे महाराष्ट्र के लिए एक दर्दनाक सबक है। एक क्षण की लापरवाही ने आठ परिवारों की दुनिया उजाड़ दी और पंद्रह से अधिक लोगों को घायल कर दिया। प्रशासन की तेज कार्रवाई और ग्रामीणों की बहादुरी ने कई लोगों की जान बचाई, लेकिन जो खो गए, उनकी भरपाई कभी नहीं हो सकती।

यह ज़रूरी है कि अब हर चालक, हर यात्री और हर अधिकारी इस हादसे से सबक ले। सावधानी और जिम्मेदारी ही सच्ची श्रद्धांजलि है उन लोगों के लिए जिन्होंने अपनी जान गंवाई।

ऐसे और भी National लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।

DIG Harcharan Singh Bhullar News: वर्दी में लिपटा भ्रष्टाचार

Diwali 2025 Special: क्यों खास है 2025 की दिवाली

PM Modi Andhra Visit: पीएम मोदी ने आंध्र प्रदेश में दिखाया विकास का रोडमैप, मल्लिकार्जुन मंदिर दर्शन और निवेश का ऐलान

Leave a Comment