मदिना में मुस्लिम युवक ने की प्रेमानंद जी महाराज की सलामती की दुआ: वृंदावन के प्रसिद्ध संत प्रेमानंद जी महाराज इन दिनों अपनी सेहत को लेकर चर्चा में हैं। सोशल मीडिया पर उनकी कुछ हालिया तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद देशभर के भक्तों में चिंता का माहौल बन गया था। महाराज जी के चेहरे पर सूजन और थकान के लक्षण देखकर कई लोगों ने स्वास्थ्य की जानकारी माँगी। इसी बीच, एक ऐसा वाकया सामने आया जिसने पूरे भारत को भावुक कर दिया — मदिना में एक मुस्लिम युवक ने प्रेमानंद जी महाराज की सलामती की दुआ मांगी। यह दृश्य न केवल धार्मिक सीमाओं से परे मानवता का प्रतीक है, बल्कि यह दिखाता है कि प्रेम और आस्था की कोई दीवार नहीं होती।

प्रेमानंद जी महाराज की स्वास्थ्य स्थिति:
प्रेमानंद जी महाराज, जो कि वृंदावन में प्रेम सेवा धाम आश्रम के प्रमुख संत हैं, किडनी की बीमारी से जूझ रहे हैं। आश्रम से जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, महाराज जी को नियमित डायालिसिस की आवश्यकता पड़ रही है। वे फिलहाल आश्रम में विश्राम कर रहे हैं और चिकित्सकों की निगरानी में हैं।
हाल ही में उनका एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें उनके चेहरे पर सूजन और आँखों के नीचे हल्की थकान दिखाई दी। इससे भक्तों में बेचैनी बढ़ गई। हालांकि, बाद में आश्रम की ओर से जारी बयान में कहा गया कि —
“महाराज जी की स्थिति स्थिर है। वे नियमित इलाज ले रहे हैं और जल्द ही पदयात्रा पुनः प्रारंभ करेंगे।”
दरअसल, प्रेमानंद जी महाराज की प्रसिद्ध पदयात्रा, जिसे वे हर वर्ष वृंदावन और आसपास के क्षेत्रों में करते हैं, इस बार स्वास्थ्य कारणों से अस्थायी रूप से स्थगित कर दी गई है। आश्रम ने भक्तों से अनुरोध किया है कि वे भीड़ एकत्रित न करें और महाराज जी के स्वास्थ्य लाभ के लिए घरों में प्रार्थना करें।
मदिना में मुस्लिम युवक की दुआ:
इस बीच एक भावनात्मक घटना ने देशभर में लोगों का दिल जीत लिया। प्रयागराज के रहने वाले सुफ़ियान इलाहाबादी नाम के युवक ने मदिना से एक वीडियो साझा किया। इस वीडियो में वे प्रेमानंद जी महाराज की एक तस्वीर अपने हाथ में लिए दुआ मांगते हुए दिखे।
सुफ़ियान ने कहा —
“मैंने सुना कि प्रेमानंद जी महाराज की तबीयत खराब है। मैं अल्लाह से दुआ करता हूँ कि उन्हें जल्द से जल्द शिफ़ा (स्वास्थ्य) मिले, ताकि वे अपने अनुयायियों का मार्गदर्शन करते रहें।”
उन्होंने आगे कहा —
“हिंदू या मुसलमान होना मायने नहीं रखता, इंसान का अच्छा होना ज़रूरी है। अगर एक इंसान दूसरे के लिए दुआ कर सकता है, तो वही असली इंसानियत है।”
यह वीडियो कुछ ही घंटों में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। हजारों लोगों ने इसे साझा करते हुए लिखा कि “यह भारत की असली पहचान है — जहाँ दिल मिलते हैं, धर्म नहीं टकराते।”
लोगों की प्रतिक्रिया:
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने सुफ़ियान की खूब तारीफ़ की। एक यूज़र ने लिखा —
“मदिना से प्रेमानंद महाराज के लिए दुआ… यह बताता है कि भारत अभी भी एक है, चाहे धर्म कुछ भी हो।”
दूसरे यूज़र ने लिखा —
“अगर कोई मुसलमान हिंदू संत के लिए दुआ कर सकता है, तो दुनिया में नफरत की कोई जगह नहीं रहनी चाहिए।”
वहीं, प्रेमानंद जी महाराज के भक्तों ने भी सुफ़ियान को धन्यवाद दिया और कहा कि यह भाईचारे का सबसे सुंदर उदाहरण है।
आश्रम का संदेश:
प्रेम सेवा धाम आश्रम की ओर से कहा गया कि महाराज जी को देश और विदेश से लाखों शुभकामनाएँ मिल रही हैं। भक्तों से अनुरोध है कि वे उनके लिए सकारात्मक ऊर्जा और प्रार्थनाएँ भेजें।
आश्रम ने यह भी बताया कि महाराज जी खुद लोगों को सद्भाव और भक्ति का संदेश देते रहे हैं। उनके अनुसार —
“ईश्वर हर दिल में है, चाहे वह किसी भी धर्म का क्यों न हो।”
प्रेमानंद जी महाराज की बीमारी की खबर जितनी चिंताजनक थी, मदिना से आई यह दुआ उतनी ही सुकून देने वाली साबित हुई। यह घटना सिर्फ एक संत या एक मुस्लिम युवक की कहानी नहीं है — यह उस भारत की तस्वीर है जहाँ मानवता सबसे बड़ा धर्म है।
आज जब दुनिया में धर्म के नाम पर दीवारें खड़ी की जा रही हैं, तब सुफ़ियान जैसे लोग हमें याद दिलाते हैं कि ईश्वर एक है, और उसकी राह इंसानियत से होकर गुजरती है।
प्रेमानंद जी महाराज के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए सभी धर्मों के लोग एक साथ प्रार्थना कर रहे हैं — यही भारत की असली ताकत है, यही प्रेम का सच्चा स्वरूप है।
“प्रेमानंद जी महाराज की सलामती के लिए मदिना में उठे हाथ यह बताते हैं कि जब दिल साफ़ हों, तो खुदा और भगवान में कोई फर्क नहीं रहता।”
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