Vaishno Devi Yatra Update: वैष्णो देवी यात्रा 8 अक्टूबर से फिर शुरू, मां के दरबार में गूंजेगी ‘जय माता दी’, तीन दिन बाद खुले दरवाजे

Vaishno Devi Yatra Update: जय माता दी! मां वैष्णो देवी के भक्तों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। खराब मौसम और भूस्खलन की वजह से तीन दिनों के लिए स्थगित की गई श्री माता वैष्णो देवी यात्रा अब फिर से शुरू होने जा रही है।
माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड (SMVDSB) ने मंगलवार को यह जानकारी दी कि यात्रा 8 अक्टूबर 2025 की सुबह 6 बजे से दोबारा शुरू होगी। जैसे ही यह घोषणा हुई, भक्तों में हर्ष और उत्साह का माहौल फैल गया। कटरा से लेकर भैरव घाटी तक के मार्गों पर अब फिर से ‘जय माता दी’ के जयकारे गूंजने लगे हैं।

मां वैष्णो देवी – आस्था का प्रतीक | Vaishno Devi Yatra Update

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जम्मू-कश्मीर के त्रिकुट पर्वत की गोद में बसा श्री माता वैष्णो देवी धाम भारत की सबसे पवित्र धार्मिक स्थलों में से एक है। हर साल देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए आते हैं। कहा जाता है कि मां वैष्णो देवी हर उस भक्त की मनोकामना पूरी करती हैं जो सच्चे दिल से उनके दरबार में पहुंचता है। कटरा से लगभग 13 किलोमीटर की चढ़ाई के बाद भक्त भवन पहुंचते हैं, जहां तीन पिंडियों के रूप में मां की पूजा होती है—महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती।

हर साल नवरात्र के दौरान यहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। लेकिन इस बार खराब मौसम ने यात्रा को रोक दिया था।

खराब मौसम ने रोकी थी यात्रा

भारतीय मौसम विभाग ने 4 अक्टूबर को चेतावनी जारी की थी कि जम्मू संभाग में अगले तीन दिनों तक भारी बारिश और भूस्खलन की संभावना है। इसी चेतावनी के बाद श्राइन बोर्ड ने सुरक्षा कारणों से यात्रा को 5 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक स्थगित कर दिया था। श्राइन बोर्ड ने कहा था कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी स्थिति में उनके जीवन से समझौता नहीं किया जा सकता। भारी बारिश के कारण अर्धकुंवारी और भैरव घाटी मार्ग पर कई जगह भूस्खलन हुआ। कुछ स्थानों पर चट्टानें गिरने से रास्ता अवरुद्ध हो गया था।

भूस्खलन से हुई बड़ी त्रासदी

26 अगस्त को हुए भूस्खलन हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया था।
माता वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर हुए इस हादसे में 35 से अधिक श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 10 से अधिक घायल हुए थे।

हादसे के बाद प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आसपास के होटलों, धर्मशालाओं और यात्रियों के ठहरने के स्थानों को खाली करवाया।
इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन पर कई सवाल खड़े किए।

उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन

भूस्खलन त्रासदी के बाद जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने इस मामले की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति गठित की।
इस समिति में आपदा प्रबंधन, भू-वैज्ञानिक, इंजीनियरिंग और प्रशासनिक विशेषज्ञों को शामिल किया गया है।

समिति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
साथ ही, मंदिर मार्ग की भौगोलिक स्थिति का वैज्ञानिक अध्ययन करके भूस्खलन रोधी व्यवस्थाएं विकसित की जाएं।

उपमुख्यमंत्री ने अधिकारियों पर साधा निशाना

भूस्खलन की घटना के बाद जम्मू-कश्मीर के उपमुख्यमंत्री सुरिंदर चौधरी ने खुले तौर पर श्राइन बोर्ड के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि एसएमवीडीएसबी (SMVDSB) के कई अधिकारी समय रहते जरूरी कदम उठाने में विफल रहे, जिसके कारण इतना बड़ा नुकसान हुआ।

उन्होंने यह भी कहा कि तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और भविष्य में किसी भी आपदा के संकेत पर यात्रा को तुरंत रोका जाना चाहिए।

यात्रा फिर से शुरू होने पर भक्तों में खुशी

तीन दिनों के बाद जैसे ही माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने घोषणा की कि यात्रा फिर से शुरू हो रही है, देशभर के भक्तों में खुशी की लहर दौड़ गई। कटरा में बाजारों की रौनक लौट आई है। होटल और धर्मशालाएँ फिर से यात्रियों से भरने लगी हैं। श्राइन बोर्ड ने बताया कि 8 अक्टूबर की सुबह 6 बजे से सभी पंजीकरण काउंटर दोबारा खोले जाएंगे। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से यात्रा पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी। भक्तों को सलाह दी गई है कि वे केवल आधिकारिक चैनलों और श्राइन बोर्ड की वेबसाइट या सोशल मीडिया हैंडल्स के माध्यम से ही जानकारी प्राप्त करें।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं में सुधार

श्राइन बोर्ड ने यात्रा के दौरान सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत किया है। अब भवन तक जाने वाले पूरे मार्ग पर सर्विलांस कैमरे, ड्रोन निगरानी, और 24 घंटे कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। भूस्खलन प्रभावित मार्गों पर अब सुरक्षा दीवारें और नेटिंग सिस्टम लगाए गए हैं ताकि कोई चट्टान या पत्थर गिरने से नुकसान न हो। साथ ही, यात्रा मार्ग पर मेडिकल टीम और रेस्क्यू कर्मियों की तैनाती भी बढ़ा दी गई है। श्राइन बोर्ड ने नए सिरे से आपदा प्रबंधन योजना तैयार की है, जिसमें मौसम के पूर्वानुमान पर आधारित त्वरित निर्णय प्रक्रिया शामिल की गई है।

भक्तों के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

श्राइन बोर्ड ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की स्थिति की जानकारी लें और बोर्ड द्वारा जारी दिशानिर्देशों का पालन करें। कटरा से भवन तक कई वैकल्पिक रास्ते भी तैयार किए गए हैं, जिनका उपयोग जरूरत पड़ने पर किया जाएगा।

भक्तों को हल्के कपड़े, रेनकोट और आवश्यक दवाइयों के साथ यात्रा करने की सलाह दी गई है।
श्राइन बोर्ड ने यह भी कहा कि बुजुर्गों और बच्चों को खराब मौसम में यात्रा करने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए।

पर्यटन पर प्रभाव और उम्मीदें

भूस्खलन और मौसम की वजह से यात्रा बंद होने से कटरा और जम्मू के होटल व्यवसायों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा।
लेकिन यात्रा के दोबारा शुरू होने से स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन क्षेत्र में नई उम्मीद जगी है।

हर साल लगभग 90 लाख से अधिक श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आते हैं।
यह संख्या अब धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है क्योंकि नवरात्र भी नजदीक हैं, जो इस यात्रा का सबसे शुभ समय माना जाता है।

तकनीकी सुधार और भविष्य की योजनाएँ

श्राइन बोर्ड अब यात्रा को और अधिक सुरक्षित और सुगम बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों पर काम कर रहा है।
RFID आधारित ट्रैकिंग सिस्टम से हर यात्री की लोकेशन की जानकारी रखी जाएगी ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंचाई जा सके।

इसके अलावा, भवन और कटरा के बीच नए इलेक्ट्रिक रोपवे प्रोजेक्ट की योजना पर भी काम चल रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा मिलेगी।

          मां वैष्णो देवी के दरबार के द्वार एक बार फिर खुल गए हैं। तीन दिनों की बंदी के बाद अब भक्ति का माहौल लौट आया है—भक्तों के चेहरों पर फिर वही श्रद्धा, वही उत्साह दिखाई दे रहा है। श्राइन बोर्ड और प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और प्रबंधन के हर पहलू को और मजबूत बनाया है ताकि कोई भी श्रद्धालु परेशानी में न पड़े।
भूस्खलन की त्रासदी ने एक सबक दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं के सामने सावधानी ही सबसे बड़ा समाधान है।

मां वैष्णो देवी की कृपा से अब यात्रा फिर से शुरू हो रही है और लाखों भक्त उनके आशीर्वाद से अपनी मनोकामनाएं लेकर दरबार पहुंचेंगे।

जय माता दी! 🙏

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