Google New Update 2025: गूगल ने हाल ही में भारत में अपने एआई-पावर्ड सर्च अनुभव में एक बड़ा अपडेट जारी किया है। इस अपडेट के साथ अब यूजर्स अपने सवालों और जटिल समस्याओं का जवाब अपनी मातृभाषा में भी पा सकेंगे। पहले गूगल का एआई मोड केवल अंग्रेजी और हिंदी में उपलब्ध था, लेकिन अब यह मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और उर्दू जैसी प्रमुख भारतीय भाषाओं में भी इस्तेमाल किया जा सकेगा।
इस बदलाव से लाखों भारतीय यूजर्स अपनी भाषा में लंबी और गहरी बातचीत कर सकते हैं और सटीक उत्तर प्राप्त कर सकते हैं। यह केवल तकनीकी सुविधा नहीं है, बल्कि यह भारतीय भाषाओं के लिए डिजिटल समावेशन और सशक्तिकरण का एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
AI मोड: भारतीय भाषाओं में संवाद का नया अनुभव | Google New Update 2025

एआई मोड की विशेषता यह है कि यह यूजर्स को सिर्फ़ सवाल का जवाब देने तक सीमित नहीं रखता। यह जटिल विषयों, शोध कार्य, लेखन और प्रोडक्ट तुलना जैसे कार्यों में भी मदद करता है। गूगल का कहना है कि इस अपडेट के बाद भारत में इस मोड का उपयोग शिक्षा, ट्रिप प्लानिंग, उत्पादों की तुलना और व्यक्तिगत रचनात्मक कार्यों में पहले से कहीं अधिक बढ़ा है।
नई भाषाओं के समावेश का मतलब केवल अनुवाद नहीं है। गूगल का जेमिनी मॉडल स्थानीय भाषाओं की बारीकियों, वाक्य संरचना और सांस्कृतिक संदर्भ को समझते हुए उत्तर तैयार करता है। इसका फायदा यह है कि उपयोगकर्ता को न केवल सही उत्तर मिलेगा, बल्कि उसकी भाषा में सहज और स्वाभाविक रूप में जानकारी मिलेगी।
सर्च लाइव: कैमरा और वॉइस के साथ AI अनुभव
गूगल ने एआई मोड में एक नया फीचर ‘सर्च लाइव’ भी पेश किया है। इसके जरिए यूजर्स वॉइस कमांड और कैमरा का उपयोग करके सीधे सवाल पूछ सकते हैं और रियल-टाइम उत्तर पा सकते हैं। उदाहरण के तौर पर, कोई यूजर अपने कैमरे को सामग्री की ओर पॉइंट करके पूछ सकता है कि “इस सामग्री से आइस्ड माचा बनाने का सबसे अच्छा तरीका क्या है?” और तुरंत उत्तर प्राप्त कर सकता है।
सर्च लाइव फीचर विशेष रूप से DIY प्रोजेक्ट्स, ट्रबलशूटिंग, स्कूलवर्क, खाना बनाने की विधि, यात्रा की योजना और अन्य रोज़मर्रा के कामों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है। यह फीचर भारत को अमेरिका के बाद पहला ऐसा देश बनाता है, जहां यूजर्स सर्च लाइव अनुभव का लाभ उठा सकते हैं।
भारत में AI का बढ़ता प्रभाव
भारत में डिजिटल तकनीक और एआई का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। लाखों लोग प्रतिदिन विभिन्न डिजिटल टूल्स का इस्तेमाल कर रहे हैं और गूगल का AI मोड उनमें से सबसे प्रमुख उपकरण बन गया है। इसका व्यापक उपयोग शिक्षा, व्यवसाय, व्यक्तिगत योजनाओं और शोध कार्यों में किया जा रहा है।
एआई मोड ने यह साबित कर दिया है कि तकनीक केवल अंग्रेजी या हिंदी तक सीमित नहीं रह सकती। भारतीय भाषाओं में इसका समावेश डिजिटल दुनिया में समान अवसर प्रदान करता है। इस सुविधा के माध्यम से लोग अपनी मातृभाषा में सवाल पूछ सकते हैं और सहज रूप से जवाब पा सकते हैं।
जेमिनी मॉडल: गूगल का स्मार्ट AI
गूगल का जेमिनी मॉडल एआई मोड को शक्ति प्रदान करता है। यह मॉडल यूजर्स को उनकी भाषा, शैली और संदर्भ के अनुसार उत्तर देता है। यह केवल शब्दों का अनुवाद नहीं करता बल्कि स्थानीय भाषा की बारीकियों और उपयोग की शैली को समझकर उत्तर तैयार करता है।
जेमिनी मॉडल का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं है। यह यूजर्स के अनुभव को अधिक संवादात्मक और सहज बनाता है। चाहे आप कोई शोध कार्य कर रहे हों, कोई रेसिपी ढूंढ रहे हों या यात्रा की योजना बना रहे हों, यह एआई आपके हर सवाल का संतोषजनक उत्तर देता है।
सर्च लाइव का उपयोग कैसे करें
सर्च लाइव का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। यूजर्स गूगल ऐप खोल सकते हैं और सर्च बार के नीचे ‘लाइव’ विकल्प पर क्लिक कर सकते हैं। इसके अलावा, गूगल लेंस के माध्यम से भी लाइव मोड का उपयोग किया जा सकता है।
इस फीचर के जरिए यूजर्स रियल-टाइम हेल्प प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति अपने कैमरे को किसी रेसिपी या टेक्निकल आइटम की ओर पॉइंट कर सवाल पूछ सकता है और तुरंत समाधान प्राप्त कर सकता है। यह फीचर डिजिटल शिक्षा और DIY प्रोजेक्ट्स के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रहा है।
भारतीय भाषाओं में डिजिटल समावेशन
इस अपडेट का सबसे बड़ा लाभ यह है कि भारतीय भाषाओं में इंटरनेट और एआई का उपयोग आसान और सुलभ हो गया है। यह उन लोगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी है, जो अंग्रेजी या हिंदी में सहज नहीं हैं।
मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और उर्दू में एआई का विस्तार यह दर्शाता है कि तकनीक केवल शहरों तक सीमित नहीं है। यह ग्रामीण और ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुँच रही है। इस पहल से डिजिटल समानता और भाषा आधारित समावेशन को बढ़ावा मिलेगा।
शिक्षा और व्यवसाय में उपयोग
एआई मोड और सर्च लाइव फीचर शिक्षा और व्यवसाय में बड़े बदलाव ला रहे हैं। शिक्षक और छात्र अब अपनी मातृभाषा में सवाल पूछ सकते हैं और सही जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं।
व्यवसायिक क्षेत्र में, उत्पादों की तुलना, मार्केट रिसर्च और रियल-टाइम डेटा प्राप्त करना अब आसान हो गया है। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया और तेज़ और सटीक बन गई है।
भविष्य की संभावनाएं
गूगल की यह पहल भारत में एआई और डिजिटल शिक्षा के भविष्य को आकार देगी। भविष्य में और भी अधिक भाषाओं को जोड़ने और फीचर्स बढ़ाने की संभावना है। इससे भारत में डिजिटल साक्षरता और तकनीकी समावेशन को नई ऊंचाई मिलेगी।
यूजर्स अब अपनी मातृभाषा में जानकारी पा सकते हैं, संवाद कर सकते हैं और रियल-टाइम मदद प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल न केवल तकनीकी दृष्टि से, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है।
गूगल का यह अपडेट भारतीय भाषाओं में डिजिटल सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब मराठी, बंगाली, तमिल, तेलुगु, कन्नड़, मलयालम और उर्दू बोलने वाले लोग भी एआई का पूरा लाभ उठा सकते हैं।
सर्च लाइव और एआई मोड के माध्यम से उपयोगकर्ता रियल-टाइम, सहज और सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह पहल भारत में डिजिटल समानता, तकनीकी साक्षरता और एआई के व्यापक उपयोग की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो रही है।
इस अपडेट से यह स्पष्ट हो गया है कि गूगल भारतीय भाषाओं को प्राथमिकता देने और तकनीकी पहुंच को और व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
ऐसे और भी Technology टॉपिक के ऊपर लेखों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें! Khabari bandhu पर पढ़ें देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरें — बिज़नेस, एजुकेशन, मनोरंजन, धर्म, क्रिकेट, राशिफल और भी बहुत कुछ।
Realme 15 Pro 5G Game of Thrones Edition: Power, Prestige, and a Touch of Westeros
Vivo V60e 5G Launch in India: 200MP कैमरा और 6500mAh बैटरी के साथ धमाकेदार एंट्री, आज मचाएगा तहलका!
Moto G06 Power भारत में 7 अक्टूबर को लॉन्च: लंबी बैटरी और पावरफुल प्रोसेसर के साथ स्मार्टफोन