Mumbai Airport Drug News: मुंबई में मादक पदार्थों की तस्करी पर एक बार फिर राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने कड़ा प्रहार किया है। डीआरआई की मुंबई क्षेत्रीय इकाई ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम करते हुए 2.178 किलोग्राम कोकीन जब्त की है। इस ड्रग्स की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब ₹21.78 करोड़ आंकी गई है। इस कार्रवाई में दो विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया गया है और दोनों से पूछताछ जारी है।
फ्रीटाउन से मुंबई की उड़ान और गुप्त सूचना | Mumbai airport Drug news today

डीआरआई को गुप्त खुफिया जानकारी मिली थी कि फ्रीटाउन (सिएरा लियोन) से एक यात्री भारी मात्रा में कोकीन लेकर मुंबई आने वाला है। सूचना की पुष्टि होते ही अधिकारियों ने रणनीतिक रूप से मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (सीएसएमआईए) पर निगरानी बढ़ा दी।
जैसे ही वह यात्री मुंबई एयरपोर्ट पहुँचा, डीआरआई की टीम ने उसे रोका और उसके सामान की तलाशी ली। पहली नजर में सामान सामान्य लग रहा था — बैग में कुछ खाने-पीने की चीजें थीं, जिनमें से अधिकतर “खजूर” के पैकेट थे।
लेकिन अधिकारियों को इन पैकेटों पर शक हुआ। जब पैकेटों को खोलकर जांच की गई, तो पाया गया कि खजूर के बीजों की जगह काले रंग के छोटे-छोटे दानों में सफेद पाउडर जैसा पदार्थ भरा गया था।
डीआरआई की एनडीपीएस फील्ड टेस्ट किट से जब उस पदार्थ की जांच की गई, तो पुष्टि हुई कि वह कोकीन है।
खजूर में छिपाई गई कोकीन
यह तस्करी का तरीका बेहद चालाकी से अपनाया गया था। ड्रग्स तस्करों ने खजूर जैसे खाद्य पदार्थ का इस्तेमाल इसलिए किया ताकि सुरक्षा जांच में कोई शक न हो। हर खजूर के बीज को निकालकर उसकी जगह अंदर कोकीन के छोटे-छोटे पैकेट भरे गए थे और ऊपर से फिर से सील कर दिया गया था। बाहर से देखने पर यह बिल्कुल असली खजूर की तरह दिखता था।
डीआरआई अधिकारियों के मुताबिक, यह पहली बार नहीं है जब ड्रग्स को इस तरह खाने की चीजों में छिपाकर लाया गया हो। पहले भी चॉकलेट, बिस्किट, और सूखे मेवों में मादक पदार्थों को छिपाने के कई मामले सामने आ चुके हैं।
दूसरा आरोपी भी एयरपोर्ट पर ही पकड़ा गया
जांच में यह बात सामने आई कि यह यात्री अकेला नहीं था। जब वह कस्टम एरिया से बाहर निकलने वाला था, तभी एयरपोर्ट परिसर में मौजूद एक व्यक्ति से उसका संपर्क होना था जो इस खेप को रिसीव करने आया था। डीआरआई ने सतर्कता से दोनों को पकड़ लिया। दोनों आरोपियों की पहचान गुप्त रखी गई है, लेकिन बताया गया कि दोनों अफ्रीकी मूल के हैं।
प्राथमिक पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह कोकीन पश्चिम अफ्रीका से होकर भारत लाई गई थी और इसका गंतव्य मुंबई के माध्यम से किसी तीसरे देश तक पहुँचाना था।
एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू
डीआरआई अधिकारियों ने कोकीन को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की धाराओं के तहत जब्त कर लिया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ औपचारिक मामला दर्ज किया गया है।
दोनों से पूछताछ में यह भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह ड्रग्स नेटवर्क किस अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट से जुड़ा हुआ है।
डीआरआई का कहना है कि यह मामला केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं है — इसके तार संभवतः पश्चिम अफ्रीका, खाड़ी देशों और दक्षिण अमेरिका तक जुड़े हो सकते हैं।
भारत में बढ़ रही है अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी की चुनौती
बीते कुछ वर्षों में भारत अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी के एक ट्रांजिट हब के रूप में उभर रहा है। तस्कर भारत को एशिया, अफ्रीका और यूरोप के बीच एक “मिड पॉइंट” की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं।
सिर्फ मुंबई ही नहीं, बल्कि चेन्नई, दिल्ली और अहमदाबाद एयरपोर्ट पर भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं।
- इस साल की शुरुआत में मुंबई एयरपोर्ट से ₹62 करोड़ की कोकीन बरामद की गई थी, जो चॉकलेट पैकेटों में छिपाई गई थी।
- दिल्ली एयरपोर्ट पर हाल में एक विदेशी महिला के पास से 6 किलो हेरोइन पकड़ी गई।
- चेन्नई में ड्रग्स की खेप कॉफी पाउडर के पैकेटों में छिपाई गई थी।
ये मामले दिखाते हैं कि तस्कर लगातार नए और रचनात्मक तरीके अपनाकर सुरक्षा जांच को धोखा देने की कोशिश कर रहे हैं।
डीआरआई की तकनीक और सतर्कता
डीआरआई ने इस ऑपरेशन को अत्यधिक गोपनीय तरीके से अंजाम दिया। एजेंसी के सूत्रों के अनुसार, पिछले कुछ महीनों से एयरपोर्ट पर आने वाले यात्रियों की प्रोफाइलिंग को और मज़बूत किया गया है। अब सुरक्षा एजेंसियाँ केवल संदिग्ध व्यवहार नहीं, बल्कि असामान्य पैकिंग पैटर्न, वजन में असमानता, या गंध में अंतर जैसी छोटी-छोटी बातों को भी गंभीरता से लेती हैं।
एयरपोर्ट की जांच टीम को प्रशिक्षित किया गया है कि वे “मासूम दिखने वाले” पैकेटों को भी जांचे बिना न छोड़ें। इसी कारण यह ड्रग्स खेप हवाई अड्डे पर ही पकड़ ली गई।
डीआरआई का बयान: “नशा मुक्त भारत का संकल्प”
डीआरआई ने आधिकारिक बयान में कहा कि,
“हमारा संकल्प नशा मुक्त भारत बनाने का है। अंतरराष्ट्रीय मादक पदार्थ गिरोहों को खत्म करने, तस्करी रोकने और देश के नागरिकों की सुरक्षा के लिए हम निरंतर कार्यरत हैं।”
डीआरआई ने यह भी बताया कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग एजेंसियों जैसे इंटरपोल, यूएनओडीसी और अफ्रीकी ड्रग्स यूनिट्स के साथ मिलकर काम कर रहा है ताकि इन नेटवर्क्स को जड़ से खत्म किया जा सके।
ड्रग्स के खिलाफ भारत की जंग
भारत सरकार और डीआरआई, एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) जैसी एजेंसियाँ मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार अभियान चला रही हैं।
सिर्फ पिछले वर्ष में देशभर में 3,000 से अधिक मादक पदार्थ मामलों में कार्रवाई हुई और 8,000 किलो से ज्यादा कोकीन, हेरोइन, और मेथ जैसी खतरनाक ड्रग्स जब्त की गईं।
सरकार का उद्देश्य है कि 2040 तक भारत को पूरी तरह “नशामुक्त राष्ट्र” बनाया जाए। इस दिशा में न केवल कानून, बल्कि समाजिक जागरूकता और युवाओं के मार्गदर्शन पर भी बल दिया जा रहा है।
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